देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

इंटरव्यू

स्टेम सेल से रोक सकते हैं पोस्ट कोविड लंग फाइब्रोसिस: डा॰ बी॰एस॰ राजपूत

वैसे तो पोस्ट कोविड कॉम्प्लीकेशन्स से उभरने वाली बिमारियों का कोई सटीक इलाज तो सामने नहीं आया है लेकिन स्टेम सेल थेरेपी एक ऐसी उम्मीद की किरण है जो लाखों लोगों को पोस्ट कोविड फेफड़े के फाइब्रोसिस से उबरने में मदद करता है।

रंजीव ठाकुर
July 18 2022 Updated: July 19 2022 02:31
0 34273

लखनऊ। कोरोना के वो दो भयानक वर्ष की यादें अभी भी जेहन में है। हालांकि अब यह बीमारी उतनी भयानक नहीं रह गयी है लेकिन फिर भी पोस्ट कोविड जटिलताओं के नाते अभी भी लोगों की मौत हो रही हैं। वैसे तो पोस्ट कोविड कॉम्प्लीकेशन्स से उभरने वाली बिमारियों का कोई सटीक इलाज तो सामने नहीं आया है लेकिन स्टेम सेल थेरेपी एक ऐसी उम्मीद की किरण है जो लाखों लोगों को पोस्ट कोविड फेफड़े के फाइब्रोसिस से उबरने में मदद करता है।

क्या है पोस्ट कोविड फाइब्रोसिस

पूरी दुनियाँ समेत भारत में अभी भी लाखों लोग ऐसे हैं जो कोविड (covid-19) के हानिकारक प्रभावों से उबर नहीं पाए हैं। तमाम रोगी ऐसे हैं जिन्हे कोविड के बाद (post covid) लंग फाइब्रोसिस (lung fibrosis) या इंटरस्टीशियल लंग डिजीज (interstitial lung disease) का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मरीजों को कोविड के बाद भी जीने के लिए हर दिन मेडिकल ऑक्सीजन (medical oxygen) की आवश्यकता होती है। ऐसे रोग से ग्रसित लोगों की सांस फूलती है (shortness of breath) और बार-बार सूखी खांसी (frequent dry cough) आती है। फेफड़ों के विशेषज्ञों (lung specialists) के अनुसार यह एक बहुत ही विकट समस्या है और ऐसे रोगियों की मदद के लिए बहुत कुछ नहीं किया जा सकता है।

 

डॉ बी एस राजपूत उम्मीद की एक किरण

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर (GSVM Medical College, Kanpur) में रीजनरेटिव मेडिसिन और सेल आधारित थेरेपी (regenerative medicine and cell based therapy) के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ बी एस राजपूत (Dr B S Rajput) इस सम्बन्ध में उम्मीद की एक नयी किरण बन कर सामने आये हैं। डॉ राजपूत ने बताया कि ऑटिज्म (autism), रीढ़ की हड्डी की चोट (spinal cord injury), मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (muscular dystrophy) और एएलएस (ALS) जैसे तंत्रिका रोगों के कई मामलों में स्टेम सेल थेरेपी का सफ़ल इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा है। ऐसे में फेफड़े के फाइब्रोसिस के मरीजों को स्टेम सेल थेरेपी से बड़ी राहत मिलेगी। डॉ राजपूत ने लखनऊ की एक मरीज़ (महिला) की बोन मैरो का प्रयोग कर स्टेम थेरेपी के माध्यम से इलाज कर उन्हें राहत भी पंहुचाया है।

डॉ बी एस राजपूत ने किया महिला का इलाज

संयोग से ऐसी स्थिति लखनऊ के एक निवासी के सामने आई, जो 2016 से पहले से ही फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थी, लेकिन उसे जीने के लिए कभी मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन अप्रैल 2021 में कोविड से संक्रमित होने के बाद, वह बच तो गई, लेकिन फेफड़े की घातक बीमारी (fatal lung disease) विकसित हो गई, जिसे लंग फाइब्रोसिस कहा जाता है, जिसका वर्तमान में कोई निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है। उसे जीवित रहने के लिए चौबीसों घंटे मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता थी।

ऐसे में मरीज ने स्थानीय अस्पताल में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (stem cell transplant) करवाया। यह ट्रांसप्लांट मुंबई के एक सलाहकार स्टेम सेल ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ बी एस राजपूत की देखरेख में हुआ।रोगी पर स्टेम सेल की एक सरल प्रक्रिया की गई। पिछले 3 महीनों के दौरान रोगी में काफी सुधार हुआ है और उसकी मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता 50 प्रतिशत कम हो गई है।

 

