देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

सौंदर्य

जानिये पिम्पल्स के कारण और घरेलू इलाज।

यकीन मानिए पिम्पल्स का उपाय केवल एक ही है, और वो है घरेलू इलाज। बाहर आप इसके ट्रीटमेंट के लिए जाएंगे तो हजारों पैसे खर्च होंगे। बावजूद इसके पिम्पल्स ठीक होने की गारंटी भी नही है।

सौंदर्या राय
September 26 2021 Updated: September 26 2021 23:24
0 36082
जानिये पिम्पल्स के कारण और घरेलू इलाज। प्रतीकात्मक

चेहरे पर पिम्पल्स हों तो कुछ भी करने को जी नहीं चाहता है। मेकअप तो बिलकुल नहीं। कहीं रिएक्शन हो गया तो! यही ख्याल दिन भर दिमाग में घूमता रहता है। मुंहासों के बीच ना तो ग्लॉस ही नजर आता और न ही रूज व फाउंडेशन का मजा रह जाता है। यह सभी चीजें चेहरे को रूखा और बेजान कर देती हैं। यकीन मानिए पिम्पल्स का उपाय केवल एक ही है, और वो है घरेलू इलाज। बाहर आप इसके ट्रीटमेंट के लिए जाएंगे तो हजारों पैसे खर्च होंगे। बावजूद इसके पिम्पल्स ठीक होने की गारंटी भी नही है। बेहतर होगा कि घर पर ही रहकर और घर की चीजों से ही पिम्पल्स का उपाय किया जाए।

पिम्पल्स क्या हैं?
साधारण भाषा में समझाएं तो यह कहा जा सकता है कि त्वचा में इंफेक्शन के कारण तेल की ग्रंथियां भर जाती हैं, उससे चेहरे पर दाने निकल आते हैं। आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि यह इंफेक्शन कैसे होता है? दरसअल त्वचा से निकलने वाला अत्याधिक तेल (सीबम), मृत त्वचा (डेड स्किन) के साथ मिलकर रोमछिद्रों को बंद कर देता है जिससे वहां बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो मुंहासों का कारण बनते हैं।

पिम्पल्स कितने प्रकार के होते हैं?
पिम्पल्स छोटे और बड़े दोनों आकार में हो सकते हैं। इसमें पानी और पस दोनों ही तरह की फुंसियां होती हैं। इनमें तेज दर्द के साथ कई बार खून भी निकलता है। त्वचा पर होने वाले ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स को भी मुंहासे ही कहा जाता है। यूं तो इसमें दर्द नही होता है, लेकिन कील लंबी जो तो निकालते समय ये भी कई बार दर्द करते हैं। इस तरह के मुंहासे चेहरे पर ही नही, बल्कि पीठ और बगल (आर्मपिट्स) पर भी होते हैं। बहरहाल पिम्पल्स का उपाय भी आप तभी कर पाएंगे कि जबकि उसके सभी प्रकारों से अवगत होंगे-

1. दाना या फुंसी मुंहासे (Pustule)
आमतौर पर फुंसी का ताल्लुक उम्र से कम और खानपान से ज्यादा रहता है। छोटे बच्चों से लेकर जवान और बूढ़ों तक को फुंसी हो जाती है, लेकिन हां चेहरे पर फुंसी ज्यादातर किशोरावस्था में ही निकलती है। 15 से 30 साल की आयु तक फुंसी वाले दाने निकलते रहते हैं, लेकिन बाद में यह धीरे-धीरे ठीक भी होने लगते हैं। यह पहले लाल और गुलाबी रंग की होती हैं और पकने के बाद इसमें से पीले रंग का मवाद निकलता है। मवाद भरने के बाद इनमें दर्द भी बहुत होता है। फुंसी गहरी और थोड़े बड़े आकार की हो तो फूटने के बाद उस जगह पर गढ्डे पड़ जाते हैं।

