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लखनऊ। उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसो की रजत जयंती के उपलक्ष्य में नौ से 11 अक्टूबर तक लखनऊ के ताज पैलेस में तीन दिवसीय वार्षिक महासम्मेलन का आयोजन हो रहा है। पिछले 25 वर्षों से मधुमेह की रोकथाम व उपचार में अग्रणी भूमिका निभा रही संस्था का यह सम्मेलन आधुनिक चिकित्सा जगत में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्ष सम्मेलन की थीम डायबिटीज लक्ष्यों से आगे रखी गई है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव और आयोजन अध्यक्ष डॉ. अनुज माहेश्वरी ने गुरूवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
इसका मुख्य उद्देश्य मधुमेह प्रबंधन को केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों और लक्ष्यों तक सीमित न रखकर मरीज के संपूर्ण स्वास्थ्य जीवनशैली मानसिक स्थिति और आधुनिक चिकित्सीय तकनीकों के समग्र दृष्टिकोण पर केंद्रित करना है। इस आयोजन में देश भर से 600 से ज्यादा वरिष्ठ चिकित्सकों व मधुमेह विशेषज्ञों ने सम्मेलन के लिए पंजीकरण कराया है। 100 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वक्ता तीन दिवसीय वैज्ञानिक मंथन में मधुमेह के नए अनुसंधानों दवाओं और जटिलताओं के प्रबंधन पर व्याख्यान देंगे। इसके अलावा युवा शोधकर्ताओं और वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा मधुमेह के नवीनतम पहलुओं पर 100 से अधिक वैज्ञानिक शोध प्रस्तुत किए जाएंगे। लक्ष्यों से आगे सिर्फ तय किए गए लक्ष्य को पूरा करना ही नहीं, बल्कि उससे बेहतर करने की कोशिश करना। अपनी निर्धारित सीमाओं, सोच या परिस्थितियों से आगे बढ़कर नए अवसर तलाशना
सम्मेलन के आयोजन साइंटिफिक चेयरमैन डाॅ. नरसिंह वर्मा ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में मधुमेह के स्वरूप और उसके इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। यह सम्मेलन देश भर के चिकित्सकों को आधुनिक शोध और उपचार के नए मानकों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। डॉ. अभिषेक अरुण ने कहा कि तीन दिनों तक चलने वाले इसमें इंसुलिन थेरेपी लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा होगी।
मधुमेह प्रबंधन को केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों और लक्ष्यों तक सीमित न रखकर मरीज के संपूर्ण स्वास्थ्य जीवनशैली मानसिक स्थिति और आधुनिक चिकित्सीय तकनीकों के समग्र दृष्टिकोण पर केंद्रित करना है। पिछले 25 वर्षों में मधुमेह के स्वरूप और उसके इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। यह सम्मेलन देश भर के चिकित्सकों को आधुनिक शोध और उपचार के नए मानकों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। डॉ. अभिषेक अरुण ने कहा तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में इंसुलिन थेरेपी कार्डियो-रीनल सुरक्षा लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा होगी







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