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नयी दिल्ली। कोरोनारोधी टीका बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने दो से सात साल और सात से 11 साल की उम्र के बच्चों के बीच कोवोवैक्स टीके का उपयोग करने के लिए आपातकालीन उपयोग मंजूरी की मांग की है। भारत के दवा नियामक की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति शुक्रवार को सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute) के दो आवेदनों की समीक्षा करेगी।
अप्रैल में अपनी पिछली बैठक के दौरान विशेषज्ञ पैनल ने 7 से 11 वर्ष के बच्चों लिए कोवोवैक्स के आपातकालीन उपयोग मंजूरी (EUA) की मांग करने वाले आवेदन के बाद सीरम इंस्टीट्यूट से अधिक आंकड़े माँगे थें। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 28 दिसंबर को वयस्कों के लिए और 9 मार्च को 12 से 17 वर्ष के आयु वर्ग में आपातकालीन स्थितियों में सीमित उपयोग के लिए कुछ शर्तों के तहत कोवोवैक्स को मंजूरी दी थी।
भारत ने 16 मार्च को 12-14 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण (vaccination) शुरू किया था। देश भर में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों (health workers) को पहले चरण में टीका लगाया गया था। फ्रंटलाइन वर्कर्स (frontline workers) का टीकाकरण पिछले साल 2 फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल 1 मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए निर्दिष्ट सह-रुग्ण स्थितियों के साथ शुरू हुआ था।
भारत ने पिछले साल 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया था। इसके बाद सरकार ने पिछले साल 1 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वायरल बीमारी के खिलाफ टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का फैसला किया। टीकाकरण का अगला चरण 3 जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ था। भारत ने 10 जनवरी से स्वास्थ्य देखभाल और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया।







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