2. ब्लैकहेड्स (Blackheads)
ब्लैकहेड्स एक प्रकार की कील होती है। यह धागे के रेशे जैसा दिखता है, लेकिन छूने में थोड़ा सख्त होता है। अक्सर यह नाक और अपरलिप्स पर ज्यादा होते हैं। किसी-किसी के पूरे चेहरे पर ब्लैकहेड्स हो जाते हैं। यह किसीभी उम्र में हो जाते हैं। इनका मुख्य कारण रोमछिद्रों में धूल-मिट्टी का भरण होता है। हालांकि, इन्हें स्क्रब द्वारा आसानी से निकला जा सकता है, लेकिन अगर यह बड़े हों तो इसे ब्लैकहैड रिमूवर टूल से ही निकलना चाहिए।

3. व्हाइटहेड्स (Whiteheads)
ब्लैकहेड्स की तरह यह भी एक तरह की कील ही होती है, लेकिन यह सफेद रंग की होती है। यह नाक के आसपास वाली जगह, माथा और होंठ पर ज्यादा होते है। ब्लैकहेड्स की तुलना में यह छोटी और मुलायम होती है।

4. पेपुल्स (Papules)
पेपुल्स का हमारी त्वचा संबंधी किसी समस्या से लेन-देना नही है, बल्कि किसी कीड़े के काटने से हो जाता है। कई बार किसी खाद्य पदार्थ की एलर्जी से पेपुल्स हो जाता है। यह हल्का गुलाबी रंग का होता है।

5. नोड्यूल्स (Nodules)
नोड्यूल्स आकार में दूसरे पिम्पल्स के बड़े और चपटे होते हैं। यह बाहर की तुलना में भीतर की ओर बढ़ते जाते हैं। इन्हें छूने भर से ही काफी दर्द होता है। यह पिम्पल्स अक्सर स्टेरॉयड लेने से हो जाते हैं।

6. गांठ (Cystic Pimples)
इन्हें आप सिस्ट भी कह सकते हैं। यह एक ही जगह पर कई सारे भी हो सके हैं या एक बड़े आकार में भी यह हो सकता है। इसमें दर्द के साथ सूजन भी होती है।

पिम्पल्स (मुंहासे) होने के कारण

पिम्पल्स होने के चार मुख्य कारण है

  • अत्याधिक सीबम का उत्पादन
  • हेयर फॉलिकल्स में मृत त्वचा और सीबम का जमा होना,
  • बैक्टीरिया
  • चोट के कारण होने वाली सूजन

इसके अतिरिक्त हार्मोंस में होने वाले बदलाव, स्टेरॉयड और खराब खानपान के कारण भी पिम्पल्स हो जाते हैं। यहाँ आपको विस्तार से बताया गया है-

1. हार्मोनल बदलाव
किशोरावस्था में आते ही वसामय ग्रंथियां फैल जाती हैं, जिसकी वजह से यह अधिक तेल का उत्पादन करने लगता है। सेक्स हार्मोन्स के कारण वसामय ग्रंथियां अतिसक्रिय हो जाती हैं। तनाव के कारण भी हार्मोन्स में बदलाव होते हैं, जो पिम्पल्स का कारण बनते हैं।

2. स्टेरॉयड्स
फर्टिलिटी बढ़ाने वाली दवाओं से भी पिम्पल्स हो जाते हैं। बॉडी बिल्डिंग के उद्देश्य से लिए जाने वाले स्टेरॉयड्स से भी मुंहासे होते हैं। खराब खानपान की खराब आदतों की वजह से पेट में कब्ज हो जाती है, जिससे पिम्पल्स हो जाते हैं।

3. खराब खानपान
मुंहासे होने का एक मुख्य कारण खराब खानपान भी है। कई बार त्वचा रोगों में असंतुलित भोजन और जंक फूड लेना इसकी सबसे बड़ी वजह बन जाती है।

4. तनाव
तनाव के कारण कई तरह के हार्मोन्स रिसने लगते हैं, जिससे वसामय ग्रंथियां से अतिरिक्त तेल निकलने लगती हैं।

