











































दुनिया की सबसे महंगी दवाई
वॉशिंगटन। अमेरिका के फेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने दुनिया की सबसे महंगी दवा को मान्यता दे दी है। इस दवा की एक डोज़ 3.5 मिलियन यूएस डॉलर्स यानी 28.51 करोड़ रुपये की है। यह बहीमोफिलिया बी के इलाज में इस्तेमाल होती है। यह एक जेनेटिक बीमारी है। जिसमें इंसान का खून कम जमता है। इस दवा का नाम हेमजेनिक्स है।
जब किसी के शरीर में खून जमने (blood clotting) की प्रक्रिया या गति धीमी हो जाती है, तब उसके शरीर से ब्लीडिंग (bleeding) रुकती नहीं है। इसे रोकना बेहद मुश्किल है। इसलिए यह दवा बनाई गई थी। हीमोफिलिया-बी (Hemophilia-B) से पीड़ित इंसान अपने पूरे जीवन में 171 से 187 करोड़ रुपये खर्च कर देता है। या फिर उसकी सरकार इतना करती है। कम से कम अमेरिका में तो ऐसा होता ही है।
क्या है हीमोफिलीया बीमारी ?- What is hemophilia disease?
हीमोफीलिया ब्लीडिंग (hemophilia bleeding) डिसऑर्डर (रक्तस्राव विकार) है। यह एक आनुवांशिक रोग है और बहुत कम लोगों में पाया जाता है। इस बीमारी के कारण शरीर में रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है और इस कारण से शरीर से बह रहा खून जल्दी नहीं रुक पाता है। ऐसी स्थितियों में व्यक्ति का समय पर इलाज (treatment) न होने पर उसकी मृत्यु भी हो सकती है। इसके लिए मरीज को फैक्टर IX के कई और महंगे IV ड्रिप लेने की जरूरत होती है। यह एक प्रोटीन होता है, जिसके जरिए खून के थक्के जम जाते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 371
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 238
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4648
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3976
एस. के. राणा February 04 2026 0 3766
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35420
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72490
“स्वास्थ्य घर तक” का बेड़ा अब तक 2 लाख 31 हजार से अधिक स्क्रीनिंग और परीक्षण करने तथा 50 हजार से अधिक
वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि पहले संक्रमण के बाद एंटीबॉडी प्राप्त करने और वैक्सीन या फिर बूस्टर डोज
मांस में लगने वाले इंजेक्शन 'साईपीयोनेट' दवा निर्माता सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज द्वारा भारत में न
लड़कियाँ अपने होंठों को आकर्षक और सुन्दर बनाने के तरह तरह के उपाय करतीं हैं। इसी क्रम में आज हम आपको
यूपी में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। जनवरी 2022 से लेकर अब तक प्रदेश में डेंगू के कुल 7,134 मर
‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत आज रविवार को प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क स्वास्थ्य
फेफड़े के संक्रमण की वजह से तो निमोनिया हो ही सकती है, कुछ अन्य कारण भी हैं जिनसे यह हो सकती है, जैस
डा. अजय पाल ने कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। इसकी जांच और इलाज स्वास्थ्य केंद्रों
वर्तमान में, चिकनगुनिया बुख़ार का कोई भी इलाज़ नहीं है और इस रोग से बचने का एकमात्र उपाय है- मच्छरों
ट्रांसप्लांट सर्जन अंतिम समय तक नहीं जानते कि किसका अंग प्रत्यारोपण करने वाले हैं। ट्रांसप्लांट सर्ज

COMMENTS