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नयी दिल्ली। कोरोना से बचने के लिये मास्क तो जरूरी है ही लेकिन अब वैज्ञानिक ने एक ऐसा फेस मास्क बनाया है जो सर्दी खांसी या कोरोना फैलाने वाले वायरस को 10 मिनट के अंदर डिटेक्ट कर सकता है। शोधकर्ताओं ने एक ऐसा फेस मास्क बनाया है जोकि रेसपिरेटरी वायरस की पहचान कर सकता है ये आमतौर पर हवा में ड्रॉपलेट्स या एरोसोल के तौर पर मौजूद होते है जैसे कि इन्फ्लूएंजा और कोरोना वायरस। ये स्पेसिफिक मास्क अगर हवा में मौजूद वायरस को पाता है तो ये यूजर्स को उनके मोबाइल में अलर्ट भेजेगा।
शंघाई Tongji यूनिवर्सिटी में मटीरियल साइंटिस्ट (material scientist) Yin Fang ने ये मास्क बनाया है। फेंग और उनके साथियों में ये मास्क बनाने के बाद इसका एक बंद चेंबर में टेस्ट किया। टेस्ट के दौरान उन्होंने ट्रेस होने वाला लिक्विड जिसमें वायरल सर्फेस प्रोटीन था वो चेंबर में स्प्रे (spray) किया जिसके बाद सेंसर ने रिस्पॉन्ड किया। अच्छी बात ये भी थी कि इस सेंसर वाले मास्क ने बेहद कम 0.3 microliters वायरल प्रोटीन वाले लिक्विड पर भी अलर्ट किया जबकि अगर कोई छींकता है या बात करता या खांसी लेता है तो उसके मुंह से 70 से 560 ज्यादा लिक्विड निकलता है और अगर उस लिक्विड में वायरस हो तो वो और भी आसानी से डिटेक्ट हो जायेगा।
बता दें कि पहले भी कई रिसर्च (Research) में ये सामने आ चुका है कि मास्क पहनना काफी फायदेमंद है। मास्क पहनने से कोरोना ,सर्दी-खांसी या किसी भी तरह का वायरस स्प्रैड नहीं होता। Yin Fang साइंटिस्ट का इस बारे में कहना है कि वो मास्क (mask) के फायदे जानते थे, इसलिये एक ऐसा मास्क बनाना चाहते हैं तो जो हवा में फैले वायरस (virus) के बारे में अलर्ट कर सके।
Edited by Aarti Tewari







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