पिम्पल्स का इलाज 
पिम्प्लस के लिए कई तरह की थेरेपी मौजूद हैं। इन थेरेपी के साथ चिकित्सक एंटीबायोटिक्स भी दी जाती हैं। ताकि इनसे होने वाले इन्फेक्शन से बचा जा सके। यह थेरेपी ज्यादातर 6 से 8 हफ्तों की होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में 12 से 18 हफ्ते भी लग जाते हैं। मार्केट में मुख्यतः लेजर ट्रीटमेंट और कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट ट्रीटमेंट उपलब्ध है। इनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं -

1. पिम्पल्स के लिए लेजर ट्रीटमेंट
पिम्पल्स का एक उपाय लेजर ट्रीटमेंट भी है। हालांकि, दूसरे विकल्पों की तुलना में यह थोड़ा महंगा हो सकता है, लेकिन इसके जरिए पिम्पल्स से बहुत जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है। इसमें पिम्पल्स वाली जगह पर प्रकाश की किरणें डाली जाती हैं। यह किरणें त्वचा की खराब कोशिकाओं को हटाकर नई कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाता है। इसे करवाने के बाद आप अपने रोजाना के काम पहले जैसे की तरह कर सकते हैं।

2. आंशिक रेडियोफ्रीक्वेंसी
लोगों में यह कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट के नाम से ज्यादा चर्चा में है। इसे सर्जिकल मैथड से किया जाता है। इसमें माइक्रोनीडल्स के माध्यम से झुर्रियां, पिम्पल्स और दाग- धब्बों को हटाया जाता है।

पिम्पल्स हटाने के घरेलू उपाय
पिम्पल्स हटाने के घरेलू उपाय हैं जो पुरानी ज़माने में प्रयोग करते थे। बिना किसी झंझट और फालतू खर्च के आप पिम्पल्स से छुटकारा पा सकते हैं। कई ऐसे आसान तरीके हैं, जिन्हें आजमाकर आप बिना किसी साइडइफेक्ट के पिम्पल्स को हमेशा के लिए ठीक कर सकते हैं-

1. मुल्तानी मिट्टी
पिम्पल्स के लिए मुल्तानी मिट्टी वरदान है। त्वचा से अत्याधिक तेल और गंदगी हटाने में मुल्तानी मिट्टी बेहद कारगर है। इसे रोज नहाते समय गुलाबजल में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। पिम्पल्स चेहरे से यूं गायब होंगे जैसे कभी थे ही नही। यदि आप खड़ी मुल्तानी मिट्टी ले रहे हैं तो उसे रातभर गुलाबजल में भीगकर रखें। लगते समय उसमें थोड़ा नींबू मिला लीजिए। इस मिश्रण से आपके पिम्पल्स बहुत जल्दी सूख जाएंगे।

2. टूथपेस्ट
पिम्पल्स को हटाने के लिए वाइट टूथपेस्ट काफी असरदार है। यह बर्फ की तरह काम करता है। त्वचा जलने पर भी इसे लगाया जाता है। मगर ध्यान रहे कि टूथपेस्ट जेल वाला न हो अन्यथा आपको जलन हो सकती है। इसमें बेकिंग सोडा, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और ट्राइक्लोसैन जैसे पदार्थ मौजूद होते हैं, जिसकी वजह से मुंहासें जल्दी सूख जाते हैं। इसे प्रतिदिन दो बार लगाएं। उसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें।

3. ओटमील
ओटमील स्वास्थ्यवर्धक है। यह पेट को ठंडा रखने के साथ आपको देता है भरपूर फाइबर। ओटमील फेसपैक से पिम्पल्स बहुत जल्दी ठीक होते हैं। शायद आप नही जानते होंगे कि यह हमारी त्वचा के रोमछिद्रों को शुद्ध करने साथ उससे अतिरिक्त तेल को अवशोषित करने में भी मददगार है। इसे शहद और नींबू के रस के साथ मिलाकर लगाएं, निश्चित रूप से पिम्पल्स जल्दी खत्म हो जाएंगे।

