











































प्रतीकात्मक चित्र
आजकल के समय में खराब खानपान और कंप्यूटर पर देर तक काम करने और फोन के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से नजरें कमजोर होने की शिकायत हो जाती है। जिसके चलते चश्मे लगाने की जरूरत पड़ जाती है और आंखों की खास देखभाल के लिए लोग हर मुमकिन कोशिश करते हैं। वहीं आंखों को प्रोटेक्ट करने के लिए चश्मे का इस्तेमाल भी काफी कॉमन है।
हालांकि चश्मे के ग्लास को साफ करना काफी मुश्किल भी होता है। ऐसे में अगर कई जतन के बावजूद भी चश्मा आसानी से साफ नहीं होता है, तो आप साड़ी या किसी भी कपड़े से साफ कर लेते है। जिससे ग्लास पर स्क्रैच पड़ जाते है तो आइए जानते है कि चश्मा साफ करने के लिए वो कौन से तरीके है जिनसे आसानी से चश्मे से धूल-मिट्टी को हटाया जा सके।
सूती कपड़े का करें इस्तेमाल - Use cotton cloth
अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो चश्मे पर लगे दागों को साफ करने के लिए साबुन या किसी डिटर्जंट की मदद लेते हैं, तो अगली बार ऐसा करने से बचें। आपकी ये आदत आपके चश्मे को खराब कर सकती है। कई डिटर्जंट हार्ड और रूखे होते हैं, जो चश्मे के ग्लास की चमक को खराब कर देते हैं। चश्मे को साफ करने के लिए सूती कपड़े का ही इस्तेमाल करें।
लिक्विड ग्लास क्लीनर - Liquid glass cleaner
चश्मे को साफ करने के लिए लिक्विड ग्लास क्लीनर सबसे आसान तरीका है। कई लिक्विड ग्लास क्लीनर अल्कोहल (cleaner alcohol) युक्त होते हैं, जो ग्लास साफ करने के साथ-साथ हैंड सैनिटाइजर का भी काम करते हैं। जिसकी मदद से आप चश्मे की सफाई के साथ हाथों को भी साफ कर सकते हैं।
शेविंग फोम - Shaving foam
चश्मा साफ करने के लिए सबसे पहले शेविंग फोम को ग्लास पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। ग्लास पर कुछ देर फोम छोड़ने से ग्लास पर मौजूद धूल-मिट्टी फोम अपने अंदर सोख लेता है और चश्मा साफ हो जाता है। कुछ देर बाद कॉटन के कपड़े से फोम को साफ कर लें।
सिरके से करें सफाई - Clean with vinegar
सिरके से आई ग्लास क्लीनर (glass cleaner) बनाने के लिए ¼ पानी में ¾ डिस्टिल्ड सिरका मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। अब इस मिश्रण को चश्मे के ग्लास पर स्प्रे करके माइक्रोफाइबर (microfiber) कपड़े से पोछ लें। वहीं माइक्रोफाइबर कपड़ा न होने पर आप सूती कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
जानिए चश्मे से स्क्रैच को कैसे हटाएं - Know how to remove scratches from glasses
दुर्भाग्यवश, स्क्रैच वाले लेंस का कोई जादुई समाधान नहीं है। एक बार चश्मे में स्क्रैच पड़ जाने के बाद वे खरोंचें बनी ही रहती हैं।
कुछ उत्पाद इस तरह से बनाए जाते हैं कि स्क्रैच कुछ कम दिखाई देती हैं लेकिन ये अनिवार्य रूप से मोमयुक्त पदार्थ (waxy substance) होते हैं जो आसानी से उतर जाते हैं, और परिणाम मिश्रित होते हैं, जो इस पर निर्भर करता है कि स्क्रैच कहां हैं और कितनी गहरी हैं। साथ ही ये उत्पाद अक्सर उन लेंसों पर चिपक जाते हैं जिनमें एआर कोटिंग होती है।
प्रकाश को परावर्तित करने और दृष्टि को बाधित करने के अलावा खरोंचों से लेंस की प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। अधिकतम दृष्टि और सुरक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान यह है कि अगर आपको स्पष्ट खरोंचें दिखती हैं तो नए लेंस खरीद लें।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4011
एस. के. राणा January 20 2026 0 3906
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3255
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34126
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35007
लेख विभाग March 19 2022 0 34489
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71783
जाँच सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के तहत प्रदेश में अब तक 10,17,992 एक्स-रे किए जा चुके हैं, जिनमें से 34,55
रविवार को टावर ध्वस्त होने से पहले सेक्टर-93ए में सुबह छह से दोपहर दो बजे तक वायु प्रदूषण का स्तर 10
स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ़ ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए सभी
सालों से आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में प्रयोग किया जाने वाले प्रभावी उपायों में से एक लौंग का तेल ह
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक शुक्रवार को सीतापुर, महमूदाबाद
जन्माष्टमी के पर्व पर कई लोग परंपरानुसार उपवास भी रखते हैं। व्रत के दौरान नमक का सेवन निषेध माना जात
This study found no significant adjusted risk difference in the outcomes of surgeries performed by m
कॉलेजों में मानक पूरे न मिलने पर मान्यता निरस्त कर दी है। आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. एसएन सिंह के
एक मुफ्त यूनानी चिकित्सा कैंप का आयोजन अल हुदा मॉडल इंटर कालेज त्रिवेणी नगर, सीतापुर रोड, लखनऊ में क
संस्थान के चिकित्सकों ने कालमेघ के इस्तेमाल से फैटी लीवर रोग को दूर करने में सफलता हासिल की है। इससे

COMMENTS