देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

स्वास्थ्य का अधिकार नाम से इंटरनेट पर हस्ताक्षर अभियान।

संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार सभी व्यक्तियों को जीवन का अधिकार है और इस अधिकार को स्वाथ्य के अधिकार के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता।

0 33605
स्वास्थ्य का अधिकार नाम से इंटरनेट पर हस्ताक्षर अभियान। आयुर्वेद विशेषज्ञ गुरु मनीष प्रेस वार्ता में।

लखनऊ। आयुर्वेद विशेषज्ञ गुरु मनीष ने एक ऑनलाइन याचिका के वेब पोर्टल पर ''राइट टू हैल्थ'' का अनावरण किया। यह सभी भारतीयों और यहां तक कि विदेशों में भी लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार दिलाने में मददगार साबित होगा। 

ऑनलाइन पिटीशन का वेब पोर्टल आचार्य मनीष ने नोएडा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदर्शित किया। राइट टू हेल्थ, अब आपके हाथ विश्व का स्वास्थ्य नामक एक ऑनलाइन पिटीशन के लांच की घोषणा की। उन्होंने शुद्धि आयुर्वेद द्वारा शुरू किये गये राइट टू हैल्थ अभियान के बारे में बताया। शुद्धि आयुर्वेद भारत में आयुर्वेद को चिकित्सा की सर्वप्रथम उपचार पद्धति के रूप में बढ़ावा देने के लिए स्थापित एक संगठन है। 

गुरु मनीष ने कहा संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार सभी व्यक्तियों को जीवन का अधिकार है और इस अधिकार को स्वाथ्य के अधिकार के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता। हम ऑनलाइन पिटीशन के जरिये लोगों को जागरूक करना चाहते हैं कि राइट टू हैल्थ केवल आयुर्वेद के माध्यम से ही संभव है, क्योंकि आयुर्वेद की चरक संहिता के अनुसार आयुर्वेद का मकसद एक स्वस्थ शरीर को बीमारी से मुक्त रखना है और रोगग्रस्त शरीर से बीमारी को जड़ से हटाना है। 

मनीष ने कहा राइट टू हैल्थ नामक ऑनलाइन पिटीशन का उददेश्य स्वस्थ भारत का लक्ष्य प्राप्त करना है। बदले में यह भारतीयों को सशक्त करेगा और वे सामूहिक रूप से भारत सरकार से आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए कह सकते हैं। राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन के अनुसार 90 प्रतिशत आबादी अभी भी एलोपैथिक चिकित्सा की पक्षधर है और यह सही समय है जब भारत आयुर्वेद पर ध्यान केंद्रित करे। 

भारत सरकार की वोकल फॉर लोकल थीम को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद को प्रचारित किया जाना चाहिए न कि एलोपैथी को, जो एक विदेशी चिकित्सा पद्धति है, जिसे पश्चिमी देशों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। दवा उद्योग समूह भारतीयों के स्वास्थ्य की कीमत पर भारी मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि इन दवाओं के कई दुष्प्रभाव होते हैं और इनमें किसी बीमारी को जड़ से दूर करने का कोई इलाज नहीं है।

राइट टू हैल्थ अभियान शुरू करने और ऑनलाइन पिटीशन शुरू करने के पीछे आइडिया यह भी था कि आयुर्वेद को उसका सही स्थान दिलवाने के लिए सरकार को प्रभावित किया जाए। मनीष ने कहा हालांकि डब्ल्यूएचओ ने भारत में एक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है और भारत सरकार द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सकों को कुछ प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति देना भी एक अच्छा कदम है, परंतु आयुर्वेद के प्रति अधिकारियों के सौतेले व्यवहार को बदलने के लिए अभी बहुत कुछ किये जाने की आवश्यकता है। 

आज भी एक आयुर्वेदिक चिकित्सक को एक साधारण से चिकित्सा प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है और आयुष्मान भारत योजना के तहत परिवार को 5 लाख रुपये का सुरक्षा कवर केवल एलोपैथिक इलाज के लिए है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए किसी तरह का बीमा कवर उपलब्ध नही है। आयुर्वेदिक उपचार को भी बीमा योजनाओं के दायरे में लाया जाना चाहिए। इतना ही नहीं वर्ष 1897 के महामारी अधिनियम और 1954 के मैजिक रेमेडी एक्ट जैसे पुराने कानूनों के चलते, आयुर्वेदिक चिकित्सक अलग-अलग बीमारियों के लिए चमत्कारिक उपचारों के बारे में बात नहीं कर सकते। इन पुराने कानूनों को खत्म करने या इनमें जरूरी बदलाव करने की आवश्यकता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मुंहासों से पाना है जल्द छुटकारा, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

