











































प्रतीकात्मक चित्र
नालंदा। बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्तनपान की भूमिका अहम मानी जाती है। इसके अलावा नवजात मृत्यु दर एवं कुपोषण पर लगाम लगाने में भी स्तनपान अहम भूमिका निभाता है। स्तनपान को बढ़ावा देने एवं लाभार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला सहित राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्तनपान के लिए अतिरिक्त वार्ड स्थापित करने की योजना बनायी है। यह वार्ड कंगारू मदर केयर वार्ड के अतिरिक्त होगा।
राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से इस संबंध में व्यापक निर्देश जारी किये गए हैं। विदित हो कि कुछ स्वास्थ्य संस्थानों में पहले से ही स्तनपान (breast feeding) कक्ष संचालित हैं। स्वास्थ्य विभाग (health department) ने निर्देश दिया है कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर हर महीने की किसी एक चयनित तिथि को स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता (competition) का आयोजन किया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशित है कि स्तनपान वार्ड ओपीडी (OPD) के करीब स्थापित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त सभी जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर स्तनपान जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जायेगा। प्रचार प्रसार के कार्य में आशा, एएनएम (ANM) एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद ली जाएगी। साथ ही अधिक से अधिक माताओं को नवजात (newborn) के जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान प्रारंभ करने में माँ की सहायता करने तथा गर्भवती (pragnent) एवं धात्री माताओं को छह महीने तक केवल स्तनपान कराने के महत्त्व के बारे में जागरूक किया जायेगा।
माँ के दूध में मौजूद पोषक तत्व (nutrition) जैसे पानी, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स (minerals), वसा, कैलोरी (calory) शिशु को न सिर्फ बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। साथ ही बच्चे की पाचन क्रिया (digestion system) भी मजबूत होती है। मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी दूर रखता है। जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान किसी भी नवजात के लिए उसका पहला टीका होता है। स्तनपान कराने वाली महिलाएं स्तनपान नहीं कराने वाली महिलाओं की अपेक्षा अधिक स्वस्थ रहती हैं। साथ ही स्तनपान एक मां के लिए अपने नवजात से शारीरिक (physically) एवं आत्मिक जुड़ाव की नीव साबित होता है।
Edited by Shweta Singh







एस. के. राणा January 13 2026 0 3556
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3556
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3381
एस. के. राणा January 20 2026 0 3346
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3108
एस. के. राणा February 01 2026 0 2786
एस. के. राणा February 04 2026 0 2583
उत्तर प्रदेश
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102418
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106946
सौंदर्या राय March 03 2023 0 107199
admin January 04 2023 0 107054
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97537
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85932
आयशा खातून December 05 2022 0 140525
लेख विभाग November 15 2022 0 109603
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158834
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109788
लेख विभाग October 23 2022 0 94674
लेख विभाग October 24 2022 0 98055
लेख विभाग October 22 2022 0 103778
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106718
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में कहा गया कि अगर भारत के दुग्ध उत्पादों की जांच नहीं की गई तो
अब परिवार नियोजन के लिए नौ साधनों में बास्केट ऑफ़ च्वाइस को भी शामिल किया गया है।पुरुष और महिला नसबं
थाना चांदपुर क्षेत्र के गांव चेहली निवासी वाजिद ने अपनी पत्नी मुस्कान को प्रसव के लिए चांदपुर मार्ग
एचआईवी संक्रमण का फ़िलहाल कोई उपचार उपलब्ध नहीं है मगर कारगर एचआईवी रोकथाम उपायों, निदान, उपचार व दे
फ्लोरेंस नाइटिंगेल से दुनिया भर की नर्सेज प्रेरणा लेती है और आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होत
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि डॉक्टरों की कमी की जल्द दूर
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, प्रयागर
प्रदेश में लगातार डेंगू पैर पसार रहा है. हरिद्वार जिले में डेंगू के 173 मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं
यूपी एनएचएम भर्ती 2021 अभियान के माध्यम से 2900 से ज्यादा खाली पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीद
मध्यप्रदेश में गांधी मेडिकल कालेज, भोपाल में चिकित्सा की पढ़ाई इसी सत्र से हिन्दी में प्रारंभ होगी। इ

COMMENTS