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नयी दिल्ली। कोविड-19 मृतकों के परिजनों को मुआवजे का भुगतान बिना समय गंवाए किया जाए। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए यह आदेश दिया। कोविड-19 मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई।
न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न की पीठ ने कहा कि अगर किसी दावेदार को मुआवजा राशि का भुगतान न किए जाने या फिर उनका दावा ठुकराए जाने के संबंध में कोई शिकायत है तो वे संबंधित शिकायत निवारण समिति का रुख कर सकते हैं। पीठ ने शिकायत निवारण समिति (Grievance Redressal Committee to) को दावेदारों के आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश भी जारी किया।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 24 मार्च के एक आदेश में कोविड-19 (Covid-19) से हुई मौतों के मुआवजे के दावे दायर करने के लिए समय सीमा तय की थी। 20 मार्च से पहले हुई मौतों के लिए 60 दिनों के भीतर आवेदन दिया जाना है, जबकि भविष्य में किसी भी मौत के लिए मुआवजे (Ex Gratia) को लेकर 90 दिनों का समय दिया गया था।







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