4. एलोवेरा जेल
एलोवेरा के एक नहीं, कई आयुर्वेदिक गुण हैं। इसे खाया भी जा सकता है और लगाया भी जा सकता है। त्वचा संबंधी रोगों के लिए यह अतिउत्तम है। इसका नियमित रूप से इस्तेमाल करने से पिम्पल्स को जड़ से खत्म किया सकता है। यह एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पिम्पल्स को बहुत जल्दी ठीक करने में सहायता करते हैं। एलोवेरा को रात में सोते वक्त लगाएं। यदि आपके पास विटामिन ई के कैप्सूल उपलब्ध हैं तो उसे इसमें मिलाकर लगाएं।

5. नीम
पिम्पल्स ठीक करने के लिए यह एक बेहद प्रभावी औषधि है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीइंफ्लेमेटरी तीनों ही गुण पाए जाते हैं। नीम को पीसकर उनका पेस्ट तैयार कर लें और एप्पल साइडर विनेगर व शहद के साथ मिलाकर लगाएं। विनेगर की जगह नींबू भी इस्तेमाल कर सकते हैं। घर पर जो आसानी से मिल जाए उसे ही इस्तेमाल करें। इसे रोजाना चेहरे पर लगाएं,पिम्पल्स बहुत जल्दी ठीक हो जाएंगे। इसके अलावा आप नीम का पानी भी तैयार कर सकते हैं। इसे आइसट्रे में डाल दें और उन क्यूब्स को चेहरे पर हल्के हाथ से रगड़ें।

पिम्पल्स से बचाव 
पिम्पल्स का उपाय का सबसे बेहतर तरीका है उससे बचाव। बचाव के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-

  • रोजाना चेहरे को कम से कम तीन बार 5 मिनट तक ठंडे पानी से धोएं।
  • दिनभर में लगभग 10 से 12 गिलास पानी पीएं।
  • संतुलित आहार लें। वसायुक्त भोजन और जंकफूड से परहेज करें।
  • चेहरे के लिए योग और कसरत करें।
  • ग्रीजी और ऑयली मेकअप से बचें।
  • 15 दिन में एक बार फ्रूट क्रीम से मसाज करें और हर हफ्ते स्क्रब करें।
  • मसाज से ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स मुलायम हो जाएं और मुलायम पड़ने पर यह आसानी से निकल जाते हैं।
  • फ्रूट क्रीम के लिए मलाई को पपीते और शहद के साथ मिलाकर पेस्ट तैयार करें। वहीं स्क्रब के लिए चीनी और कॉफी का इस्तेमाल करें।
  • ध्यान रहे कि मवाद और पानी वाले मुंहासों पर मसाज न करें। उनके लिए होममेड पेस्ट ही उपयोग में लाएं।
  • धूप में ज्यादा देर तक न रहें।
  • टी ट्री ऑयल लगा सकते हैं।
  • तनाव से दूर रहें।

पिम्पल्स से बचाव के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं
पिम्पल्स के लिए पीले और नारंगी रंग के फल व सब्जियां ही खाएं। अत्याधिक कैलोरी वाले फलों से परहेज करें। हालांकि आम पीला फल है, लेकिन उसमें कैलोरी बहुत ज्यादा होती है। टमाटर को त्वचा पर लगाकर जितना फायदा है उतना खाने में भी है। पालक और दाल जरूर खाएं। इनमें फाइबर होता है। कद्दू और लौकी खाएं। फलों में चीकू, आम और केला नही खाने हैं आपको, बाकी सब खा सकते हैं। कद्दू के बीज भी इसमें फायदा पहुंचता है। तरल पदार्थ ज्यादा से ज्यादा लें। ऑयली फूड, चॉकलेट और जंक फूड न खाएं। हाई फैट फूड और ज्यादा मीठी चीज़ों से परहेज करें।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 59,738 महिलाएं हुई लाभान्वित।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 59,738 महिलाएं हुई लाभान्वित।

