देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

स्वास्थ्य का अधिकार नाम से इंटरनेट पर हस्ताक्षर अभियान।

संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार सभी व्यक्तियों को जीवन का अधिकार है और इस अधिकार को स्वाथ्य के अधिकार के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता।

0 34039
स्वास्थ्य का अधिकार नाम से इंटरनेट पर हस्ताक्षर अभियान। आयुर्वेद विशेषज्ञ गुरु मनीष प्रेस वार्ता में।

लखनऊ। आयुर्वेद विशेषज्ञ गुरु मनीष ने एक ऑनलाइन याचिका के वेब पोर्टल पर ''राइट टू हैल्थ'' का अनावरण किया। यह सभी भारतीयों और यहां तक कि विदेशों में भी लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार दिलाने में मददगार साबित होगा। 

ऑनलाइन पिटीशन का वेब पोर्टल आचार्य मनीष ने नोएडा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदर्शित किया। राइट टू हेल्थ, अब आपके हाथ विश्व का स्वास्थ्य नामक एक ऑनलाइन पिटीशन के लांच की घोषणा की। उन्होंने शुद्धि आयुर्वेद द्वारा शुरू किये गये राइट टू हैल्थ अभियान के बारे में बताया। शुद्धि आयुर्वेद भारत में आयुर्वेद को चिकित्सा की सर्वप्रथम उपचार पद्धति के रूप में बढ़ावा देने के लिए स्थापित एक संगठन है। 

गुरु मनीष ने कहा संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार सभी व्यक्तियों को जीवन का अधिकार है और इस अधिकार को स्वाथ्य के अधिकार के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता। हम ऑनलाइन पिटीशन के जरिये लोगों को जागरूक करना चाहते हैं कि राइट टू हैल्थ केवल आयुर्वेद के माध्यम से ही संभव है, क्योंकि आयुर्वेद की चरक संहिता के अनुसार आयुर्वेद का मकसद एक स्वस्थ शरीर को बीमारी से मुक्त रखना है और रोगग्रस्त शरीर से बीमारी को जड़ से हटाना है। 

मनीष ने कहा राइट टू हैल्थ नामक ऑनलाइन पिटीशन का उददेश्य स्वस्थ भारत का लक्ष्य प्राप्त करना है। बदले में यह भारतीयों को सशक्त करेगा और वे सामूहिक रूप से भारत सरकार से आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए कह सकते हैं। राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन के अनुसार 90 प्रतिशत आबादी अभी भी एलोपैथिक चिकित्सा की पक्षधर है और यह सही समय है जब भारत आयुर्वेद पर ध्यान केंद्रित करे। 

भारत सरकार की वोकल फॉर लोकल थीम को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद को प्रचारित किया जाना चाहिए न कि एलोपैथी को, जो एक विदेशी चिकित्सा पद्धति है, जिसे पश्चिमी देशों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। दवा उद्योग समूह भारतीयों के स्वास्थ्य की कीमत पर भारी मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि इन दवाओं के कई दुष्प्रभाव होते हैं और इनमें किसी बीमारी को जड़ से दूर करने का कोई इलाज नहीं है।

राइट टू हैल्थ अभियान शुरू करने और ऑनलाइन पिटीशन शुरू करने के पीछे आइडिया यह भी था कि आयुर्वेद को उसका सही स्थान दिलवाने के लिए सरकार को प्रभावित किया जाए। मनीष ने कहा हालांकि डब्ल्यूएचओ ने भारत में एक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है और भारत सरकार द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सकों को कुछ प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति देना भी एक अच्छा कदम है, परंतु आयुर्वेद के प्रति अधिकारियों के सौतेले व्यवहार को बदलने के लिए अभी बहुत कुछ किये जाने की आवश्यकता है। 

