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मुंबई में कोरोना वायरस के बाद अब वायरल इंफेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं और इससे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों में लगातार सूखी खांसी की शिकायत आ रही है। वायरल इंफेक्शन के बाद अक्सर लोगों को सूखी खांसी (dry cough after viral infection) की समस्या हो जाती है।
सर्दी के बाद की ये खांसी आमतौर पर सूखी होती है और 2 महीने तक रह सकती है। ये सांस नली में जलन होने के कारण होती है, जो अक्सर वायरल बीमारी के बाद अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इससे सूखी खांसी (dry cough) होती है और इसे ठीक होने में अक्सर लंबा समय लगता है। ऐसे में कुछ घरेलू उपचार आपके काम आ सकते हैं।
बच्चों की सूखी खांसी के लिए घरेलू उपाय - Home remedies for child's dry cough
1. नमक के गरारे - Salt water gargles
सूखी खांसी (dry cough) को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है, ऐसे में नमक के गरारे हमेशा काम करते हैं। ये बहुत आम घरेलू उपचार है। यह गले में खराश और खांसी के इलाज के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है। यह गले की सूजन और बार-बार आती खांसी को कम करता है। इसलिए बच्चे को दिन भर में कम से कम दो बार, सुबह उठने के बाद और रात में सोने से पहले नमक के गरारे जरूर करवाएं। इसके लिए एक कप गर्म पानी में आधा छोटा चम्मच नमक तब तक मिलाएं जब तक वह घुल न जाए। फिर इसे थोड़ा ठंडा होने दें और गरारे करवाएं।
2. अदरक पका कर दें - Ginger For Dry Cough
अदरक में एंटी-माइक्रोबियल (anti-microbial) और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। ये इम्यूनिटी बढ़ाने और श्वसन पथ में जमा बलगम को दूर करने में भी मदद करता है। अदरक सांस की नलियों की चिकनी मांसपेशियों को आराम देकर बार-बार होने वाली खांसी को दबा सकता है। इसलिए देसी घी में ढेर सारा अदरक कूच कर पका लें और इसको अपने बच्चे को दिन में 3 से 4 बार दें। बच्चा राहत महसूस करेगा।
3. शहद का इस्तेमाल करें - Honey For Dry Cough
शायद आम लोगों को पता ना हो लेकिन शहद एक नेचुरल कफ सप्रेसेंट (natural cough suppressant) है जिसे साधारण गर्म पानी में लिया जा सकता है। साथ ही आप बच्चों को नींबू-शहद वाली चाय दे सकते हैं। दरअसल, शहद में मौजूद डेक्स्ट्रोमेथोर्फन (dextromethorphan) तत्व इसे किसी भी प्रकार की खांसी के लिए प्राकृतिक उपचार बनाता है जो बलगम और इंफेक्श को कम करता है और गले में सूजन से राहत देता है। इससे बार-बार आती सूखी खांसी कंट्रोल होने लगती है।
4. तुलसी-पुदीने का काढ़ा पिलाएं - Mint tulsi kadha
आप अपने बच्चे तो तुलसी और पुदीने (Mint) का काढ़ा बना कर दे सकते हैं। ये दोनों ही सूखी खांसी को कम करने में मददगार है। पुदीने में मौजूद मेन्थॉल लगातार खांसी के कारण गले को शांत करने में मदद कर सकता है। जबकि तुलसी का एंटी वायरस गुण इंफेक्शन को कम करने में मददगार है। तो, बच्चों को तुलसी-पुदीने का काढ़ा बना कर पिलाएं।







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