हुज़ैफ़ा अबरार June 30 2021 32672

प्रसव चाहे सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में हुआ हो या निजी, लाभ सभी को मिलता है | पंजीकरण के लिए गर्भवती

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  न्यू कमांड अस्पताल के प्रोजेक्ट का क‍िया श‍िलान्‍यास।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने न्यू कमांड अस्पताल के प्रोजेक्ट का क‍िया श‍िलान्‍यास।

हे.जा.स. January 17 2021 17300

इस अस्पताल में 788 बेड होगा, ज‍िसमें 100 इमरजेंसी बेड अलग से होंगे। यह हॉस्पिटल नर्सिंग और डेंटल कॉल

दिमाग की नसों में ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये लक्षण

दिमाग की नसों में ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये लक्षण

लेख विभाग April 11 2023 501471

दिमाग की नस में ब्लॉकेज होना एक बहुत ही गंभीर समस्या है। क्योंकि ऐसा होने पर दिमाग में पोषक तत्वों औ

श्रीहास ताम्बे बायोकॉन बायोलॉजिक्स के प्रबंध निदेशक बने 

श्रीहास ताम्बे बायोकॉन बायोलॉजिक्स के प्रबंध निदेशक बने 

विशेष संवाददाता December 06 2022 31985

बायोकॉन बायोलॉजिक्स ने बयान में कहा कि श्रीहास ताम्बे अरुण चंदावरकर की जगह लेंगे। वह अरुण चंदावरकर क

रथ के माध्यम से डेंगू मलेरिया से बचाव हेतु किया जा रहा जागरूक।

रथ के माध्यम से डेंगू मलेरिया से बचाव हेतु किया जा रहा जागरूक।

हुज़ैफ़ा अबरार July 05 2021 40897

इस रथ को चलाने का मुख्य उद्देश्य लोगों के व्यवयहार में परिवर्तन करना, लोगों को मास्क लगाने, सामाजिक

गर्मी में सुंदरता बनाये रखने के दस मंत्र  

गर्मी में सुंदरता बनाये रखने के दस मंत्र  

admin March 22 2022 47549

गर्मी में, खास तौर से बाहर निकलते वक्त हल्के रंगों वाले सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें, साथ ही इस बात

एक ही सिरिंज से 40 बच्चों को कोविड वैक्सीन लगा वैक्सीनेटर फरार

एक ही सिरिंज से 40 बच्चों को कोविड वैक्सीन लगा वैक्सीनेटर फरार

विशेष संवाददाता July 28 2022 27224

ताज़ा मामला मध्य प्रदेश के सागर में गोपालगंज थाने में स्थित जैन हायर सेकेंडरी स्कूल में चल रहे कोविड

नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCDCS) से जुड़ा। 

नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCDCS) से जुड़ा। 

हे.जा.स. February 23 2021 27067

सरकार का मानना है कि गैर संचारी रोगों पर राष्ट्रीय कार्यक्रम को आसानी से एनएएफएलडी के रोकथाम से जोड़

मानसून में लगातार बढ़ रहे डायरिया के मामले:डा वैभव

मानसून में लगातार बढ़ रहे डायरिया के मामले:डा वैभव

हुज़ैफ़ा अबरार July 24 2026 700

मानसून के दौरान दूषित भोजन और पानी डायरिया संक्रमण का सबसे बड़ा कारण हैं। अक्सर लोग डायरिया को सामान

देश में कोविड-19 संक्रमण घटा, नहीं मिली मौतों से निजात।  

देश में कोविड-19 संक्रमण घटा, नहीं मिली मौतों से निजात।  

एस. के. राणा May 20 2021 31083

एक दिन में कोविड-19 के 2,67,334 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,54,96

Login Panel