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किडनी की पथरी और यूटीआईसे बचने हेतु खुद को डीहाइड्रेशन से बचाएं।

यूरोलॉजिस्ट किसी ऐसे व्यक्ति के लिए ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं जो दर्दनाक किडनी की पथरी से पीड़ित होता है चाहे पथरी का प्रकार कुछ भी हो उसे ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है।

लेख विभाग
February 10 2021
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किडनी की पथरी और यूटीआईसे बचने हेतु खुद को डीहाइड्रेशन से बचाएं। प्रतीकात्मक फोटो

- डॉ सिद्धार्थ सिंह, यूरोलॉजी कंसल्टेंट,रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ

सर्दियों में ऐसा देखा गया है कि किडनी में पथरी और यूटीआई की घटना ज्यादा होती है, क्योंकि इस मौसम में लोग अपनी डाइट में तरल पथार्थों का सेवन बहुत कम कर देते है। शरीर में हमारी किडनी का मुख्य काम मूत्र के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना और पानी का संतुलन बनाए रखना होता है। यह क्रिया सही रहने पर ब्लड फ्लो अच्छा बना रहता है।  इसलिए किडनी और शरीर के अन्य अंगो के काम को अच्छा बनाये रखने के लिए जरूरी है कि हम भरपूर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। एक्सपर्ट्स का मानना है कि किडनी बहुत ज्यादा पानी होने से उसे संभाल सकती है लेकिन अगर शरीर में बहुत कम पानी रहेगा तो  इससे किडनी का फंक्शन प्रभावित हो सकता है। इस वजह से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई), किडनी में पथरी और किडनी फेल हो सकती है। अगर इन सबका इलाज जल्दी न किया जाए तो इससे किडनी डैमेज भी हो सकती है।

बहुत कम तरल पदार्थ का सेवन करने से डीहाइड्रेशन होता है। तीन तरीके होते है जिससे शरीर से पानी बाहर निकलता है। पहला सांस लेने से, दूसरा पेशाब के जरिये और तीसरा पसीना बहने से। हर किसी को डीहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए जिससे शरीर में सभी कार्य सुचारू रूप से चल सके। 68 से 90 किलो वाले वजनी  व्यक्ति  को रेगुलर कम से कम 2 लीटर पानी पीने की जरुरत होती है। क्रोनिक डीहाइड्रेशन से किडनी का काम मुश्किल हो जाता है।

डीहाइड्रेशन से यूटीआई क्यों होता है?
हम जानते हैं कि पानी पेशाब बनने का एक प्रमुख फैक्टर होता है। हमारा मूत्राशय  कंटेनर जैसा होता है, और जब तक हम पेशाब नहीं करते है तब यह  मूत्र इसी कंटेनर में स्टोर होता हैं। अगर कोई बैक्टीरिया मूत्रमार्ग से इस मूत्राशय के अंदर जाता है तो जब तक हम पेशाब नहीं करते तब तक यह बैक्टीरिया वहाँ रहता है। इसलिए अगर हम पानी नहीं पीते हैं तो बैक्टीरिया को  मूत्रमार्ग में फैलने का पर्याप्त समय मिल जाता है, इस कंडीशन से यूटीआई होता है। हर बार जब आप पेशाब करते है तो पेशाब के माध्यम से असल में आप इन बैक्टीरिया को बाहर निकालते हैं। इसलिए दिन भर पानी पीते रहें। आप उन फलों का सेवन भी कर सकते हैं, जिनमे पानी की मात्रा ज्यादा पायी जाती हैं, जैसे कि  तरबूज, जामुन, आड़ू और अंगूर आदि। अगर आपको प्यास नहीं लग रही हो तो जितना आप कर सकते हैं उतना आप फिजकल एक्टिविटी करें ताकि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पी सके।

क्या पानी के पर्याप्त सेवन से किडनी की पथरी से बचा जा सकता है?
हमारे शरीर के वजन का लगभग 60-70 % हिस्सा पानी से बना होता है, यह पानी शरीर के सम्पूर्ण कार्यप्रणाली के लिए जरूरी होता है। डीहाइड्रेशन तब होता है जब आपके  शरीर से पानी की मात्रा कम हो जाती है। पानी की यह मात्रा दस्त, उल्टी, पसीना, या आपके मूत्र के माध्यम जैसे कि ख़राब डायबिटीज नियंत्रण से कम हो सकती है। किडनी की पथरी डीहाइड्रेशन की वजह से होती है। जब हम पर्याप्त पानी पीते हैं तब  किडनी की दीवारों से चिपके हुए पथरी बनाने वाले क्रिस्टल से बचा जा सकता है। यूरोलॉजिस्ट किसी ऐसे व्यक्ति के लिए ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं जो दर्दनाक किडनी की पथरी से पीड़ित होता है चाहे पथरी का प्रकार कुछ भी हो उसे ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है।

नीचे कुछ 5 रणनीतियां बताई जा रही है जिससे कंपकपाती ठंड में भी डीहाइड्रेशन से बचा जा सकता है।

1- अपने आपको तरल पदार्थों के सेवन के लिए तैयार करने हेतु यह लिखना शुरू करें कि आप कितना पानी पी रहे है। ऐसा एक हफ्ते के लिए करें।
2- जब आप सोकर उठे तो एक गिलास पानी पीने की आदत डालें। अपने साथ एक सिपर रखें और सुनिश्चित करें कि आप इसे एक घंटे में कम से कम दो बार पी रहे हैं।
3- अगर आप नार्मल पानी पीने से बोर हो गये हो तो आप टैंगी फ्लेवर के लिए पानी में निम्बू मिला सकते हैं।
4- अगर आप चाय या कॉफ़ी जैसी कोई गर्म चीज पी रहे है तो यह सुनिश्चित करें कि इसे पीने के बाद आप एक गिलास पानी पिएं।
5- डीहाइड्रेशन से बचने हेतु हीटर या ब्लोवर का प्रभाव कम करने के लिए एक ह्युमिडिफायर को चलायें। 

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