देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

वैक्सीन की चाह, आधी दुनिया और मोदी सरकार

वैक्‍सीन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ओर से भारत की नीति को लेकर भी साफ कर दिया है कि भारत अपने व्यापक वैक्‍सीन इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर का इस्‍तेमाल दूसरे देशों की मदद में तब तक करता रहेगा जब तक कि कोरोना का टीका अंतिम व्‍यक्‍ति तक नहीं लग जाता है।

सम्पादकीय विभाग
February 04 2021 Updated: February 05 2021 03:26
0 25787
वैक्सीन की चाह, आधी दुनिया और मोदी सरकार प्रतीकात्मक फोटो

- डॉ. मयंक चतुर्वेदी

कोरोना महामारी इस वक्‍त दुनिया के हर देश के लिए महासंकट बना हुआ है। जो देश अपने को सबसे स्‍वच्‍छ और आधुनिक मानते हैं (यूरोप और अमेरिका), देखा जा रहा है कि संकट उनके यहां सबसे अधिक गहराया है, ऐसे में जब भारत ''सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः'' की भावना के साथ वर्तमान में नेतृत्‍व करता दिखता है, तब हर भारतीय अपने आप में और अपनी चुनी हुई मोदी सरकार को लेकर गौरव अनुभव कर रहा है।

कोविड वैक्‍सीन विकसित होने के बावजूद, दुनिया के कई देशों के सामने जो बड़ी समस्‍या है वह उनके यहां वैक्‍सीन नहीं बनने के साथ अर्थ का अभाव है। उनका उतना बजट नहीं कि वे अमेरिकी, चीनी, रूस या ब्रिटेन से वैक्‍सीन खरीद सकें। ऐसे देशों के लिए भारत ही आशा की किरण है। छोटे और कम आय वाले कई देशों को भारत ने अपने यहां बनी ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका वैक्‍सीन 'कोविशील्‍ड' की खेप भिजवाई है, वह भी तोहफे के रूप में। एक तरफ देश में टीकाकरण अभियान जारी है तो दूसरी तरफ, इन देशों की मदद भी। भारत की इस पहल को दुनिया सराह रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस घेब्रेयसिस ने वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। इसी प्रकार से संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी भारत की वैक्सीन निर्माण क्षमता की प्रशंसा करते हुए इसे विश्व के लिए एक थाती बताया है। इन दोनों की तरह ही अनेक राष्‍ट्राध्‍यक्षों को भी विश्‍वास है कि ''ग्लोबल वैक्सीनेशन कैंपेन को कामयाब बनाने के लिए भारत हर तरह की भूमिका निभाएगा।''

हमारे लिए अच्छी बात यह भी है कि आज भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता बहुत अधिक है। भारत की वैक्सीन अन्य देशों के लिए उनके जीवित बने रहने का आधार सिद्ध हो रही है। यही कारण है कि भारत में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से लगातार अन्य देशों में भी इसकी मांग जोर पकड़ रही है। स्थिति यह है कि दुनिया के 92 देशों ने मेड इन इंडिया वैक्सीन के लिए भारत से संपर्क किया है। इससे वैक्सीन हब के रूप में भारत की साख और मजबूत हुई है।

इसी के साथ यह भी हमारे लिए बड़ी सफलता की बात है कि कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद भारत में निर्मित टीकों के नगण्य साइड इफेक्ट देखे गए हैं। निश्चित रूप से यह उपलब्धि हमारे विज्ञानियों के अथक परिश्रम का परिणाम है कि अपने कोरोना योद्धाओं का हौसला बढ़ाने वाले इस देश ने न केवल आज दो-दो वैक्सीन बनाने में सफलता हासिल की बल्‍कि अब तीसरे की तैयारी लगभग पूर्णता की ओर है।

