











































किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ सूर्यकांत
लखनऊ। कोविड-19 से अभी देश पूरी तरह से निपट भी नहीं पाया है कि मंकीपॉक्स ने भी दस्तक दे दी है। इसके साथ ही कोरोना ने भी एक बार फिर से अपनी चाल बढ़ा दी है। छह माह बाद कोरोना संक्रमितों की तादाद एकाएक बढ़ी है।
ऐसे में कोविड काल में बरते जाने वाले जरूरी प्रोटोकाल को अपने व्यवहार में शामिल करने में ही खुद के साथ घर-परिवार और समुदाय की भलाई है। इन प्रोटोकाल में शामिल मास्क, एक दूसरे से उचित शारीरिक दूरी और हाथों की स्वच्छता कोरोना, मंकी पॉक्स के साथ ही टीबी, निमोनिया व अन्य संक्रामक बीमारियों और वायु प्रदूषण से भी सुरक्षा प्रदान करने में बेहद कारगर है।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ सूर्यकांत (Dr Suryakant, chairman of the Department of Respiratory Medicine KGMU) का कहना है कि मंकीपॉक्स (monkeypox) चेचक (smallpox) से मेल खाता हुआ कम गंभीर लक्षण वाला एक वायरल रोग है। हालाँकि मंकीपॉक्स का चिकनपॉक्स से कोई नाता नहीं है। मंकीपॉक्स का एक प्रमुख लक्षण शरीर पर चकत्ते या बड़े दाने (rash or large rash on the body) निकलना है। इसके साथ ही लिम्फ नोड में सूजन या दर्द (swelling or pain in lymph node), बुखार (fever) और सिर दर्द (headache) जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं।
मानव से मानव में इसका संक्रमण (Human-to-human infection) लम्बे समय तक रोगी के निकट सम्पर्क में रहने, रोगी के घावों की मरहम-पट्टी आदि के सीधे संपर्क में आने या संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों या बिस्तर के इस्तेमाल से फ़ैल सकता है। संक्रमण क्षेत्र वाले जानवरों जैसे- बंदर, गिलहरी, चूहे आदि के काटने या खरोच से भी इसका संक्रमण फ़ैल सकता है। इसे देखते हुए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जहाँ मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी (monkeypox as a global health emergency) घोषित किया है वहीँ भारत सरकार ने भी एडवाइजरी जारी की है।
डॉ सूर्यकांत का कहना है कि कोविड टीके की हर जरूरी डोज समय से लगवाने से कोरोना गंभीर रूप तो नहीं ले सकता किन्तु लापरवाही से उसकी चपेट में लोग जरूर आ सकते हैं। इसलिए कोविड टीकाकरण के साथ ही सभी जरूरी प्रोटोकाल को भी अभी अपने व्यवहार में निश्चित रूप से बनाए रखना हर किसी के लिए अभी बहुत जरूरी है। इसके साथ ही इधर कई त्योहार भी आने वाले हैं, इसलिए त्योहारों पर भी हर जरूरी प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन करना न भूलें।
बरतें यह सावधानी-
वर्ष 1958 में हुई थी मंकीपॉक्स की खोज-
डॉ सूर्यकांत का कहना है कि मंकीपॉक्स की खोज वर्ष 1958 में हुई थी, जब शोध के लिए रखे गए बंदरों की कॉलोनियों में चेचक जैसी बीमारी के दो प्रकोप हुए थे। "मंकीपॉक्स" नाम होने के बावजूद बीमारी का स्रोत अज्ञात है। मंकीपॉक्स का पहला मानव मामला वर्ष 1970 में दर्ज किया गया था। इस साल के प्रकोप से पहले कई मध्य व पश्चिमी अफ्रीकी देशों के लोगों में मंकीपॉक्स की सूचना मिली थी।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 371
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 238
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4655
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3983
एस. के. राणा February 04 2026 0 3766
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35420
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72490
सीरम इंस्टीट्यूट ने भारत के औषधि नियामक से 12 से 17 साल आयु वालों के समूह के लिए अपनी कोरोनारोधी वैक
चीन में एक और वायरस ने दस्तक दे दी है। H3N8 वायरस मानव में दुर्लभ है, यह पक्षियों में आम है, लेकिन
पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,59,632 नए मामले सामने आए, जो पिछले 224 दिन में सामने आए
अदरक के अंदर एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो न केवल त्वचा को कई समस्याओं से दूर कर सकते हैं बल्क
बादाम एंटीऑक्सीडेंट विटामिन ई के समृद्ध स्रोत के तौर पर जाने जाते हैं और जरूरी फैटी एसिड्स और पॉलीफे
डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक अब तक 380 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। 24 घंटे में एक मरीज ने दम तोड़ा है।
राजधानी में बढ़ते डेंगू के मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार एक बार फिर से लोगों के साथ मिलकर रोकथाम
सफल नाम से नैपकिन बनाकर इन महिलाओं ने तीन माह में ही अपने उत्पाद की साख बना ली है। इससे आकर्षित होकर
दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में H3N2 वायरस खतरा बढ़ गया है। वहीं अब इस वायरस
बहुत सारी महिलाये अपने जीवन में पीरियड के दौरान दर्द का अनुभव करती है। यह दर्द पेट के निचले हिस्से म

COMMENTS