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नई दिल्ली। दुनिया में हर चार में से कम से कम एक महिला ने अपने जीवन में पार्टनर से हिंसा का अनुभव किया है। इस बात का खुलासा लैंसेट अध्यय में किया गया है। लैंसेट की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अध्ययन को 161 देशों की दो मिलियन महिलाओं की प्रतिक्रियाओं के साथ संकलित किया गया है।
लैंसेट की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट (Published Report) में कहा गया है कि महिलाओं और लड़कियों की वैश्विक आबादी का 90 फीसदी (15 वर्ष और उससे अधिक) कवर किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व स्तर पर 15 से 49 वर्ष के बीच की लगभग 27% महिलाओं ने शारीरिक, यौन या दोनों, अंतरंग पार्टनर से हिंसा का अनुभव किया है, लगभग 13% ने सर्वेक्षण किए जाने से पहले पिछले वर्ष में इसका अनुभव किया है।

इंडिया टुडे (India Today) में छपी एक रिपोर्ट में स्टडी के हवाले से बताया कि यह हिंसा जल्दी शुरू हो जाती है, 15-19 वर्ष की आयु की 24% महिलाओं और 19-24 वर्ष की आयु की 26% महिलाओं ने कम से कम एक बार इस हिंसा का अनुभव किया है।"
रिपोर्ट के मुताबिक अंतरंग पार्टनर से हिंसा में महिलाओं पर शारीरिक और मानसिक प्रभाव पड़ते हैं- इनमें चोट, डिप्रेशन, अवांछित गर्भधारण और इतन ही नहीं दूसरों के बीच यौन संचारित संक्रमण और मृत्यु भी हो सकती है। यह अध्ययन सरकारों की भी आलोचना करते हैं, जिनमें महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन की बातें कही जाती हैं।







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