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मेरठ (लखनऊ ब्यूरो )। मानसून में डेंगू की दस्तक हो चुकी है। डेंगू और मलेरिया के खतरे को देखते हुए प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जनपद मेरठ के लोगों की सहूलियत के लिए स्वास्थ्य विभाग और मलेरिया विभाग ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, निजी पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए इलाज और जांच के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें जांच पर विशेष ध्यान रखते हुए सही जांच के निर्देश दिए गये हैं।
मलेरिया अधिकारी सत्य प्रकाश ने बताया वेक्टर बार्न डिजीज को लेकर विभाग गंभीर है। विभाग द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। लोगों से अपील की गयी है कि वह अपने घरों और आसपास सफाई रखें और मच्छर (mosquitoes) न पनपने दें। साथ ही उन्होंने कहा यदि विभाग द्वारा की गयी चेकिंग के दौरान किसी के घर अथवा संस्थान में मच्छर का लार्वा पाया गया तो चालान कर जुर्माना वसूला जाएगा।
साथ ही जांच में डेंगू (dengue), मलेरिया (malaria) की पुष्टि होने पर एक सैम्पल जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज की लैब पहुंचाने के निर्देश दिए गये हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer) डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि निजी अस्पतालों को निर्देश दिये गये हैं कि वेक्टर जनित रोगों से ग्रसित रोगियों का इलाज करने के लिए अलग से बेड की व्यवस्था की जाए और उन्हें मच्छरदानी लगाकर तैयार रखा जाए ताकि अन्य रोगियों को संक्रमित होने से बचाया जा सके। मलेरिया की पुष्टि रक्त पट्टिका से और डेंगू की पुष्टि एनएस1 एलाइजा व मैक एलाइजा द्वारा ही की जाए। इसके साथ ही किसी भी मरीज में रोग की पुष्टि घोषित किये जाने की दशा में एक अतिरिक्त नमूना दोबारा जांच के लिए सीएमओ आफिस (CMO), जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज (medical college) की लैब को उपलब्ध कराया जाए।







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