देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

सीएसआईआर-एनबीआरआई में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया

जन्म के बाद हमारे शरीर की आंत में करीब 10 से100 खरब सहजीवी जीवाणु आ जाते हैं | इन सहजीवी जीवाणुओं का मुख्य उद्द्येश्य हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र, पाचन तंत्र आदि का सहयोग करना हैं। व्यक्ति की पाचन शक्ति इन्ही सहजीवी जीवाणुओं से निर्धारित होती हैं। 

रंजीव ठाकुर
May 12 2022 Updated: May 12 2022 15:24
0 35078
सीएसआईआर-एनबीआरआई में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में ले. जन. (डॉ.) बिपिन पुरी

लखनऊ। सीएसआईआर-एनबीआरआई (CSIR-NBRI) में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह का आयोजन किया गया इस अवसर पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, (KGMU) लखनऊ के कुलपति ले. जन. (डॉ.) बिपिन पुरी मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे |

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बिपिन पुरी ने अपने व्याख्यान में मानव शरीर में पाए जाने वाले सहजीवी सूक्ष्मजीवाणुओं (symbiotic microorganisms) के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि जन्म के समय मानव शिशु का शरीर एक निर्जन द्वीप के सामान होता हैं जिसमे कोई भी सहजीवी जीवाणु नही उपस्थित होता हैं लेकिन समय के साथ-साथ हमारे शरीर की आंत में करीब 10 से100 खरब सहजीवी जीवाणु आ जाते हैं | इन सहजीवी जीवाणुओं का मुख्य उद्द्येश्य हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र (immune system), पाचन तंत्र (digestive system) आदि का सहयोग करना हैं | इन सहजीवी जीवाणुओं की उपस्थिति एवं प्रकार के मामले में लगभग 80 से 90 % मानव शरीर एक दूसरे से भिन्न होते हैं | हर व्यक्ति की पाचन शक्ति इन्ही सहजीवी जीवाणुओं से निर्धारित होती हैं | 

डॉ. पुरी ने बताया कि मानव शरीर इन सहजीवी जीवाणुओं के लिए एक समुदाय तंत्र की तरह काम करता हैं | इन पर हुए शोध से यह पता चला है कि इन सहजीवी जीवाणुओं का सम्बन्ध मानव शरीर में होने वाली अनेकों बीमारियों जैसे पेट दर्द रोग (colic), मधुमेह (diabetes), मोटापा (obesity), ऑटो इम्यून डिसऑर्डर (auto-immune disorders) से देखने को मिला हैं |  

उन्होने आगे बताया कि मानव शरीर में इन सहजीवी जीवाणुओं की प्रकार एवं उपस्थिति को नियमित कर शरीर को कई जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता हैं | आज कल डॉक्टर के बिना परामर्श एंटीबायोटिक (auto-immune disorders) एवं अन्य दवाओं का इस्तेमाल हमारे शरीर में इन सहजीवी जीवाणुओं के तंत्र को नष्ट कर देता हैं जिसमे फलस्वरूप शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र और पाचन तंत्र बुरी तरह प्रभावित होता हैं जिससे अनेकों अन्य बीमारियाँ (diseases) उत्पन्न हो जाती हैं। उन्होने कहा कि 90% बीमारियाँ कहीं न कहीं आंत के स्वास्थ्य एवं इनमें पाये जाने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं से संबन्धित होती पाई जाती हैं ऐसे में आज विभिन्न वैज्ञानिक एवं औषधीय तरीकों से शरीर में इन सूक्ष्म्जीवाणुओं को पुनः स्थापित कर के इन बीमारियों का इलाज किया जा सकता है जो आने वाले समय में मानव स्वास्थ्य एवं बीमारियों से लड़ने की हमारी क्षमता में अभूतपूर्व बदलाव ला सकता है। 

औषधीय एवं सुगन्धित यौगिको के परिक्षण हेतु सन्दर्भ सामग्री पर कार्य कर रहे वैज्ञानिक डॉ. आलोक लहरी ने बताया कि संस्थान पौधों से प्राप्त होने वाले औषधीय एवं सुगन्धित यौगिकों की जांच के लिए संदर्भ सामग्री विकास में कार्य कर रहा हैं | इन यौगिकों का उपयोग विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य वर्धक उत्पादों, कॉस्मेटिक्स (cosmetics), पेय  पदार्थों में किया जा रहा हैं | इनकी गुणवत्ता जाँच हेतु एक प्रमाणित संदर्भ का होना अतिआवश्यक हैं | ऐसे ही प्रमाणित सन्दर्भ यौगिकों के विकास में संस्थान ने पौधों से प्राप्त होने वाले करीब नौ प्रमाणित सन्दर्भ यौगिकों का विकास किया हैं | जिनमे से अभी 5 सीआरएम विकास तकनीकी को हस्तांतरित किया गया हैं | 

