











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। ओमीक्रोन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसर हीलाहवाली कर रहे हैं। ऐसा तब है जब दिल्ली में ओमीक्रोन की चपेट में कई लोग आ चुके हैं। दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग रोज लखनऊ आ रहे हैं। इसके बावजूद कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग में सुस्ती बरती जा रही है। बड़ी संख्या में लोग निजी वाहन से आ रहे है। इनकी जांच नहीं हो पा रही है। वहीं अफसर जांच की संख्या बढ़ाने का दावा कर रहे थे। जो कि हवा हवाई साबित हो रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में रोजाना 25 से 30 हजार जांच हो रही थी। अब जब संक्रमण बढ़ रहा है। रोजाना दो से पांच लोग संक्रमण की जद में आ रहे हैं। वहीं ओमीक्रोन का खतरा भी बना हुआ है। इसके बावजूद अफसर कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने में सुस्त हैं। अभी भी 10 से 12 हजार लोगों की जांच का दावा किया जा रहा है। जबकि बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर लोग बिना स्क्रीनिंग व जांच के बाहर आने में कामयाब हो रहे हैं। हाईवे का भी यही हाल है। टोल पर लोग बिना जांच के लखनऊ सीमा में दाखिल हो रहे हैं। अफसरों की सुस्ती से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
ओमीक्रोन के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग के अफसर सुस्त बने हुए हैं। अभी तक ओमीक्रोन संक्रमितों के लिए अलग से वार्ड तक नहीं बनाया गया है। मसलन यदि किसी में ओमीक्रोन संक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे कोरोना के सामान्य अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4011
एस. के. राणा January 20 2026 0 3906
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
एस. के. राणा January 13 2026 0 3885
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3248
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34126
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35007
लेख विभाग March 19 2022 0 34489
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71783
वैज्ञानिकों ने बताया है कि नया डेल्टा प्लस वेरिएंट, वायरस के K417N म्यूटेशन के कारण बना है। वैज्ञानि
पॉवर डिसाइड हो जाने के बाद ग्लास का क्या रोल होता है क्योंकि ग्लासेस की कीमतों में काफी अंतर होता है
एक दिन में कोविड-19 के 3,66,161 मामले सामने आए और इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,26
इसकी पहुंच दूर दराज़ और दुर्गम क्षेत्रों तक है। रोगी को डॉक्टर तक पहुंचने वाले बहुमूल्य समय की बचत हो
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय देशभर के एम्स में केंद्रीय स्तर पर नियुक्तियां करने पर विचार कर रहा है।
यूरोपीय देशों विशेषकर ब्रिटेन में लैंब्डा स्वरूप (सी.37) से संक्रमण के अब तक छह मामले सामने आने की ब
कोविड-19 टीकाकरण पर एक सरकारी पैनल ने बायोलॉजिकल-ई के कॉर्बेवैक्स को अनुमति देने की सिफारिश की है। र
आर्थराइटिस ना हो इसके लिए सबसे पहले खुद की दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।
प्रस्ताव के अनुसार एक्यूपंचर चिकित्सा पद्धति को केंद्र सरकार केे अनुरूप प्रदेश में भी मान्यता दी जाए
इसके साथ ही एम्स को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गयी है। एम्स प

COMMENTS