











































प्रतीकात्मक
|
लखनऊ। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने नई पहल की है । इसके तहत अब महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं को तीन वृहद परियोजनाओं में समाहित कर संचालित किया जाएगा, जिसमें मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति शामिल होंगे । मिशन शक्ति महिला व बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित सभी मिशन व योजनाओं का कंनर्वजेंस प्रोग्राम है । इसी में मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य तथा मिशन सक्षम आंगनबाड़ी को शामिल किया गया है । |
|
|
देश में लगभग 68 फीसद आबादी महिलाओं एवं बच्चों की : |
|
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य महिला एवं बाल विकास के लिए राज्य सरकार के कार्यों में कमी को दूर करने, महिलाओं का सम्मान व उनकी सुरक्षा तथा उनके अधिकारों का सर्मथन करने एवं उनके कौशल का क्षमतावर्धन कर उनमें आत्मविश्वास भरना है ताकि वह आगे के रास्ते को स्वयं तय कर सकें । विज्ञप्ति में कहा गया है कि देश का संविधान सभी महिलाओं व पुरुषों को स्वतंत्रता और अवसर का समान अधिकार देता है । एक महिला को अपने भाग्य निर्माण में सक्षम बनाने के लिए, सतत चलने वाले तरीकों को पूरे जीवनकाल तक अपनाया जा रहा है जो एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करता है जिसके माध्यम से प्राकृतिक तौर पर होने वाले भेदभाव और पक्षपात का समाधान किया जा सके । |
|
|
|
मिशन शक्ति से महिलाओं को मिलेगा समान अधिकार : महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है । इसलिए एक समावेशी समाज के निर्माण की जरूरत है, जहां महिलाओं और बालिकाओं को संसाधनों व अवसरों के इस्तेमाल का बराबरी का अधिकार हो ताकि भारत की सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक विकास में भागीदारी देने में महिलाएं सक्षम हों । समावेशी विकास के लिए आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय बदलाव लाने में महिलाओं की मुख्य भूमिका है । इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए वर्तमान में चल रही योजनाओं में आवश्यक बदलाव लाना जरूरी है । इसे मिशन शक्ति के तहत प्राप्त किया जा सकता है । |
|
बच्चों के कल्याण में मिशन वात्सल्य करेगा सहयोग सभी अम्ब्रेला स्कीम्स के लिए बजट में 24114 करोड़ रूपये आवंटित : वर्ष 2021—22 के केन्द्रीय बजट में इन तीन परियोजनाओं में पूर्व से चल रहीं योजनाओं को शामिल करते हुए राशि का आवंटन किया गया है । सक्षम आंगनबाड़ी तथा पोषण 2.0 परियोजना में आईसीडीएस आंगनबाड़ी सेवा, पोषण अभियान, किशोरियों के लिए योजना व राष्ट्रीय क्रेश योजना को शामिल किया गया है । इसके लिए बजट में 20, 105 करोड़ रुपये आंवटित किये गए हैं । मिशन वात्सल्य, बाल सुरक्षा सेवाएं व बाल कल्याण सेवाओं को सम्मिलित करते हुए 900 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है । मिशन शक्ति (महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए मिशन) में — संबल (वन स्टॉप सेंटर, महिला पुलिस वालंटियर , महिला हेल्पलाइन, स्वधर, उज्जवला, विधवा आश्रम) तथा समर्थ — (बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ, पालना घर, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जेंडर बजट, शोध) योजनाओं को शामिल करते हुए 3,109 करोड़ रुपये आंवटित किया गया है । इस तरह तीनों अम्ब्रेला स्कीम्स के लिए वर्ष 2021 — 22 के बजट में 24114 करोड़ रूपये आवंटित किए गए हैं । |







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 399
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72455
एमसीसी ने अपने नोटिस में कहा, ''मेडिकल काउंसलिंग कमेटी को नई सीटों के बारे में निम्नलिखित संस्थानों
जून 2022 तक देश में पंजीकृत एलोपैथी डॉक्टरों की कुल संख्या 13,08,009 है। साथ ही 5.65 लाख आयुष डॉक्टर
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इस वायरस को जैविक हथियार के तौर पर विकसित नहीं किया गया। ज्यादातर एजेंसियो
रूस में कोरोना के मामलों में इस बढ़ोतरी के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार के साथ ही
इसी बीच एक स्टडी के दावे के अनुसार कोरोना का नया वैरिएंट XBB.1.5 अन्य वैरिएंट्स की तुलना में वैक्सिन
ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ महिलाओं ने जागरुकता रैली निकाली गई है। जहां गाजियाबाद से नोएडा तक महिलाओं ने
दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान के स
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेलंगाना के 16 ग्रीन जोन में ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ प्रोजेक्ट की शुरुआत क
सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम की समस्या हो जाती है, लेकिन सर्दी-जुकाम की समस्या होने पर अगर आप हल
उज्बेकिस्तान की सरकार ने 18 बच्चों की मौत के लिए भारत की एक दवा कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है।

COMMENTS