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लखनऊ । एरा लखनऊ मेडिकल कालेज में गुरुवार को एरा विश्वविद्यालय की कुलपति डाक्टर फरजाना मेंहदी ने भी वैक्सीन लगवायी। यह उनकी पहली डोज थी। इसके अलावा डाक्टर हनॉ खां सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठï चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना की दूसरी खुराक दी गयी। कोरोना संक्रमण में बेहतर उपचार के बाद एरा लखनऊ मेडिकल कालेज वैक्सीनेशन कार्यक्रम में भी लगातार रिकार्ड बना रहा है। शुक्रवार को 700 के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 863 यानि 123 प्रतिशत लोगों ने टीका लगवाया। इसमे 588 लोगों को दूसरी डोज दी गयी जबकि बचे हुए 275 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज लगायी गयी।
इस मौके पर एरा विश्वविद्यालय की कुलपति डाक्टर फरजाना मेंहदी ने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से टीका लगवाने मेें उन्हें थोड़ी देर हुई। भारत में बनी दोनों कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है। यह टीका भारत के अलावा कई देशों में लग रहा है, लेकिन कही से भी गलत प्रभाव की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू हुई तकरीबन 40 दिन बीत चुके है, अधिकतर हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, सभी स्वस्थ्य है और दूसरी डोज के समय का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढऩे लगे है, ऐसे में टीका अब और आवश्यक हो गया है। कोरोना संक्रमण की सेकेंड वेव से बचने के लिए हमे टीका जरुर लगाना चाहिए। कोरोना का उपचार सिर्फ वैक्सीन ही है, लोगों को बिल्कुल नहीं डरना चाहिए, यह आम टीके की तरह समान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि आप टीका लगवाकर सिर्फ अपनी ही नहीं अपने परिवार, रिश्तेदार और सह कर्मियों की भी सुरक्षा करेंगे। इस अभियान में सभी को बढ़चढ़ कर भागीदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि एरा के अधिकतर कर्मियों को टीका लग चुका है, जो शेष बचे है उनके लिए भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार भी जताया।
एरा में गुरुवार को बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों को दूसरी खुराक भी दी गयी। एरा में कुल 11 बूथ स्थापित किया गया था। कोरोना की सेंकेड डोज लेने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही है। लोगों ने कहा कि अब उन्हें कोरोना संक्रमण से मुक्ति मिलने वाली है। लोगों ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद वे काफ ी खुश है, अब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वैक्सीन लगवाने वालों में स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ सविता चन्द्रा, ऑफ थलमोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ लक्ष्मी सिंह, एनेस्थीसिया विभाग के हेड डॉ सुरेन्द्र सिंह, सर्जरी विभाग के हेड डाक्टर उस्मान मूसा, न्यूरो सर्जरी के डॉ वरूण मल्होन्ना, पैथालॉजी की डॉ निरूपमा लाल, क्रिटिकल केयर के डॉ मुस्तहसिन मलिक, फार्माकलॉजी के डॉ दिलशाद अली रिजवी, सर्जरी के डॉ सलीम ताहिर व एनेस्थीसिया के डॉ संजय चौबे सहित दो दर्जन अधिक वरिष्ठï चिकित्सक और रेजिडेंट शामिल थे।







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