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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सन 2025 तक टीबी को पूरी तरह समाप्त करने का फरमान जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश के नए चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने भी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की तरह टीबी मुक्त यूपी बनाने की मुहिम छेड़ दी है लेकिन धरातल पर कैसी दिक्कतें आ रही है हेल्थ जागरण (health jagaran) इसकी पड़ताल करने निकल पड़ा है।
सबसे पहले हमने रुख किया आलमबाग का क्योंकि कैण्ट विधानसभा से उपमुख्यमंत्री (Dy CM) तथा चिकित्सा स्वास्थ्य (health minister) मंत्री बृजेश पाठक चुन कर आए हैं। बहुत ढूंढने पर आलमबाग टीबी केन्द्र (TB Centre) हमें चंदर नगर स्वास्थ्य केन्द्र के पीछे मिला जो पूरी तरह उपेक्षित दिखा। झाड़ियों के बीच पगडंडी से हो कर जब हम टीबी केन्द्र पहुंचे तो वहां एक बोर्ड तक नहीं लगा दिखाई दिया। अंधेरे में सीढियां चढ़ कर जब हम पहली मंजिल पहुंचे तो वहां फार्मासिस्ट नवीन शुक्ला से मुलाकात हुई। उन्होंने कैमरे के सामने आने से मना किया लेकिन सवालों के जवाब जरूर दिए।
हेल्थ जागरण - यहां तक आने का रास्ता और भवन तो खुद टीबी ग्रसित है फिर इलाज कैसे हो रहा है?
नवीन शुक्ला - चंदर नगर अस्पताल में नई बिल्डिंग बन रही है उसमें इस केंद्र को शिफ्ट करना था लेकिन बरसों गुजर गए बिल्डिंग नहीं बन सकी। अब केन्द्र को आगे अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में भेजा जाने वाला है।
हेल्थ जागरण - क्या 2025 तक उत्तर प्रदेश टीबी मुक्त हो सकता है?
नवीन शुक्ला - देखिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं आगे क्या होगा मुझे नहीं पता।
हेल्थ जागरण - सरकार से कैसा सहयोग मिल रहा है?
नवीन शुक्ला - मैं अपने मरीजों का अपने स्तर पर ध्यान रखता हूं। किसी भी चीज की कमी आती है तो मैं उसे अपने स्तर पर ठीक कर लेता हूं।
हेल्थ जागरण - क्या डाट्स सेंटर (DOTs center) पूरी तरह सहयोग करते हैं?
नवीन शुक्ला - देखिए मैंने पहले ही बताया कि मैं अपने स्तर से मरीजों का पूरा ध्यान रखता हूं।
बहरहाल गौरव शुक्ला जी ने किसी भी समस्या को रेखांकित नहीं किया। फिर भी एक डॉक्टर और एक लैब टेक्नीशियन वो भी नदारद के भरोसे कैसे टीबी का खात्मा होगा इसकी पूरी तस्वीर बयान कर दी। पगडंडी से गुजर कर टीबी केन्द्र खोजना और पहुंचना अपने आप में ही एक बड़ी तथा गम्भीर चुनौती है। पता लगा कि लोकबंधु अस्पताल में टीबी केन्द्र है इसलिए यहां डॉक्टर कभी कभी और लैब टेक्नीशियन जांच करने हफ्ते में मात्र दो बार ही आते हैं।
तो ये रही ज़मीन हकीकत आलमबाग टीबी केन्द्र की। इसके बाद हम रुख करेंगे राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित टीबी केन्द्र का।







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