











































स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 से पीड़ित बच्चा
सुल्तानपुर। सौरमऊ निवासी सुमित सिंह का 8 माह का बेटा अनामय गंभीर बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 से पीड़ित है और उसके इलाज के लिए डॉक्टर्स ने 16 करोड़ रुपए का खर्च बताया है। सोशल मीडिया पर अपील करने के बाद काफी लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
सुल्तानपुर (Sultanpur) में गंभीर बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 (Spinal Muscular Atrophy Type-1) से पीड़ित तनमय (save Tanmay) को सरकारी सहायता तो अभी तक नहीं मिली लेकिन सोशल मीडिया पर अपील करने के बाद लगभग 90 लाख रुपए एकत्र हो चुके है। दिल्ली के सर गंगाराम हास्पिटल (Sir Ganga Ram Hospital) के डॉक्टर्स ने जांच के बाद इस बीमारी के बारे पता लगाया था।

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 एक दुर्लभ बीमारी (rare disease) है। पीड़ित बच्चे की मांसपेशियां कमजोर होती हैं, शरीर में पानी की कमी होने लगती है और स्तनपान करने में और सांस लेने में दिक्कत होती है। इस बीमारी बच्चा पूरी तरह से निष्क्रिय सा हो जाता है।
इस बीमारी का सिर्फ एक ही इलाज है Zolgensma injection, जो स्विटजरलैंड की कम्पनी नोवार्टिस (Novartis) तैयार करती है। कम्पनी का दावा है कि यह इंजेक्शन एक तरह का जीन थैरेपी ट्रीटमेंट (gene therapy treatment) है। जिसे एक बार लगाया जाता है। इसे स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी से जूझने वाले 2 साल से कम उम्र के बच्चों को लगाया जाता है। नोवार्टिस ने इसकी कीमत 16 करोड़ रुपए (16 crores injection) तय कर रखी है।
तनमय को बचाने के लिए कादीपुर के शांति देवी इंटर कालेज के बच्चों ने बाजार में दुकानों पर जा-जाकर 16,560 रुपये चंदा जुटाकर भेजे। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य शांतनु महाराज (Acharya Shantanu Maharaj), अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) सहित कई स्वयंसेवी संस्थाएं और समाज के लोग धन एकत्र कर रहे हैं। वही सरकार की तरफ से अभी कोई मदद नहीं दी गई।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3059
एस. के. राणा January 20 2026 0 2681
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2618
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2513
एस. के. राणा February 01 2026 0 2149
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102019
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106393
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106709
admin January 04 2023 0 106725
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97047
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85484
आयशा खातून December 05 2022 0 140161
लेख विभाग November 15 2022 0 109253
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158526
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109431
लेख विभाग October 23 2022 0 94170
लेख विभाग October 24 2022 0 97649
लेख विभाग October 22 2022 0 103365
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106263
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100630
लंपी वायरस से बचाव के लिए ग्वालियर एवं चम्बल संभाग में गोवंश को अभी तक 3 लाख 87 हजार 193 टीके लगाए ज
अस्थमा (दमा) श्वसन मार्ग का एक जीर्ण सूजन वाला रोग है, जो कि ज्यादातर आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों
वेबिनर होम्योपैथी कि स्त्री रोगों में भूमिका विषय पर था। कार्यक्रम कि अध्यक्षता डॉ0 रचना श्रीवास्तव
स्थानान्तरण नीति पर सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया। अब स्वयं के अनुरोध पर ही स्थानान्तरण होगा तथा पद
वर्तमान में, चिकनगुनिया बुख़ार का कोई भी इलाज़ नहीं है और इस रोग से बचने का एकमात्र उपाय है- मच्छरों
साल 2002 में सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पैच मार्केट में आया था। 17 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इस
किसी संक्रमण या चोट के कारण लीवर को क्षति पहुँचती है तब वह बिलीरुबिन को रक्त से अलग नहीं कर पाता है
यदि किसी व्यक्ति को पाचन में परेशानी होती है, अकारण थकावट होती है, मांसपेशियों की कसावट कम होने लगती
बलरामपुर अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अधिकारी डॉक्टर सौरभ सिंह ने बताया कि इन दिनों उनके यहां सबसे ज्य
राजधानी लखनऊ के दो बड़ी सरकारी अस्पतालों समेत 19 सीएचसी पर बिना पैथोलॉजिस्ट के ही मरीजों के खून की ज

COMMENTS