












































आयुर्वेद विशेषज्ञ गुरु मनीष प्रेस वार्ता में।
लखनऊ। आयुर्वेद विशेषज्ञ गुरु मनीष ने एक ऑनलाइन याचिका के वेब पोर्टल पर ''राइट टू हैल्थ'' का अनावरण किया। यह सभी भारतीयों और यहां तक कि विदेशों में भी लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार दिलाने में मददगार साबित होगा।
ऑनलाइन पिटीशन का वेब पोर्टल आचार्य मनीष ने नोएडा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदर्शित किया। राइट टू हेल्थ, अब आपके हाथ विश्व का स्वास्थ्य नामक एक ऑनलाइन पिटीशन के लांच की घोषणा की। उन्होंने शुद्धि आयुर्वेद द्वारा शुरू किये गये राइट टू हैल्थ अभियान के बारे में बताया। शुद्धि आयुर्वेद भारत में आयुर्वेद को चिकित्सा की सर्वप्रथम उपचार पद्धति के रूप में बढ़ावा देने के लिए स्थापित एक संगठन है।
गुरु मनीष ने कहा संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार सभी व्यक्तियों को जीवन का अधिकार है और इस अधिकार को स्वाथ्य के अधिकार के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता। हम ऑनलाइन पिटीशन के जरिये लोगों को जागरूक करना चाहते हैं कि राइट टू हैल्थ केवल आयुर्वेद के माध्यम से ही संभव है, क्योंकि आयुर्वेद की चरक संहिता के अनुसार आयुर्वेद का मकसद एक स्वस्थ शरीर को बीमारी से मुक्त रखना है और रोगग्रस्त शरीर से बीमारी को जड़ से हटाना है।
मनीष ने कहा राइट टू हैल्थ नामक ऑनलाइन पिटीशन का उददेश्य स्वस्थ भारत का लक्ष्य प्राप्त करना है। बदले में यह भारतीयों को सशक्त करेगा और वे सामूहिक रूप से भारत सरकार से आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए कह सकते हैं। राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन के अनुसार 90 प्रतिशत आबादी अभी भी एलोपैथिक चिकित्सा की पक्षधर है और यह सही समय है जब भारत आयुर्वेद पर ध्यान केंद्रित करे।

भारत सरकार की वोकल फॉर लोकल थीम को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद को प्रचारित किया जाना चाहिए न कि एलोपैथी को, जो एक विदेशी चिकित्सा पद्धति है, जिसे पश्चिमी देशों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। दवा उद्योग समूह भारतीयों के स्वास्थ्य की कीमत पर भारी मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि इन दवाओं के कई दुष्प्रभाव होते हैं और इनमें किसी बीमारी को जड़ से दूर करने का कोई इलाज नहीं है।
राइट टू हैल्थ अभियान शुरू करने और ऑनलाइन पिटीशन शुरू करने के पीछे आइडिया यह भी था कि आयुर्वेद को उसका सही स्थान दिलवाने के लिए सरकार को प्रभावित किया जाए। मनीष ने कहा हालांकि डब्ल्यूएचओ ने भारत में एक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है और भारत सरकार द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सकों को कुछ प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति देना भी एक अच्छा कदम है, परंतु आयुर्वेद के प्रति अधिकारियों के सौतेले व्यवहार को बदलने के लिए अभी बहुत कुछ किये जाने की आवश्यकता है।
आज भी एक आयुर्वेदिक चिकित्सक को एक साधारण से चिकित्सा प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है और आयुष्मान भारत योजना के तहत परिवार को 5 लाख रुपये का सुरक्षा कवर केवल एलोपैथिक इलाज के लिए है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए किसी तरह का बीमा कवर उपलब्ध नही है। आयुर्वेदिक उपचार को भी बीमा योजनाओं के दायरे में लाया जाना चाहिए। इतना ही नहीं वर्ष 1897 के महामारी अधिनियम और 1954 के मैजिक रेमेडी एक्ट जैसे पुराने कानूनों के चलते, आयुर्वेदिक चिकित्सक अलग-अलग बीमारियों के लिए चमत्कारिक उपचारों के बारे में बात नहीं कर सकते। इन पुराने कानूनों को खत्म करने या इनमें जरूरी बदलाव करने की आवश्यकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार August 25 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार August 25 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 91
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8141
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1974
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1715
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1596
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8141
एस. के. राणा January 20 2026 0 5306
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4921
एस. के. राणा January 13 2026 0 4788
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4753
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87204
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35777
लेख विभाग March 19 2022 0 35406
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73022
शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों से एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर पाया है कि टीकाकरण को
मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के डेटा के अनुसार इनमें 3, 349 एलोपैथिक इकाइयाँ, 867 आयुर्वेदिक इकाइयाँ, 665
डॉ. हैदर अब्बास के मुताबिक घायलों को तय समय में इलाज मुहैया कराकर जान बचाई जा सकती है। अफसोस की बात
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तत्पर सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए 20 न
242 लोगों का किया गया परीक्षण, 19 मरीजों को आपरेशन के लिए चिन्हित कर निशुल्क इलाज के लिए भेजे गए अस्
डूंगरपुर में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य व
केंद्र सरकार ने हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल-ई कंपनी के साथ 30 करोड़ वैक्सीन डोज का करार करते हुए कंपनी
देश में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 13 हजार 272 नए मामले सामने आए हैं, इस दौरान 13 हजा
पोप फ्रांसिस का 14 फरवरी से रोम के जेमेली अस्पताल में इलाज चल रहा है। अचानक उनकी श्वसन प्रणाली में स
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के सफल क्रियान्वयन से कोविड

COMMENTS