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लखनऊ। सेना चिकित्सा कोर (AMC) केंद्र एवं कॉलेज, लखनऊ के ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज में मेडिकल ऑफिसर बेसिक कोर्स -238 के समापन पर सेरेमोनियल परेड आयोजित की गई।
9 सप्ताह का पाठ्यक्रम युवा सशस्त्र बलों के चिकित्सा और दंत चिकित्सा अधिकारियों को प्रभावी ढंग से अपने कर्तव्यों का पालन करने और युवा डॉक्टरों को चिकित्सा और दंत चिकित्सा अधिकारियों के रूप में उन्हें सशक्त बनाने के लिए एक गहन युद्ध चिकित्सा सहायता प्रशिक्षण प्रदान करता है।
इस पाठ्यक्रम में 116 नव कमीशन अधिकारी (newly commissioned officers) शामिल थे, जिनमें त्रि-सेवा प्रतिनिधित्व के साथ 30 महिला सैन्य अधिकारी (women military officers) शामिल थीं। परेड को पूरी सैन्य परंपराओं व सैन्य सटीकता के साथ आयोजित किया गया था।

इस सेरेमोनियल परेड (ceremonial parade) की समीक्षा सेना चिकित्सा कोर (एएमसी) केंद्र एवं कॉलेज लखनऊ के सेनानायक व एएमसी अभिलेख प्रमुख तथा आर्मी मेडिकल कोर के कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप मुखर्जी द्वारा की गई।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट मयंक प्लाहा को पाठ्यक्रम का सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल अधिकारी चुना गया और कमांडेंट की रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया जबकि कैप्टन साहिल शर्मा को फील्ड इवेंट्स में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी होने के लिए मेजर लैशराम ज्योतिन सिंह, अशोक चक्र मेमोरियल ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल संदीप मुखर्जी ने उन्हें पेशेवर क्षमता के उच्चतम क्रम को बनाए रखते हुए सेना चिकित्सा कोर की परंपराओं को बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने अधिकारियों को ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज (Officers Training College) में दिए गए ज्ञान को लगातार अपग्रेड करने और आगे बढ़ाने की भी सलाह दी। सशस्त्र बलों (Armed Forces) द्वारा प्रदान किए गए अवसरों पर जोर देते हुए, उन्होंने उन्हें अपनी पेशेवर आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा क्षेत्र और शांति में हमारे सैनिकों की गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उन सभी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और परेड के सावधानीपूर्वक संचालन के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के अधिकारियों सहित इस पाठयक्रम में शामिल हुए सैन्य अधिकारियों के लगभग 200 से अधिक गौरवान्वित माता-पिता और परिजन मौजूद थे।







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