इस अवसर पर संस्थान के तकनीकी हस्तांतरण एवं व्यवसाय विकास विभाग के डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. मनीष भोयार एवं अश्वी टेक्नोलॉजी, अहमदाबाद के निदेशक श्री एन के पाण्डेय उपस्थित थे | इसके साथ साथ संस्थान द्वारा यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मेघालय के साथ पूर्वोत्तर भारत में अनुसंधान एवं विकास कार्य को बढ़ावा देने हेतु एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किये गये |

इससे पूर्व, सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए, प्रो. एसके बारिक ने कहा आज प्रौद्योगिकी यानि टेक्नोलॉजी (technology) की हर क्षेत्र में आवश्यकता है इसका महत्व केवल विज्ञान में ही नहीं बल्कि एक देश को आगे बढ़ाने के हर पहलु पर है| आज प्रत्येक व्यक्ति किसी ना किसी तरह से प्रौद्योगिकी से जुड़ा है| इस दिवस को मनाने का यह भी उद्देश्य है कि लोग ज्यादा से ज्यादा प्रौद्योगिकी के बारे में जान सकें, उसके प्रति जागरुक हो सकें. आज प्रौद्योगिकी के कारण ही समस्त विश्व एक-दूसरे से जुड़ पाया है| 

कार्यक्रम के अंत में मुख्य वैज्ञानिक डॉ. पीए शिर्के  ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

हरियाणा में फिर बिगड़ा लिंगानुपात

हरियाणा में फिर बिगड़ा लिंगानुपात

विशेष संवाददाता February 02 2023 31806

रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 में हरियाणा के लिंगानुपात में एक बार फिर बड़ा अंतर पाया गया है

भारतीय दवा निर्माता कंपनी Alembic को inj.Treprostinil के लिए USFDA से मिली मंजूरी। 

भारतीय दवा निर्माता कंपनी Alembic को inj.Treprostinil के लिए USFDA से मिली मंजूरी। 

हे.जा.स. February 13 2021 29803

इंजेक्शन का प्रयोग pulmonary arterial hypertension के मरीज़ में किया जाता है। इस इंजेक्शन को PAH में

मौसम ने ली करवट, अस्पताल में बढ़े बुखार और सांस के मरीज

मौसम ने ली करवट, अस्पताल में बढ़े बुखार और सांस के मरीज

विशेष संवाददाता May 26 2023 42810

वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आनंद स्वरूप ने बताया कि लोगों के सावधानी न बरतने से उन्हें बीमारियां चपेट में

कोरोनारोधी टीके कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स को आपात स्थिति में इस्तेमाल की मंज़ूरी मिली।

कोरोनारोधी टीके कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स को आपात स्थिति में इस्तेमाल की मंज़ूरी मिली।

हे.जा.स. December 28 2021 40484

केन्द्रीय स्वास्थ्य ने सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्ब

एमडीआर टीबी की 10 नई दवाओं पर चल रहा शोध: डॉ दिगम्बर बेहरा

एमडीआर टीबी की 10 नई दवाओं पर चल रहा शोध: डॉ दिगम्बर बेहरा

रंजीव ठाकुर May 29 2022 30182

डॉ. पुरी ने कहा कि देश में टीबी के कुल मरीजों में से 25 प्रतिशत उत्तर प्रदेश के हैं, जो चिंताजनक है।

मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों का कोरोना टेस्ट और टीका लगाए सरकार: सुप्रीम कोर्ट 

मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों का कोरोना टेस्ट और टीका लगाए सरकार: सुप्रीम कोर्ट 

एस. के. राणा July 06 2021 26696

उच्चतम न्यायालय अधिवक्ता गौरव बंसल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी कि लगभग 10,000 लोग जो छ

यशोदा अस्पताल में हुआ रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन

यशोदा अस्पताल में हुआ रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन

अखण्ड प्रताप सिंह April 08 2023 28810

यशोदा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन किया गया। वहीं इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनस

जरूरी चिकित्सा उपकरणों के दाम घटे।

जरूरी चिकित्सा उपकरणों के दाम घटे।

हे.जा.स. July 24 2021 31134

आयातकों ने कीमतों में सबसे ज्यादा कमी पल्स ऑक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग मशीन और नेबुलाइजर पर की

एलोपैथिक के साथ आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की जरूरत: डॉ. सूर्यकांत

एलोपैथिक के साथ आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की जरूरत: डॉ. सूर्यकांत

हुज़ैफ़ा अबरार July 04 2021 25756

हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते करना, खाने में चीनी की जगह गुड़, मैदे की जगह मोटा आटा, मोटा अनाज, सफेद नमक

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स ने 500 रोबोटिक नी सर्जरी पूरी कीं, नए मिसो रोबोट का अनावरण

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स ने 500 रोबोटिक नी सर्जरी पूरी कीं, नए मिसो रोबोट का अनावरण

हुज़ैफ़ा अबरार May 04 2026 1400

अब अपोलोमेडिक्स क्षेत्र का पहला निजी अस्पताल बन गया है, जहाँ नी रिप्लेसमेंट के लिए दो समर्पित रोबोट

Login Panel