











































सदाबहार के फूल
सदाबहार एक ऐसा फूल है, जो पूरे साल खिलता है। आयुर्वेद में सदाबहार को डायबिटिज के इलाज में काफी असरदार माना गया है। सदाबहार की पत्तियों को कच्चा चबाया जा सकता है या फिर यूं कहे कि उसका करेले के साथ जूस बनाकर भी पिया जा सकता है। एक रिसर्च के मुताबिक गले में खराश और मलेरिया को दूर करने में कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, सदाबहार के फूल और पत्तियों में एल्कलॉइड नामक तत्व होता है। जो इंसुलिन बनाने में सहायक होता है।

सदाबहार इंसुलिन (insulin) ब्लड में शुगर की मात्रा को बढ़ने से रोकता है, जिससे डायबिटीज (diabetes) कंट्रोल होती है। आपको बता दें कि सदाबहार के फूल से बना फेस पैक ना सिर्फ पिंपल से छुटकारा दिलाने में मदद करता है बल्कि दाग-धब्बे (stains) और अन्य त्वचा से जुड़ी परेशानियों से भी राहत दिलाता है। खास बात है कि सदाबहार (Evergreen) के फूल आपको आसानी से मिल जाएंगे। अगर नहीं है तो आप इसे अपने घर पर गमलों में लगा सकते हैं। और जब भी जरूरत हो इसके पत्तों और फूलों को तोड़कर फेस पैक तैयार कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

इतना ही नही सदाबहार के और कई फायदे है जो हम आपको आगे बताएंगे। एक रिसर्च (Research) के मुताबिक सदाबहार की पत्तियां गले में इन्फेक्शन की समस्या में बहुत फायदेमंद होती हैं। इसमें मौजूद एलकालॉइड्स (alkaloid), एजमेलीसीन, सरपेन्टीन नामक तत्व शरीर में मौजूद संक्रमण को दूर करने में मद्दगार माने जाते हैं। इसके साथ ही इम्यूनिटी (immunity) बढ़ाने के लिए भी सदाबहार की पत्तियों का काढ़ा और रस मददगार साबित होता है।

सदाबहार की पत्तियों में मौजूद गुण हाई ब्लड प्रेशर (blood pressure) में फायदेमंद होते हैं। अगर आप ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान है। तो सदाबहार की जड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं अगर आप कैंसर की बीमारी से पीड़ित है तो आप सदाबहार का सेवन कर सकते है। सदाबहार की पत्तियों में मौजूद विन्क्रिस्टिन और विंब्लास्टिन एल्कलॉइड (Vimblastin Alkaloids) कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने के लिए बहुत ही मद्दगार होते हैं। वहीं आपको बतादे किं किडनी स्टोन की समस्या में सदाबहार की पत्तियों का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। किडनी की पथरी (stones) होने पर सदाबहार की पत्तियों को पानी में उबालने के बाद इस पानी को पीने से फायदा मिलता है।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 364
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4648
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3766
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72476
जन्म के बाद हमारे शरीर की आंत में करीब 10 से100 खरब सहजीवी जीवाणु आ जाते हैं | इन सहजीवी जीवाणुओं का
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध की मौन महामारी से निपटने के लिए ज्यादा वैक्सीन डेवलेप क
दिल्ली के एक अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक, दिल्ली के आसमान में छाए स्मॉग में धुएं के साथ-सा
संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. विष्णु दत्त के निर्देश पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन डा रमनेश मूर्ति न
गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) में दीक्षा पाठ्यचर्या समारोह का सातवां
पिछले कुछ हफ्तों में अस्पताल में भर्ती होने वाल कोरोना संक्रमित मरीजों में से केवल 30% ही गंभीर रूप
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिया कि सांस के मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत अधिक पड़ती है। ऐसे में
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सोमवार को गोण्डा में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज के निर्माण कार्य का जायजा ले
संक्रमितों की कुल संख्या 4,46,04,463 तक पहुँच गयी है। देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 32,282 हो गई
24 घंटे के अंदर 24 नए कोरोना मरीज मिले, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद में भी कोविड मरीजों की संख्या बढ़ती ज

COMMENTS