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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लोहिया संस्थान में एक सात साल के बच्चे के पेट में पित्त की थैली (gall bladder) से 250 ग्राम की 250 पथरी निकाली गई है। चिकित्सकों ने लैप्रोस्कोपिक विधि (laparoscopic method) से इन्हें निकाला। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
पीडियामिट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. तनवीर रोशन खान ने बताया कि करीब दो घंटे की सर्जरी के बाद पथरी निकाली गईं। 7 साल के बच्चे के पित्त की थैली में इतनी मात्रा और वजन की पथरी देखने को नहीं मिलती हैं। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. तनवीर के अलावा डॉ. श्रीकेश सिंह,डॉ. सौरभ और डॉ. आनंद दीक्षित शामिल रहे।
बता दें कि पित्ताशय या पित्त की थैली एक छोटे आकार का, नाशपाती जैसा अंग है जो यकृत के नीचे पाया जाता है। इसका मुख्य कार्य यकृत द्वारा छोड़े गए पित्त रस को एकत्रित करना है। जब पित्ताशय की थैली में सूजन या संक्रमण हो जाता है तो इसे कोलेसिस्टिटिस (cholecystitis) कहते हैं। यह ज्यादातर पित्त की थैली से निकलने वाली अवरुद्ध नलियों के कारण होता है।







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