देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

शिक्षा

हॉस्पिटल मैनेजमेंट करके अपना भविष्य सवारें।

वर्तमान स्थितियों को देखते हुए हेल्थकेयर सेक्टर और हॉस्पिटल मैनेजमेंट के क्षेत्र मै है भरपूर अवसर।

अखण्ड प्रताप सिंह
November 17 2021 Updated: November 18 2021 02:26
0 36455
हॉस्पिटल मैनेजमेंट करके अपना भविष्य सवारें। प्रतीकात्मक

वर्तमान स्थितियों को देखते हुए हेल्थकेयर सेक्टर में करियर विकल्पों को तलाशना ना सिर्फ भविष्य के लिए लाभदायी है, बल्कि सार्थकता का अनुभव देने वाला करियर विकल्प भी है। हॉस्पिटल मैनेजमेंट अवसरों से भरपूर क्षेत्र है।

हॉस्पिटल मैनेजमेंट का करियर हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन, हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन या हेल्थकेयर मैनेजमेंट के नाम से भी जाना जाता है। मैनेजमेंट के कोर्सेज में यह तुलनात्मक रूप से नया क्षेत्र है। इन दिनों महामारी के संदर्भ में वर्तमान हेल्थकेयर सेक्टर की जरूरतें इस करियर विकल्प के महत्व को समझाने के लिए काफी हैं। हेल्थ केयर से संबंधित अध्ययन और शोधों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसी समस्याओं के लिए हमें बेहतर तरीके से तैयार होना होगा। स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना एक अहम काम है और उन्हें वक्त के साथ सुनियोजित ढंग से उन्नत और आधुनिक बनाते जाना भी जरूरी है। इन सभी कामों के लिए हेल्थकेयर मैनेजर्स की आवश्यकता पड़ती है।  

क्या कहते हैं आंकड़े
वर्ष 2020 की शुरुआत में पंद्रहवें फाइनेंस कमीशन द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय कमेटी ने भी हेल्थकेयर सेक्टर में आने वाले पांच सालों में 3000 से 5000 के लगभग छोटे स्तर के निजी अस्पतालों के खोले जाने का सुझाव दिया था। भारत सरकार की आयुष्मान भारत स्कीम के अनुसार, आने वाले 2025 तक भारत को साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा बेड्स की आवश्यकता होगी। जाहिर है कि ऐसी जरूरतों के लिए सही प्रबंधन करने वाले कुशल युवाओं की उसी अनुपात में जरूरत पैदा होगी। 

क्या होगा काम
हेल्थ केयर एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट हॉस्पिटल मैनेजमेंट के अंतर्गत ही आता है। अस्पताल प्रबंधक अस्पताल से संबंधित सभी व्यवस्थाओं पर पैनी नजर बनाए रखता है, ताकि संसाधनों का समुचित और बेहतर इस्तेमाल हो व इलाज के लिए आने वालों को सेवा प्रदान करने का कुशल तंत्र विकसित हो। 

एमबीए कोर्स को दें वरीयता
इस क्षेत्र में एमबीए की डिग्री आपको एक शानदार भविष्य देगी। कैट, मैट, जीमैट, सीमैट जैसी प्रवेश परीक्षाओं के बाद आप अच्छे संस्थान से कोर्स चुनें। इसके बाद आपको एंट्री लेवल या मिड लेयर पदों पर नियुक्ति मिलेगी। 

कोर्स में प्रवेश की शर्तें
बैचलर्स इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री में प्रवेश पाने के लिए 12वीं में साइंस स्ट्रीम से बायोलॉजी के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। कई यूनिवर्सिटी में ग्रुप डिस्कशन तथा इंटरव्यू के आधार पर भी चयन किया जाता है। जो लोग गैर मेडिकल फील्ड से हैं, वो भी इस कोर्स से जुड़ सकते हैं। मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (एमएचए) में किसी भी संकाय की बैचलर डिग्री के बाद एडमिशन मिल सकता है। इसके लिए प्रवेश परीक्षा देनी होगी। 

क्या हैं कोर्स
इस क्षेत्र  में प्रवेश करने के लिए  मुख्यत: प्रोफेशनल कोर्स, बैचलर ऑफ हॉस्पिटल मैनेजमेंट होता है, जिसकी समयावधि 3  साल होती है। मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और एमबीए इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन  करने के लिए दो साल की अवधि निर्धारित है। इसके चार सेमेस्टर होते हैं।

डॉक्टोरल डिग्री एमडी/एमफिल भी कर सकते हैं, जिसके लिए मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन डिग्री होना अनिवार्य  है। ईएमबीए, पीजीडीएचएम तथा एडीएचएम जैसे कोर्सेज की समय अवधि एक साल सुनिश्चित है। शॉर्ट टर्म से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स और डिप्लोमा कोर्स भी इसमें उपलब्ध हैं। लेकिन डिग्री कोर्स को वरीयता दें।  

कुछ संस्थानों, जैसे एम्स और एएफएमसी जैसे चर्चित संस्थानों में पीजी कोर्स में केवल उन छात्रों को ही मौका मिल पाता है, जिन्होंने एमबीबीएस की डिग्री पूरी कर ली होती है। इसके अलावा यदि आप डिस्टेंस लर्निग के इच्छुक हैं तो भी इसमें कोर्स उपलब्ध हैं।   

जॉब प्रोफ़ाइल
- अनुभवी लोगों के लिए मेडिकल कॉलेजों के डीन और निदेशक तक की संभावनाएं खुली होती हैं। 
- शुरुआत में ब्लड बैंक एडमिनिस्ट्रेटर, मेडिकल एंड हेल्थ सर्विस मैनेजर आदि के पदों पर नियुक्तियां मिलती हैं। 
- हेल्थकेयर फाइनेंस मैनेजर्स मेडिकल संस्थान की वित्तीय योजना, प्रबंधन आदि देखते हैं। 
- हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर, हॉस्पिटल  के सेवा संचालन को देखते हैं। एचआर रिक्रूटमेंट का काम भी मिल सकता है। 

