देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

लोहिया अस्पताल में शुरू हुई पीडियाट्रिक आई क्लीनिक

लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नेत्र विभाग में बच्चों की नेत्र समस्याओं के निदान हेतु क्लीनिक प्रारम्भ की गई है। नेत्र विज्ञान विभाग की अनुभवी प्रशिक्षित नेत्र चिकित्सक डा0 प्रोलिमा ठक्कर के निर्देशन में बच्चों की नेत्र सम्बन्धित बीमारियों का इलाज किया जाएगा।

रंजीव ठाकुर
July 01 2022 Updated: July 01 2022 02:40
0 69114
लोहिया अस्पताल में शुरू हुई पीडियाट्रिक आई क्लीनिक

लखनऊ। राजधानी के डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नेत्र विभाग में बच्चों की नेत्र समस्याओं के निदान हेतु क्लीनिक प्रारम्भ की गई है। नेत्र विज्ञान विभाग की अनुभवी प्रशिक्षित नेत्र चिकित्सक डा0 प्रोलिमा ठक्कर के निर्देशन में बच्चों की नेत्र सम्बन्धित बीमारियों का इलाज किया जाएगा। 

 

डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences) की निदेशिका प्रो0 सोनिया नित्यानन्द (Prof. Sonia Nityanand), चिकित्सा अधीक्षक डा0 विक्रम सिंह एवं विभागाध्यक्ष डा0 शिखा अग्रवाल ने नेत्र क्लीनिक का शुभारम्भ किया।

प्रो0 सोनिया नित्यानन्द ने कहा कि नेत्र विभाग (Pediatric eye clinic) में चिकित्सा हेतु आने वाले बच्चों के नेत्र रोग के निदान हेतु एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। केन्द्र (Department of Ophthalmology) में विशेष तकनीक सेे बच्चों में होने वाले नेत्र रोगों (Eye diseases) का परीक्षण एवं उपचार किया जाएगा। जिसमें बच्चों में होने वाली लगभग आँख सम्बन्धी सभी बीमारियों जैसे अपवर्तक त्रुटियाँ, एंबीलिया, जन्मजात मोतियाबिन्द (congenital cataracts), जन्मजात ग्लूकोमा (congenital glaucoma), जन्मजात पीटोसिस (congenital ptosis), जन्मजात नासोलैक्रिमल डक्ट रूकावट (congenital nasolacrimal duct obstruction) और समसपूर्वता की रेटिनोपैथी (retinopathy) की जाँच और प्रबन्धन तथा बच्चों एवं वयस्क दोनों में भेंगापन (treatment of squint) के प्रबन्धन एवं उपचार हेतु उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा  उपलब्ध होगी।

निदेशिका ने कहा कि हाल ही में ’’इण्डियन जर्नल आफ आप्थल्मोलाजी’’ (Indian Journal of Ophthalmology) में प्रकाशित एक शोध के अनुसार भारत में विद्यमान आप्थल्मोलाजी सेटअप में से मात्र 28 प्रतिशत केन्द्रों पर पूर्णकालिक पीडियाट्रिक नेत्र संसाधन (pediatric eye treatment) उपलब्ध है। अतः संस्थान में स्थापित उक्त सुविधा अपने में एक अद्वितीय उपलब्धि होगी तथा भविष्य में पूर्ण रूप से पीडियाट्रिक नेत्र उपचार के लिए उच्च गुणवत्ता के केन्द्र के रूप में कार्य करेगा।

 

बताते चले कि भारत जैसे देश में लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या 16 वर्ष से कम उम्र की है। जहाँ पर बच्चों में अन्धापन एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। भारत के बच्चों में अन्धापन अन्य विकसित देशों की तुलना में 5 गुना ज्यादा पाया गया है। बच्चों में अन्धापन का मुख्य कारण काॅर्नियल अन्धापन, प्रीमैच्योरिटी की रेटिनोपैथी, जन्मजात मोतियाबिन्द, जन्मजात ग्लूकोमा और एम्बीलिया है (corneal blindness, retinopathy of prematurity, congenital cataract, congenital glaucoma and amblyopia)।  

 

नेत्र रोगो से सम्बन्धित छोटी-छोटी बीमारियों का समय से निदान न किये जाने से स्थाई अन्धापन का कारण बनता है। जिसमें से 40 से 70 प्रतिशत तक बच्चों के अन्धापन को समय से उपचार करके दूर किया जा सकता है।

