देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

लक्षण नजर आएं तो गर्भवती की टीबी की जांच जरूर कराएँ

सिम्टोमेटिक स्क्रीनिंग में जिन गर्भवती में टीबी के लक्षण नजर आयें उनको टीबी जांच केन्द्रों पर अवश्य रेफर किया जाए। जाँच में जिन गर्भवती में टीबी की पुष्टि होती है उनका समय से उपचार शुरू किया जाएगा ताकि जच्चा-बच्चा को सुरक्षित बनाया जा सके।

रंजीव ठाकुर
July 06 2022 Updated: July 07 2022 03:25
0 30284
लक्षण नजर आएं तो गर्भवती की टीबी की जांच जरूर कराएँ प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अब गर्भवती के टीबी प्रबन्धन की पूरी तैयारी है। इसके तहत गर्भवती के प्रसव पूर्व जाँच में दो सप्ताह से खांसी व बुखार रहना, लगातार वजन कम होना और रात में पसीना आना जैसे लक्षण नजर आते हैं तो उनकी टीबी की जाँच करायी जाएगी। 

 

यह निर्णय ऐसे वक्त में लिया गया है जब नेशनल लेवल वर्चुअल प्रशिक्षण (national level virtual training) में यह बात निकलकर आई है कि उत्तर प्रदेश में हर साल करीब 8000 गर्भवती में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं (8000 pregnant women are found to have symptoms of TB)। इन गर्भवती की समय से टीबी की जाँच और इलाज से गर्भवती के साथ ही गर्भस्थ शिशु को भी सुरक्षित बनाया जा सकेगा। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (maternal and child mortality rate) में भी कमी लायी जा सकेगी।

  
 
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश (NHM UP) की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने इस सम्बन्ध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक निर्देश भी जारी किये हैं। इसके तहत प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं (15 से 49 वर्ष) के लिए सामूहिक टीबी प्रबन्धन का फ्रेम वर्क (TB management) इसी साल फरवरी में तैयार किया गया था। इसी क्रम में सूबे के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर गर्भवती की सिम्टोमेटिक स्क्रीनिंग (symptomatic screening of pregnant) करायी जाए। 

 

सिम्टोमेटिक स्क्रीनिंग में जिन गर्भवती में टीबी के लक्षण (TB symptoms in pregnant) नजर आयें उनको टीबी जांच केन्द्रों पर अवश्य रेफर किया जाए। जाँच में जिन गर्भवती में टीबी की पुष्टि होती है उनका समय से उपचार शुरू किया जाएगा ताकि जच्चा-बच्चा को सुरक्षित बनाया जा सके। निर्देश के क्रम में जनपद स्तर पर किये जाने वाले प्रबन्धन के बारे में कहा गया है कि जनपद स्तरीय गर्भवती में टीबी प्रबन्धन के लिए सहयोगात्मक ढांचा तैयार किया जाए। 

 

इसके लिए जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों का क्षमता वर्धन किया जाए और मातृत्व शिशु सुरक्षा कार्ड (MCP Card) पर स्क्रीनिंग लक्षणों को दर्ज किया जाए । इस सारी प्रक्रिया की समीक्षा और अनुश्रवण के लिए जरूरी सूचकांक एचएमआईएस पोर्टल (HMIS) और निक्षय पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर तय किये गए हैं। 

 

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ सुजाता देव (Sujata Dev, gynecologist and obstetrician at KGMU) का कहना है कि गर्भवती की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, ऐसे में उनके संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने की गुंजाइश ज्यादा होती है। उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) वाली महिलाओं को तो खासतौर पर टीबी के संक्रमण से सुरक्षित बनाने की जरूरत है।

 

इसलिए गर्भवती में अगर टीबी के लक्षण नजर आते हैं तो समय से जाँच और उपचार शुरू करने से जच्चा-बच्चा को सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि गर्भवती चार जरूरी प्रसव पूर्व जांच जरूर कराएँ और गर्भावस्था के दौरान अपने खानपान का भी पूरा ख्याल रखें। आयरन और कैल्शियम की जरूरी गोलियों  का भी सेवन जरूर करें। गर्भवती को छाती रोग विशेषज्ञ से जांच कराकर टीबी का इलाज जारी रखना चाहिए।