मुंहासों से पाना है जल्द छुटकारा, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

सौंदर्या राय May 04 2023 37144

मुंहासे हकीकत में काफी तकलीफदेह हो सकते हैं और दुर्भाग्य से ये त्वचा की सबसे आम स्थिति है। ये तब होत

अब यात्रियों के लिए RT-PCR जरूरी, 6 देशों के लिए जारी हुई गाइडलाइन

अब यात्रियों के लिए RT-PCR जरूरी, 6 देशों के लिए जारी हुई गाइडलाइन

एस. के. राणा December 30 2022 33802

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि एक जनवरी से अब छह देशों से आने वाले यात्रिय

फेनोफाइब्रेट कोरोना संक्रमण को 70 प्रतिशत तक कम कर सकती है: अध्ययन

फेनोफाइब्रेट कोरोना संक्रमण को 70 प्रतिशत तक कम कर सकती है: अध्ययन

admin August 07 2021 28584

हाल में प्रकाशित प्रयोगशाला में किए गए एक नए अध्ययन में यह जानकारी दी गई है कि खून में वसायुक्त पदार

प्रेगनेंसी में कोरोना वैक्सीन लेने वाली महिलाओं के नवजात शिशुओं में दीर्घकालिक एंटीबॉडीज पाई गई: शोध

प्रेगनेंसी में कोरोना वैक्सीन लेने वाली महिलाओं के नवजात शिशुओं में दीर्घकालिक एंटीबॉडीज पाई गई: शोध

हे.जा.स. February 09 2022 26941

गर्भावस्था के दौरोना कोरोना वैक्सीन लेने वाली महिलाओं के नवजात शिशुओं में काफी लंबे समय तक रहने वाली

ओमिक्रोन संक्रमण और कोरोना संक्रमण दोनों के मामले बढ़े

ओमिक्रोन संक्रमण और कोरोना संक्रमण दोनों के मामले बढ़े

एस. के. राणा December 30 2021 39410

इधर कोरोना के मामले में भी इजाफा हुआ है। पिछले 24 घंटे में 13,154 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं।

दिल्ली में डेंगू के मामलों में आई गिरावट

दिल्ली में डेंगू के मामलों में आई गिरावट

विशेष संवाददाता December 01 2022 31253

दिल्ली में पिछले साल नवंबर तक 8,276 मरीज डेंगू से पीड़ित थे। जबकि, इस बार यह संख्या 50 फीसदी भी पार

गर्भावस्था में कब्ज से इस तरह पाएं छुटकारा

गर्भावस्था में कब्ज से इस तरह पाएं छुटकारा

श्वेता सिंह September 24 2022 31841

प्रोजेस्टेरोन हार्मोन में वृद्धि से शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिसमें हमारी आंतें भी शामि

Organ Transport: ग्रीन कॉरिडोर के बजाए ड्रोन से होगा मानव अंगों का परिवहन

Organ Transport: ग्रीन कॉरिडोर के बजाए ड्रोन से होगा मानव अंगों का परिवहन

विशेष संवाददाता September 04 2022 28152

अभी तक मानव अंगों को प्रत्यारोपण के लिए जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस और प्रशासन की म

राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की हुई शुरुआत

राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की हुई शुरुआत

विशेष संवाददाता November 06 2022 41100

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार आईएफए सिरप देन

केजीएमयू के ऑपरेशन थिएटर में मिले बैक्टीरिया, जांच रिपोर्ट में खुलासा

केजीएमयू के ऑपरेशन थिएटर में मिले बैक्टीरिया, जांच रिपोर्ट में खुलासा

अबुज़र शेख़ October 29 2022 23349

इक्रोबायोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने नमूनों की जांच की। जांच रिपोर्ट में ओटी टैबल से लेकर हैंडल तक

Login Panel