











































प्रतीकात्मक चित्र
गोरखपुर (लखनऊ ब्यूरो)। गोरखपुर में एक बार फिर से डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। यहां संक्रमितों की संख्या में वृद्धि होती दिख रही है। गोरखपुर के ग्रामीण इलाके हों या शहर डेंगू के मरीज दोनों जगह से मिल रहे हैं। मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती ही जा रही है।
संक्रमितो में कुछ ऐसे भी मरीज हैं, जो बाहर से सफर कर के घर आए और जब डेंगू (dengue) का जांच कराया तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। हालांकि, जिला अस्पताल में सिर्फ 9 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिसमें एक मरीज कुशीनगर का एक पंजाब का है। बाकी मरीजों को घर पर प्रिकॉशन (precautions) लेने के लिए बोला गया है। जिला अस्पताल के अनुसार इस वक्त जिले में 123 डेंगू के मरीजों की संख्या है। फिलहाल ये आंकड़े सरकारी हैं, इनमें प्राइवेट अस्पतालों (private hospital), नर्सिंग होम (nursing home) और क्लीनिकों में आने वाले मरीजों के आंकड़े शामिल नहीं हैं।
जिले में जहां भी डेंगू के मरीज (patients) पाए जा रहे हैं। वहां जिला अस्पताल की टीम जा रही हैं और उस जगह पर फॉगिंग मशीन (fogging machine) के जरिए दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। ऐसे में मरीज के घर की भी जांच की जा रही है। अगर मरीज के घर में डेंगू के लार्वा (larvae) मिले तो उनके घर को नोटिस जारी किया जा रहा है और एक हफ्ते का टाइम भी दिया जा रहा है। जिला अस्पताल की टीम (team) उस घर पुनः जाएगी फिर अगर लार्वा मिला तो इस बार उनके ऊपर कार्रवाई भी की जाएगी और फाइन लगाया जाएगा।
गोरखपुर के सीएमओ (CMO) आशुतोष दुबे ने कहा कि शहर में फागिंग और सफाई पर काफी जोर दिया जा रहा है। हालांकि मरीजों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के लिए नगर निगम की 36 टीमें बनाई गई हैं। नगर निगम ने इसे 25 जोनों में बांटकर काम प्रारंभ किया है। आपको बता दें लार्वा मिलने पर आरआरटी (RRT) टीम जाकर जांच करती है। फिलहाल जो मरीज सीरियस होते हुए दिखाई देते हैं, उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया जाता है। वहीं 108 से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
आयुष्मान कार्ड अभी जिले स्तर पर मंडलीय चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों
इस बुखार का रहस्य ये है कि सारे लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया से मिलते जुलते हैं पर जब टेस्ट करा
एचआईवी जैसी दूसरी बीमारियों के साथ ट्रांसप्लांट करना कई विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल और बेहद सावधा
डॉक्टर द्वारा बायोप्सी का सुझाव देने के दो मुख्य कारण रहते हैं, बेहतर निदान के लिए आपके कैंसर के टिश
बलरामपुर अस्पताल में कोरोना से निपटने की व्यवस्थाओं को लेकर मॉकड्रिल किया गया। जिसका निरीक्षण खुद उत
प्रो. अग्रवाल ने कहा कि चुनावी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग गाइडलाइन का पालन किए बगैर पहुंचते हैं
आगरा में ओपीडी ऑन व्हील की शुरुआत की गई है। वहीं यह शहर से ग्रामीण क्षेत्र तक ओपीडी ऑन व्हील सेवाएं
अधिकारियों के अनुसार करनाल स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चालू वित्त वर्ष में सेक्टर 32 में 10 एकड़ जमीन मे
यह शरीर में जमा सभी विषैले तत्वों को हटाकर शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया में मदद करता है. इसके सा
डायबिटीज की बीमारी दिन- प्रतिदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है। दुनिया भर में डायबिटीज से पीड़ित मर

COMMENTS