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

देश में अब तक 22% लोगों ने लगवाई ‘प्रिकॉशन डोज़’

देश में अब तक 22% लोगों ने लगवाई ‘प्रिकॉशन डोज़’

विशेष संवाददाता September 27 2022 26077

देश में अब तक 22% लोगों ने लगवाई ‘प्रिकॉशन डोज़’ लगवाई है। वयस्कों के लिए फ्री वैक्सीनेशन ड्राइव शुर

जानलेवा भी साबित हो सकता है निमोनिया, बरतें ये सावधानियां

जानलेवा भी साबित हो सकता है निमोनिया, बरतें ये सावधानियां

आरती तिवारी November 13 2022 66691

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि निमोनिया दो तरह के होते हैं। पहला लोवर निमोनिया

बच्चे हो रहे लीवर फेलियर का शिकार: डा. प्रवीण झा

बच्चे हो रहे लीवर फेलियर का शिकार: डा. प्रवीण झा

हुज़ैफ़ा अबरार February 18 2023 77182

कई नवजात शिशु लीवर से संबंधित बीमारियों से पीडि़त होते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि अपने बच्चे का ब्लड ट

दिल्ली के अस्पतालों में ऑनलाइन होगा ओपीडी रजिस्ट्रेशन

दिल्ली के अस्पतालों में ऑनलाइन होगा ओपीडी रजिस्ट्रेशन

एस. के. राणा October 08 2022 39912

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने के मुताबिक उसमें जरूरी जानकारियां जैसे-नाम, आयु, पि

कोरोना तीसरी लहर की निगरानी में नए म्यूटेंट पर ध्यान केन्द्रित - राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र।

कोरोना तीसरी लहर की निगरानी में नए म्यूटेंट पर ध्यान केन्द्रित - राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र।

हे.जा.स. August 12 2021 25018

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने बताया कि कोरोना तीसरी लहर की निगरानी बारीकी से की जा रही है और साथ

एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ी, 100 मरीज प्रतीक्षा सूची में

एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ी, 100 मरीज प्रतीक्षा सूची में

हुज़ैफ़ा अबरार February 11 2022 107632

पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन का कहना है कि संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ गई है। एक रोबोट से ऑ

हेल्थकेयर सेक्टर में वेतन विसंगति का शिकार हैं महिलाएं: विश्व स्वास्थ्य संगठन

हेल्थकेयर सेक्टर में वेतन विसंगति का शिकार हैं महिलाएं: विश्व स्वास्थ्य संगठन

हे.जा.स. July 14 2022 33948

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताज़ा साझा रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि ह

वैश्विक पुनर्स्थापना की ओर अग्रसर है आयुर्वेद : प्रो. एके सिंह

वैश्विक पुनर्स्थापना की ओर अग्रसर है आयुर्वेद : प्रो. एके सिंह

आनंद सिंह April 01 2022 23687

कोरोना के संकट में आयुर्वेद की उपयोगिता सच्चे हितैषी के रूप में प्रमाणित हुई है। आयुर्वेद के विद्यार

एरा मेडिकल कॉलेज में 162 प्रतिशत टीकाकरण, हेल्थ वर्कर्स ने लगवाये टीके।

एरा मेडिकल कॉलेज में 162 प्रतिशत टीकाकरण, हेल्थ वर्कर्स ने लगवाये टीके।

हुज़ैफ़ा अबरार February 20 2021 27323

एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल एमएमए फरीदी ने कहा कि 28 दिन बाद वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जाती ह

सद्गुरु सेवा ट्रस्ट एवं संगम यूथ फाउंडेशन ने आयोजित किया मुफ्त नेत्र शिविर।

सद्गुरु सेवा ट्रस्ट एवं संगम यूथ फाउंडेशन ने आयोजित किया मुफ्त नेत्र शिविर।

February 14 2021 23735

242 लोगों का किया गया परीक्षण, 19 मरीजों को आपरेशन के लिए चिन्हित कर निशुल्क इलाज के लिए भेजे गए अस्

Login Panel