











































पाकिस्तान में बाढ़ का कहर
इस्लामाबाद। पाकिस्तान इन दिनों बारिश और बाढ़ की भयावह आपदा से जूझ रहा है। वहीं विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर डब्ल्यूएचओ ने पाकिस्तान में अब जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका व्यक्त की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पाकिस्तान में दूसरी आपदा की आशंका जताई है। डब्ल्यूएचओ ने पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाकों और खासकर सबसे बुरी तरह प्रभावित सिंध प्रांत के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक ठहरा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है, जिससे मलेरिया (Malaria) और डेंगू जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। स्वास्थ्य सेवाएं (health services) बाधित होने से असुरक्षित जन्म, डायबिटीज और दिल के रोगों का खतरा बढ़ गया है। साथ ही बच्चों के टीकाकरण में भी बाधा आएगी। संगठन ने कहा कि अगर इस खतरे को कम करना है तो तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना होगा। इस मामले में डब्लूएचओ पाकिस्तान (Pakistan) की मदद कर रहा है।
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के मुताबिक पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़ से 1 करोड़ 60 लाख बच्चे प्रभावित हुए हैं। बहुत सारे बच्चे डेंगू, दस्त और त्वचा रोगों (skin diseases) के शिकार हुए हैं। इस बाढ़ में कम से कम 530 बच्चों की जान चली गई है। वहीं बच्चे अपने परिवार के साथ असुरक्षित जगहों पर रहने को मजबूर हैं। स्कूल बंद हो गए हैं और अस्पतालों के क्षतिग्रस्त होने की वजह से बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
Updated by Aarti Tewari







हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3822
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3689
एस. के. राणा January 20 2026 0 3633
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3360
एस. के. राणा February 01 2026 0 3038
एस. के. राणा February 04 2026 0 2898
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86301
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33902
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37138
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34321
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71587
ठंडी हवाएं स्किन की नमी को सोख लेती हैं जिससे त्वचा पर रूखापन आ जाता है। इस रूखेपन को दूर करने के ल
खून पतला करने की दवा ले रहीं करीब एक चौथाई प्रेगनेंट महिलाओं की हालत गंभीर हो रही हैं। इन्हें डिलीवर
उन्होंने कहा कि गत वर्षों में यह देखने में आया है कि ऊपरी तौर से स्वस्थ नौजवानों, खासतौर पर कीर्ति प
जब कोई धूम्रपान करता है तो बीड़ी या सिगरेट का धुआं पीने वाले के फेफडे़ में 30% जाता है और आस-पास के व
एसजीपीजीआई में आने वाले रेफरल पर्चों की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है जिसका खामियाजा बहुत से मरीजों को
कोविड-19 संक्रमण के आंकड़े देखते हुए हरियाणा और यूपी की सरकारों ने कई जिलों में मास्क लगाना अनिवार्
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निगरानी बढ़ाने व अस्पतालों में भर्ती होने वालों पर नजर रखने का निर्दे
पहली जनवरी को पूरे दिन सभी जरूरतमंद मरीजों के लिए बिना डोनर खून उपलब्ध कराया जा रहा है। नए साल के स्
सीसीएसआई हवाई अड्डे पर 50 यात्रियों को समायोजित करने के लिए पर्याप्त प्रतीक्षा क्षेत्र स्थापित किया
सोमवार सुबह से एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर चले गए। इसे लेकर सभी एंबुलेंस का चक्का जाम हो गया। कॉल सेंटर

COMMENTS