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इस मौके पर लखनऊ मेट्रो अस्पताल एवं लखनऊ मेट्रो इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स के डायरेक्टर डॉ फहद इस्लाही भी मौजूद रहें। कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम नर्सिंग के विद्यार्थियों ने सेवा एवं कर्तव्य निष्ठा से कार्य करने की शपथ ली। वहीं कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों का स्वागत कर स्मृति चिन्ह प्रदान किए गये।

उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री (Health and Medical Education Minister) ब्रजेश पाठक ने इस अवसर पर भेजे गए संदेश में कहा कि आज इस मौके पर चिकित्सा जगत में कार्य करने के लिए शपथ ग्रहण करने वाले नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स (nursing and paramedics) के विद्यार्थियों को मैं बधाई देता हूं। मैं आशा करता हूं ये विद्यार्थी मरीजों की सेवा करें एवं इनका ध्येय गरीबों, वंचितों व पीड़ितों की सेवा करना हो ऐसी मैं प्रार्थना करता हूं।
लखनऊ मेट्रो अस्पताल एवं लखनऊ मेट्रो इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स (Lucknow Metro Institute of Nursing and Paramedics) के डायरेक्टर डॉ फहद इस्लाही ने कहा कि कोरोना के बाद से नर्सों की मांग दुनियाभर में बढ़ी है। इसी कारण युवाओं का रूझान नर्सिंग की ओर काफी बढ़ा है। नर्सिंग के क्षेत्र में बहुत कुछ नया हो रहा है। उन्होंने कहा कि नर्स को मां का दर्जा (status of mother) दिया गया है, डाक्टर के बाद मरीज की सारी जिम्मेदारी नर्सों पर ही होती है। इसी वजह से अगर नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ (nurses and paramedical staff) अपना व्यवहार अच्छा रखे तो आधे से ज्यादा मर्ज दूर हो जाता है। वहीं अस्पताल के डायरेक्टर डॉ आमिर इस्लाही ने कहा कि किसी भी मरीज को स्वस्थ करने में सिर्फ डाक्टर की ही भूमिका नहीं होती, बल्कि मरीज की दिन-रात देखभाल करने वाली नर्स का किरदार भी अहम होता है। समर्पण (dedication) और सेवा भाव से मरीज की झुंझलाहट सहकर नर्स उसे सेहतमंद बनाने में खास मददगार होती है। ये कार्यक्रम उनके सम्मान को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।

डॉ फहद इस्लाही कहा कि नर्सिंग के क्षेत्र में अब महिलाओं के साथ पुरूष भी बड़ी संख्या में भागीदारी कर रहे हैं। इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा नर्सिंग परिषद और नर्सिंग सेल को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। विदेशों में नर्सिंग के सुनहरे मौकों ने भारत से नर्सों की बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, जिसको देखते हुए नर्सिंग व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य करके अधिक मजबूती प्रदान की जा रही है।
लखनऊ मेट्रो अस्पताल एवं लखनऊ मेट्रो इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स की फाउंडर डॉ आतिफा सिद्दीकी ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में अस्पतालों का काम-काज इस दौर में बहुआयामी हुआ है। अब सिर्फ उपचार नहीं बल्कि मरीज के सेवा सत्कार पर भी ध्यान दिए जाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं प्रदेश में मेडिकल टूरिजम को बढ़ावा मिला है। विदेशों से उपचार के लिए आए मरीज हर लिहाज से अच्छी सुविधा चाहते हैं, जिसमें लखनऊ का मेट्रो अस्पताल अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इन्हीं बदलावों ने नर्सिंग के करियर को भी नए आयाम देना शुरू कर दिया है।

डॉ आतिफा सिद्दीकी ने कहा कि नर्सिंग का कार्यक्षेत्र केवल मरीजों की देखभाल करने तक ही सीमित नहीं है। योग्य नर्सों के लिए एजुकेशन, ऐडमिन और रिसर्च से संबंधित काम के भी मौके मिलते हैं। अमूमन नर्सिंग से जुड़े लोग बेरोजगार नहीं रहते। वे किसी भी निजी या सरकारी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, अनथालय, वृद्धाश्रम, इंडस्ट्रीज, सेनेटोरियम और सैन्य बलों में भी जॉब प्राप्त कर लेते हैं। इनके अलावा अन्य सरकारी विभागों में इनकी जरूरत होती है। जिसको देखते हुए आज नर्सिंग के क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा आकर्षित हो रहे हैं।







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