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

टाटा मोटर्स ने रेफ्रिजरेटड ट्रकों के द्वारा कोविड-19 वैक्‍सीन के ढुलाई की पेशकश की। 

टाटा मोटर्स ने रेफ्रिजरेटड ट्रकों के द्वारा कोविड-19 वैक्‍सीन के ढुलाई की पेशकश की। 

हे.जा.स. January 23 2021 33404

आज जब पूरा देश पहले फेज के वैक्‍सीनेशन के लिए तैयार है। हमें सहयोग की पेशकश करते हुए काफी खुशी हो रह

नेत्र शिविर में 162 मरीजों ने करवाई आंखों की जाँच

नेत्र शिविर में 162 मरीजों ने करवाई आंखों की जाँच

श्वेता सिंह November 08 2022 33146

श्री स्वामी चंद दास रामलीला कमेटी द्वारा 86 लोगों को डॉक्टरों द्वारा आंखों की जांच करने के बाद निशु

हेल्थ एटीएम मशीन का उद्घाटन

हेल्थ एटीएम मशीन का उद्घाटन

आरती तिवारी November 16 2022 36450

बिजनौर में जन सामान्य को स्वास्थ संबंधी सुविधाओं का लाभ देने के लिए तकनीकी के माध्यम से बेहतर ट्रीट

कोरोना की चौथी लहर भी तीसरी लहर की तरह हो सकती है: प्रो. मणींद्र अग्रवाल

कोरोना की चौथी लहर भी तीसरी लहर की तरह हो सकती है: प्रो. मणींद्र अग्रवाल

हे.जा.स. March 02 2022 31728

कोरोना की चौथी लहर अगर आती है तो वह भी तीसरी लहर की तरह ही होगी। कम समय के लिए और कम घातक होगी, केवल

हाथों में झुनझुनी, कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है: डॉ. हुमन प्रसाद

हाथों में झुनझुनी, कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है: डॉ. हुमन प्रसाद

लेख विभाग April 03 2022 46171

जब किसी कारणवश यह मीडियन नर्व इस कार्पल टनल में दबने लगती है तो हाथ में दर्द, झुनझुनी या कमजोरी (खास

नालंदा के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बनाया जायेगा स्तनपान वार्ड

नालंदा के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बनाया जायेगा स्तनपान वार्ड

admin November 03 2022 30082

स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशित है कि स्तनपान वार्ड ओपीडी के करीब स्थापित किया जायेगा। इसके अतिरिक्

रूस और यूक्रेन युद्ध का कंपनी के सप्लाई चेन पर कोई असर नहीं: भारत बायोटेक

रूस और यूक्रेन युद्ध का कंपनी के सप्लाई चेन पर कोई असर नहीं: भारत बायोटेक

एस. के. राणा March 12 2022 33067

स्वदेशी दवा कंपनी भारत बायोटेक ने शुक्रवार को कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से अभी तक कं

ग्लोइंग त्वचा पाने के लिए इस्तेमाल करें ये फ्रूट

ग्लोइंग त्वचा पाने के लिए इस्तेमाल करें ये फ्रूट

आरती तिवारी August 24 2022 33500

चमकती त्वचा पाना हर किसी की ख्वाहिश होती है। इसके लिए हम तरह-तरह के प्रोडक्ट्स का भी इस्तेमाल करते ह

शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी है आयोडीन की सही मात्रा।

शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी है आयोडीन की सही मात्रा।

हुज़ैफ़ा अबरार October 21 2021 32021

आयोडीन सूक्ष्म पोषक तत्व होता है | शरीर में थाइरॉयड हार्मोन का सही से उत्पादन करने के लिए इसकी आवश्य

उत्तर प्रदेश के आयुर्वेदिक कॉलेजों में पीजी की 48 सीटों की मान्यता रद्द

उत्तर प्रदेश के आयुर्वेदिक कॉलेजों में पीजी की 48 सीटों की मान्यता रद्द

श्वेता सिंह November 11 2022 35705

पीजी की काउंसिलिंग से पहले टीम ने निरीक्षण किया तो तीनों कॉलेजों में संकाय सदस्य नहीं मिले। ऐसे में

Login Panel