वस्‍तुत: यह किसी गौरव से कम नहीं कि दुनिया भर में दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की वैक्सीन में 70 फीसद का उत्पादन अकेला भारत करता है। शेष 30 प्रतिशत विश्‍व के सभी देश मिलाकर कर पाते हैं। वैक्‍सीन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ओर से भारत की नीति को लेकर भी साफ कर दिया है कि भारत अपने व्यापक वैक्‍सीन इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर का इस्‍तेमाल दूसरे देशों की मदद में तब तक करता रहेगा जब तक कि कोरोना का टीका अंतिम व्‍यक्‍ति तक नहीं लग जाता है। सरकार का साफ स्‍टैंड है कि दुनिया भर को वैक्‍सीन उपलब्‍ध कराई जाए। महामारी के दौर को स्थायी न बनाने दिया जाए। जिसके बाद देखने में आ रहा है कि देश के लोगों की जरूरत पूरी करने के साथ ही भारत अपने पड़ोसियों और सहयोगियों को पहली प्राथमिकता दे रहा है। भारत सरकार सद्भावना के तौर पर नेपाल, भूटान, मालदीव, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मॉरीशस, बांग्लादेश और म्यांमार समेत कई पड़ोसी देशों को वैक्सीन भेज भी रही है। उसने तो मानवीयता के हित में अपने धुर विरोधी पाकिस्‍तान को भी संदेश भिजवाया है कि अहंकार को त्‍यागो, जरूरत को देखते हुए बिना संकोच अपनी वैक्‍सीन की आवश्‍यकता बताओ।

यहां हम यदि आंकड़ों के साथ देखें तो भारत ने अबतक बांग्‍लादेश- 20 लाख डोज, म्‍यांमार- 15 लाख, नेपाल- 10 लाख, श्रीलंका- 5 लाख, भूटान- डेढ़ लाख, मालदीव- 1 लाख, मॉरीशस- 1 लाख, ओमन- 1 लाख, सेशेल्‍स- 50 हजार डोज, अफगानिस्‍तान- 5 लाख, निकारगुआ- 2 लाख, मंगोलिया- 1.5 लाख, बारबेडोज- 1 लाख, डॉमिनिका- 70 हजार डोज पहली खेम में पहुंचाए हैं। इनके अलावा भी अन्‍य देश ब्राजील से लेकर यूरोप, अफ्र‍ीकी व अमेरिकी हैं, जिन्‍हें भारत लगातार वैक्‍सीन उपलब्‍ध करवा रहा है। 

वस्‍तुत: यही कारण है विश्‍व समुदाय आज भारत के गुणगान गा रहा है। भारत ने जहां-जहां वैक्‍सीन भेजी है, उन देशों ने भी बेहद भावुक होकर शुक्रिया अदा किया है। अमेरिका बार-बार मानवता की सेवा में हमारे कार्यों को प्रमाणित कर रहा है। अमेरिका के 'डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के दक्षिण और मध्य एशियाई देशों के विभाग ने भारत की ओर से अपने पड़ोसी मुल्कों की मदद की जबरदस्त प्रशंसा में यहां तक कह दिया है कि ''हम वैश्विक स्वास्थ्य में भारत की भूमिका की सराहना करते हैं, जो दक्षिण एशिया में कोविड-19 वैक्सीन की लाखों डोज साझा कर रहा है।  भारत द्वारा वैक्सीन के फ्री शिपमेंट मालदीव, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में पहुंचने लगे हैं जो आगे और भी देशों में भेजे जाएंगे। भारत एक सच्चा दोस्त है जो अपने फार्मा का उपयोग वैश्विक समुदाय की मदद के लिए कर रहा है।'' वहीं, कई देश भारत से वैक्‍सीन हासिल होने की आशा लगाकर बैठे हैं। ऐसे में यह भी कहा जा सकता है कि कोरोना वैक्सीन को लेकर विश्व की नजर भारत पर  टिकी हुई है।

वास्‍तव में जो तारीफ आज विश्‍व समुदाय की ओर से भारत को मिल रही है, यह उन लोगों के लिए भी एक सबक है जो कल तक कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ाई के आरंभिक दौर में अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ताली-थाली बजवाने और दीये जलवाने जैसे आह्वान का मजाक बना रहे थे और कह रहे थे कि दुनिया वैक्सीन बनाने में लगी है, भारत ताली-थाली बजाने में लगा है। इन लोगों ने हमारे विज्ञानियों की प्रतिभा पर भी विश्वास नहीं किया था।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में विश्व की पहली हार्ट टनल का उद्घाटन

