











































निक्षय मित्र
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल पर वर्ष 2019 से टीबी पीड़ित बच्चों को गोद लेने की प्रथा शुरू हुई थी ताकि टीबी से पीड़ित बच्चों का उचित उपचार हो सके और उन्हें समुचित पोषण मिल सके ताकि देश का भविष्य उज्जवल हो। इस कार्यक्रम में यूपी के निक्षय मित्र देश में सबसे आगे हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) की पहल के बाद तमाम शिक्षण संस्थानों , अधिकारियों, समाज सेवियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने टीबी संक्रमित बच्चों को गोद (adopted TB infected children) लिया। इन बच्चों को गोद लेने के बाद इन्हें संतुलित पोषण के साथ ही इनके परिवार के लोगों को भावनात्मक और सामजिक सहयोग भी दिया जा रहा है। उनका मनोबल बढ़ाया जा रहा है ताकि ये बच्चे इस बीमारी से सफलता के साथ लडाई लड़ सके और स्वयं को इस बीमारी से मुक्त कर सकें।
जो लोग टीबी मरीजों को गोद ले रहे हैं, उन्हें निक्षय मित्र (Nikshay Mitras) का नाम दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश निक्षय मित्र के आंकड़े में सबसे आगे है। 22 अगस्त 2022 के निक्षय डैशबोर्ड (Nikshay Dashboard) के अनुसार प्रदेश में अब तक कुल 330 निक्षय मित्र बन चुके हैं | 2,04,181 टीबी मरीज़ (TB patients) सामुदायिक सहयता के लिए सहमति दे चुके हैं। 2064 टीबी मरीजों को सामुदायिक सहयोग प्राप्त हो चुका है।
मेडिकल एजुकेशन के निदेशक एवं पल्मोनरी मेडिसिन एराज़ लखनऊ के विभागाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के नेशनल टास्क फ़ोर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद (Professor Rajendra Prasad) बताते हैं कि इस वर्ष विश्व क्षय रोग दिवस (World Tuberculosis Day) पर टीबी ग्रसित बच्चों के साथ ही वयस्कों को भी गोद लेने की शुरुआत हुई। इस सामुदायिक सहयोग की शुरुआत से टीबी मरीजों को पोषण सहयोग (nutritional support) के साथ ही इस बात का अनुभव हो रहा है कि टीबी से लडाई में वे अकेले नहीं है बल्कि समाज उनके साथ है। निक्षय मित्र के रूप में उन्हें ऐसे मित्र मिले हैं जो उन्हें भावनात्मक सहयोग दे रहें हैं, उनके आस-पास के लोगों की टीबी से सम्बंधित भ्रांतियों को दूर कर रहें हैं।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (TB eradication program) में निक्षय मित्र के आने से कार्यक्रम को एक सकारात्मक दिशा मिल रही है। निश्चय ही इसके परिणाम बहुत सकारात्मक होंगे और टीबी हारेगा, देश जीतेगा।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 791
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3619
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थ सारथी स
आज के समय में वजन बढ़ना या मोटापा एक आम बीमारी हो गई है और लगभग 70 प्रतिशत लोग इसके शिकार बन रहें है
राकेश कुमार के भतीजे जो एम्स ट्रॉमा सेंटर में आपातकालीन चिकित्सा विभाग में जूनियर रेजिडेंट हैं, उन्ह
मेडिकल कॉलेजों की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुधारने की नई रणनीति बनाई गई है। अब सभी कॉलेजों को अति
जहरीला फल खाने से बच्चों की तबीयत खराब हो गई। आपको बता दें कि मिर्जापुर के चुनार थाना क्षेत्र के कां
केला अधिक प्यास लगने की समस्या, जलन, चोट लगने पर, आंखों की बीमारी में लाभ पहुंचाता है। केला से कान क
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कुमाऊं का सबसे बड़ा अस्पताल है। दरअसल सुशीला तिवारी अस्पताल में हर रोज करी
कफ़ सीरप का प्रयोग खांसी को दूर भगाने के लिए किया जाता है लेकिन इसमें नशे की मात्रा होने से बहुत से ल
प्रदेश में अब कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 873 हो गए हैं। साथ ही 108 लोगों ने कोरोना को मात दी। प्रद
यूपी में कोरोना वायरस संक्रमण की दर भले ही नियंत्रण में हो लेकिन वायरल फीवर का अटैक कम नहीं हो रहा।

COMMENTS