नौकरी के अवसर
इस कोर्स को करने के बाद आप सरकारी या निजी, किसी भी तरह के संस्थान में काम कर सकते हैं। चाहे तो हॉस्पिटल सेक्टर, इंटरनेशनल और डोमेस्टिक हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट, हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी, नर्सिंग होम आदि में नियुक्ति हो सकती है। अपोलो, वॉकहार्ट, मैक्स, फोर्टिस, टाटा, डंकन, विप्रो, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड, अपोलो हेल्थ केयर जैसी कंपनियों से भी जुड़ सकते हैं। फ्रेशर बतौर असिस्टेंट हॉस्पिटल मैनेजर करियर शुरू कर सकते हैं। 

वेतन
इस क्षेत्र में आकर्षक सैलरी के साथ-साथ  आपको लोगों की सेवा करने का मौका भी मिलता है। सरकारी संस्थानों में वेतन मानकों के अनुसार मिलता है लेकिन निजी संस्थानों में आप शुरुआती समय में 30  हजार से 40 हजार रुपए महीना तक कमा सकते हैं। लेकिन यह  कंपनी के कद और आपकी योग्यता से तय किया जाता है। आपके अनुभव के साथ-साथ  वेतन  में भी बढ़ोतरी होती है।

प्रमुख संस्थान
-एम्स, नई दिल्ली 
-अपोलो इंस्टीट्य़ूट ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, हैदराबाद
-आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, पुणे
-देवी अहिल्या विश्वविद्यालया, इंदौर  
-इंडियन इंस्टीट्य़ूट ऑफ सोशल वेलफेयर और मैनेजमेंट, कोलकाता
-टाटा इंस्टीट्य़ूट ऑफ सोशल  साइंसेज, मुंबई
-सुभारती यूनिवर्सिटी, मेरठ

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मौसमी बीमारियों से बचने के लिए बरतें सतर्कता|

मौसमी बीमारियों से बचने के लिए बरतें सतर्कता|

हुज़ैफ़ा अबरार September 05 2021 27549

डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है जो दिन के समय सक्रिय रहता है और घर के भीतर साफ़ पानी मे

मेदांता ट्रामा सेंटर समय से इलाज देकर बचा रहा है मरीजों की जान।

मेदांता ट्रामा सेंटर समय से इलाज देकर बचा रहा है मरीजों की जान।

हुज़ैफ़ा अबरार June 30 2021 35971

गोल्डन ऑवर और अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ सर्जन्स द्वारा स्थापित एडवांस ट्रामा लाइफ सपोर्ट (ATLS) प्रोटोकॉल का

पर्यटन स्थलों और हिल स्टेशनों वाले आठ राज्यों को सख्त सतर्कता बरतने का निर्देश। 

पर्यटन स्थलों और हिल स्टेशनों वाले आठ राज्यों को सख्त सतर्कता बरतने का निर्देश। 

एस. के. राणा July 11 2021 27840

हिल स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए विभि

रहस्यमयी हार्ट अटैक से 5 की मौत

रहस्यमयी हार्ट अटैक से 5 की मौत

विशेष संवाददाता February 23 2023 29915

अपर चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि गुरबख्शगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत भीतरगांव पड़ता है

नमक कम खाने से सेहत को हो सकते हैं ये  बड़े नुकसान

नमक कम खाने से सेहत को हो सकते हैं ये बड़े नुकसान

लेख विभाग November 14 2022 27855

क्या आप जानते हैं कम नमक भी आपकी सेहत को कई बड़े नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कम नमक खाने के

यूपी में कोरोना के 3 नए मरीज मिले

यूपी में कोरोना के 3 नए मरीज मिले

आरती तिवारी March 14 2023 29281

रविवार को 32 हजार 643 सैंपल की जांच की गई थी। प्रदेशभर में एक दिन में 10 नए पॉजिटिव केस मिले थे। वही

कानपुर में बढ़ते ही जा रहे डेंगू पॉजिटिव, टूटने लगा रिकॉर्ड

कानपुर में बढ़ते ही जा रहे डेंगू पॉजिटिव, टूटने लगा रिकॉर्ड

आरती तिवारी November 07 2022 29210

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सीएचसी कल्याणपुर में पांच, कांशीराम हॉस्पिटल में दो, कृष्णा सुपर स्पेशलिट

मिर्गी के सफल इलाज के लिए मौजूदा मिथक और भ्रांतियों को तोड़ना बहुत ज़रूरी- डॉ रवि शंकर

हुज़ैफ़ा अबरार February 09 2021 36710

मैं इनका थैंक यू बोलता हूँ क्योंकि इसने हिम्मत करके ऑपरेशन कराया है। नहीं तो धारणा यह है कि मिर्गी क

Maternal hypertensive disorder of pregnancy and mortality in offspring from birth to young adulthood: national population based cohort study

Maternal hypertensive disorder of pregnancy and mortality in offspring from birth to young adulthood: national population based cohort study

British Medical Journal December 27 2022 25611

Maternal HDP, particularly eclampsia and severe pre-eclampsia, is associated with increased risks of

बिरला आईवीएफ की लखनऊ में फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन सेवाएं शुरु

बिरला आईवीएफ की लखनऊ में फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन सेवाएं शुरु

हुज़ैफ़ा अबरार January 30 2023 39279

बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ दंपत्तियों के फर्टिलिटी के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Login Panel