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में विश्व की पहली हार्ट टनल का उद्घाटन

हुज़ैफ़ा अबरार September 29 2023 142302

मेदांता हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ राकेश कपूर ने विश्व हृदय दिवस पर डॉक्टर्स के समर्पण और लोगों

टीबी मरीज़ से टीबी चैंपियन कैसे बनीं सुनीता, जानिये उनकी जुबानी   

टीबी मरीज़ से टीबी चैंपियन कैसे बनीं सुनीता, जानिये उनकी जुबानी   

हुज़ैफ़ा अबरार June 29 2022 43036

सुनीता अनुभव साझा करते हुए बताती हैं कि वह खुद भी टीबी से पीड़ित रह चुकी हैं।क्षय रोग के दौरान उनके म

प्रदेश में घट रहा है कोरोना का संक्रमण।

प्रदेश में घट रहा है कोरोना का संक्रमण।

हुज़ैफ़ा अबरार May 14 2021 36708

प्रदेश में 30 अप्रैल 2021 को 310783 एक्टिव मरीज थे। इसके मुकाबले वर्तमान में 204658 एक्टिव मरीज बचे

सुअरों में पाया गया अफ्रीकन स्वाइन फ्लू, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

सुअरों में पाया गया अफ्रीकन स्वाइन फ्लू, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

विशेष संवाददाता November 06 2022 28423

केलराई में एक सुअर में स्वाइन फ्लू का पता चलने के बाद, कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिला प्रशासन ने संक्

कोविड-19: दक्षिण अफ़्रीका में चिन्हित नए वैरिएण्ट का नामकरण "ओमिक्रोन

कोविड-19: दक्षिण अफ़्रीका में चिन्हित नए वैरिएण्ट का नामकरण "ओमिक्रोन

हे.जा.स. November 29 2021 35013

कोविड-19 के नए वैरिएण्ट को ग्रीक नाम – ‘ओमिक्रोन’ दिया है और इसके अनेक रूप परिवर्तनों और इसकी तेज़ स

रामदेव की कंपनी को बड़ी राहत, पतंजलि की 5 दवाओं पर लगा बैन हटाया

रामदेव की कंपनी को बड़ी राहत, पतंजलि की 5 दवाओं पर लगा बैन हटाया

विशेष संवाददाता November 14 2022 30286

उत्तराखंड की सरकार ने पतंजलि की सब्सिडियरी कंपनी दिव्य फार्मेसी में बनने वाली पांच दवाइयों पर लगी र

ब्रिटेन में बर्ड फ्लू का कहर

ब्रिटेन में बर्ड फ्लू का कहर

हे.जा.स. November 03 2022 29872

यूनाइटेड किंगडम में एविएन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यूके की मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी क

पीजीआई में ऑस्टियोपोरोरिस दिवस पर जागरूकता समारोह आयोजित।

पीजीआई में ऑस्टियोपोरोरिस दिवस पर जागरूकता समारोह आयोजित।

हुज़ैफ़ा अबरार October 21 2021 36809

आस्टियोपोरोसिस की बीमारी हड्डियों को कमजोर बना देती है जिससे मामूली झटका व चोट लगने पर कूल्हे, कलाई

जानिये, वॉकिंग कब और कैसे साबित हो सकती है सेहत के लिए बेस्ट एक्सरसाइज

जानिये, वॉकिंग कब और कैसे साबित हो सकती है सेहत के लिए बेस्ट एक्सरसाइज

श्वेता सिंह August 31 2022 28979

भले ही वॉक करना एक अच्छी एक्सरसाइज है लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद तभी साबित हो सकता है जब वॉ

मोटापा कम करने के लिए खाएं ये हेल्दी फू़ड्स

मोटापा कम करने के लिए खाएं ये हेल्दी फू़ड्स

आरती तिवारी June 29 2023 30549

आज अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उत्पन्न बीमारियों में से सबसे बड़ी बीमारी मोटापा है। यह बीमारी पूरी दुनि

Login Panel