बीमा कंपनियां, सरकार कर रही हैं मदद

ऐसी प्रक्रिया में एक बड़ी समस्या पैसे को लेकर आ जाती है। आमतौर पर लोग ज्यादा खर्च होने के नाते इस प्रक्रिया में भाग लेने से घबराते हैं। तो अब आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्टेम सेल थेरेपी (stem cell therapy) भी बीमा कंपनियों (medical Insurance) के दायरे में आ गया है और तमाम बीमा कपनियां भी ऐसे रोगियों को वित्तीय राहत प्रदान कर रही हैं। यहां तक कि पीएम रिलीफ फंड और सीएम रिलीफ फंड भी बोन मैरो सेल ट्रांसप्लांट (bone marrow cell transplant) के लिए गरीब मरीजों की मदद कर रहे हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 105 नये मामले, रिकवरी रेट 98 प्रतिशत।

पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 105 नये मामले, रिकवरी रेट 98 प्रतिशत।

रंजीव ठाकुर February 16 2021 27411

18 फरवरी, 2021 को वैक्सीन की डोज फ्रंट लाइन कर्मियों को लगायी जायेगी। उन्होंने बताया कि माह मार्च, 2

देश के टॉप 10 सरकारी अस्पतालों में यूपी के 9 शामिल

देश के टॉप 10 सरकारी अस्पतालों में यूपी के 9 शामिल

हुज़ैफ़ा अबरार March 07 2023 43907

देशभर में सरकारी अस्पतालों की स्कैन एंड शेयर मॉडल के आधार पर रैंकिंग की गई है जिसमें देश के टॉप टेन

माता-पिता से बच्चों को विरासत में मिलती है थैलेसीमिया की बीमारी|

माता-पिता से बच्चों को विरासत में मिलती है थैलेसीमिया की बीमारी|

हुज़ैफ़ा अबरार May 08 2021 39743

विश्व थैलेसीमिया दिवस, 8 मई पर विशेष| इस वर्ष की थीम है- “Addressing Health Inequalities Across the

बालों के लिए बेहद फायदेमंद है कच्चा दूध, सिल्की बाल चाहिए तो ऐसे करें इस्तेमाल

बालों के लिए बेहद फायदेमंद है कच्चा दूध, सिल्की बाल चाहिए तो ऐसे करें इस्तेमाल

लेख विभाग November 14 2022 29001

अगर आप भी बालों में चिपचिपेपन या ग्रिजी बालों से परेशान हैं, तो हम आपको कच्चे दूध से बालों को मिलने

ऐट द हॉराइज़न ऑफ लाइफ ऐंड डेथ का विमोचन।

ऐट द हॉराइज़न ऑफ लाइफ ऐंड डेथ का विमोचन।

हुज़ैफ़ा अबरार July 28 2021 34975

300 पन्नों की किताब में 20 लघु कहानियों का संकलन है। इन कहानियों में मौत का सामना कर रहे गंभीर रूप स

स्किन पर ग्लो के लिए गुड़ है चमत्कारी

स्किन पर ग्लो के लिए गुड़ है चमत्कारी

सौंदर्या राय December 31 2022 36972

अगर आपको पता चलेगा कि गुड़ खाने से त्वचा पर प्राकृतिक निखार आता है। गुड़ के अंदर एंटीऑक्सिडेंट और पो

डॉ मनसुख मंडाविया ने जारी की आवश्यक दवाओं की नयी सूची, सस्ती हो जाएंगी ये दवाएं

डॉ मनसुख मंडाविया ने जारी की आवश्यक दवाओं की नयी सूची, सस्ती हो जाएंगी ये दवाएं

रंजीव ठाकुर September 14 2022 38279

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने नयी आवश्यक दवाओं की सूची जारी कर दी है। पिछले साल ही

230 दिन में भारत में कुल संक्रमितों संख्या सर्वाधिक, कोरोना के 3 लाख 38 हज़ार और ओमिक्रोन के 8,891 संक्रमित मिले

230 दिन में भारत में कुल संक्रमितों संख्या सर्वाधिक, कोरोना के 3 लाख 38 हज़ार और ओमिक्रोन के 8,891 संक्रमित मिले

हे.जा.स. January 19 2022 27614

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 2,38,018 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़क

बचपन में ब्रोंकाइटिस या निमोनिया होने पर सांस संबंधी बीमारी से समय-पूर्व मृत्यु का खतरा अधिक: दी लैंसेट

बचपन में ब्रोंकाइटिस या निमोनिया होने पर सांस संबंधी बीमारी से समय-पूर्व मृत्यु का खतरा अधिक: दी लैंसेट

हे.जा.स. March 09 2023 31975

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि सांस की पुरानी बीमारियां सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी समस्या हैं और

हरिद्वार जिला जेल में 43 कैदी कोरोना पॉजिटिव मिले  

हरिद्वार जिला जेल में 43 कैदी कोरोना पॉजिटिव मिले  

विशेष संवाददाता August 03 2022 28691

डीएम के आदेश पर कैदियों के ब्लड सैंपल लिए गए थे। इनमें से किसी भी कैदी के कोरोना संक्रमण के लक्षण नह

Login Panel