











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। आयुर्वेद डॉक्टर एलोपैथ के समान वेतन के हकदार हैं। यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने उत्तराखंड के आयुर्वेद डॉक्टरों को एलोपैथी डॉक्टरों के समान वेतन देने के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रतिवादी जो आयुर्वेद डॉक्टर (Ayurveda doctors) हैं, उन्हें नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (National Rural Health Mission) के तहत ऐलोपैथी मेडिकल ऑफिसर्स तथा डेंटल मेडिकल ऑफिसर्स (Dental Medical Officers) के बराबर माना जाए। कोर्ट के इस आदेश से आयुर्वेद डॉक्टरों को भारी राहत मिली है।
जस्टिस विनीत शरण और जेके माहेश्वरी की पीठ ने यह स्पष्टीकरण देते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता राज्य चाहता है कि वह हाईकोर्ट के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करे, लेकिन कोर्ट इस बारे में कोई निर्देश नहीं दे सकता। याचिकाकर्ता के लिए कानून के तहत उपलब्ध कोई भी राहत लेने का विकल्प खुला है।
राज्य सरकार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के 3 अप्रैल 2018 के आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका (special leave petition) दायर की थी। इस आदेश में हाईकोर्ट ने आयुर्वेद डॉक्टरों को एलोपैथी डॉक्टरों के समान वेतनमान देने का निर्देश दिया था।







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