आज भी एक आयुर्वेदिक चिकित्सक को एक साधारण से चिकित्सा प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है और आयुष्मान भारत योजना के तहत परिवार को 5 लाख रुपये का सुरक्षा कवर केवल एलोपैथिक इलाज के लिए है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए किसी तरह का बीमा कवर उपलब्ध नही है। आयुर्वेदिक उपचार को भी बीमा योजनाओं के दायरे में लाया जाना चाहिए। इतना ही नहीं वर्ष 1897 के महामारी अधिनियम और 1954 के मैजिक रेमेडी एक्ट जैसे पुराने कानूनों के चलते, आयुर्वेदिक चिकित्सक अलग-अलग बीमारियों के लिए चमत्कारिक उपचारों के बारे में बात नहीं कर सकते। इन पुराने कानूनों को खत्म करने या इनमें जरूरी बदलाव करने की आवश्यकता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

सोलन में चलाया गया वैक्सीनेशन अभियान

सोलन में चलाया गया वैक्सीनेशन अभियान

विशेष संवाददाता February 06 2023 29490

हिमाचल के जिला सोलन के बच्चों को कई बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष वैक्सीनेशन अभ

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय रोगी कल्याण समिति की बैठक

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय रोगी कल्याण समिति की बैठक

हुज़ैफ़ा अबरार December 07 2022 21800

मंडलायुक्त ने अस्पतालों में रोगियों के लिए पीने के पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये। जिन चि

क्या है Happiness Index? कौन सा देश है कितना खुश

क्या है Happiness Index? कौन सा देश है कितना खुश

हे.जा.स. April 09 2023 41743

दुनिया का हर शख्सर जिंदगी में खुशियां चाहता है। अपनी मनचाही खुशियों को पाने के लिए लोग जिंदगी भर मेह

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल का निरीक्षण

आरती तिवारी September 16 2022 31619

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल का जायजा लिया। औचक निरीक्षण के दौ

एंबुलेंस का टोटा, बाइक से ही घर ले गए बच्ची के शव को परिजन

एंबुलेंस का टोटा, बाइक से ही घर ले गए बच्ची के शव को परिजन

विशेष संवाददाता July 29 2023 36301

कानपुर जिले के पनकी थाना क्षेत्र के एक गांव मे करंट उतरने से बच्ची बुरी तरह झुलस गई। बच्ची को पंप के

कम पानी पीने से होता है किडनी स्टोन।

कम पानी पीने से होता है किडनी स्टोन।

हुज़ैफ़ा अबरार January 22 2021 22973

किडनी की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनटों या घंटो तक बना रह

सहारा हास्पिटल में दो दिवसीय आईवीएफ शिविर सम्पन्न  

सहारा हास्पिटल में दो दिवसीय आईवीएफ शिविर सम्पन्न  

हुज़ैफ़ा अबरार February 18 2023 44269

मरीजों का इलाज गोपनीयता की सुरक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाता है। आईवीएफ विशेषज्ञ डा. ग

स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की तैनाती की जाएं: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की तैनाती की जाएं: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

आरती तिवारी August 08 2023 30023

सूबे के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को जर

इस बार गोरखपुर में वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम होगी

इस बार गोरखपुर में वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम होगी 'हमारा स्वास्थ्य, हमारी पृथ्वी'

आनंद सिंह April 07 2022 33317

कल योग करेंगे चिकित्सक, साइकिलिंग भी करेंगे, पौधे भी लगाएंगे। कुल मिलाकर संदेश यह देना है कि प्रकृति

दिव्यांगजनों को बाधा रहित, अनुकूल एवं सुगम परिवेश देना होगा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

दिव्यांगजनों को बाधा रहित, अनुकूल एवं सुगम परिवेश देना होगा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

रंजीव ठाकुर July 14 2022 41417

दिव्यांग शरीर वाले लोग ज्ञान, मेधा और तार्किक शक्ति के लिहाज से अन्य सामान्य व्यक्तियों से किसी भी त

Login Panel