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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने भी इसको लेकर बयान दिए हैं। ऐसे लोगों पर आपदा प्रबंधन कानून और आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पीएम ने कहा था कि कोरोना वैक्सीनेशन पर झूठ और अफवाह फैलाने वालों को सही सूचना के जरिए शिकस्त दी जा सकती है। इसलिए आप सभी लोग ऐसे लोगों को सही जानकारी दें। देश के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 का टीका बनाया और अपना कर्तव्य पूरा किया। लेकिन अब वैक्सीन को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। ऐसे नेटवर्क को सही जानकारी देकर ही हराया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर झूठ फैलाने वाले लोगों पर निशाना साधा है। पीएम ने कहा कि मैं आपसे अपील करता हूं कि आगे आएं और कोरोना वैक्सीन को लेकर गरीबों और आम लोगों के बीच सही जानकारी फैलाएं। हमें अफवाह फैलाने वाले हर सिस्टम को हराना होगा।
भारत में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है, लेकिन यह लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। अब तक 16 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। केंद्र ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। कोरोना टीकाकरण के बाद कुछ लोगों की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें चलाई जा रही हैं। इन मौतों का टीकाकरण से कोई संबंध नहीं पाया गया है। इन अफवाहों में लोगों से वैक्सीनेशन न कराने और इससे जानलेवा खतरे जैसी बातें हैं। एजेंसियां ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह लोगों को दे चुकी हैं। कई जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम भी टीकाकरण के प्रोत्साहन के लिए चलाए जा रहे हैं।
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पिछले हफ्ते राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को इस संबंध में पत्र लिखा है। राज्यों को बताया गया है कि ऐसे लोगों पर आपदा प्रबंधन कानून और आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। गृह सचिव ने कहा है कि अफवाह और झूठी खबरों पर रोक लगाने के लिए ऐसे लोगों पर कार्रवाई जरूरी है। इसके साथ ही वास्तविक तथ्यों के आधार पर विश्वसनीय सूचनाओं के प्रसार की सलाह भी राज्यों को दी गई है। अफवाह फैलाने वाले संगठनों और किसी व्यक्ति पर कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।







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