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बिरला आईवीएफ की लखनऊ में फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन सेवाएं शुरु

बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ दंपत्तियों के फर्टिलिटी के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहाँ आने वाले 95 प्रतिशत दंपत्तियों को किफायती व पारदर्शी मूल्यों के साथ पूर्ण संतुष्टि मिलती है। अधिकांश दंपत्ति गर्भधारण करने में सफल होते हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
January 30 2023 Updated: January 30 2023 03:36
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बिरला आईवीएफ की लखनऊ में फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन सेवाएं शुरु बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ केंद्र

लखनऊ। बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ फर्टिलिटी के भविष्य में परिवर्तन लाने और फर्टिलिटी केयर में ग्लोबल लीडर बनने के उददेश्य के साथ बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ केंद्र लखनऊ में फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन सेवाएं प्रदान कर रहा, ताकि दंपत्ति अपनी फर्टिलिटी को संरक्षित कर अपनी पसंद के समय गर्भधारण कर सकें।

 

बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ (Birla Fertility & IVF) देश में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ फर्टिलिटी एवं आईवीएफ ब्रांड है। महिलाओं व पुरुषों की इन्फर्टिलिटी के लिए विस्तृत फर्टिलिटी उपचारों (fertility treatments) तथा एडवांस्ड जेनेटिक्स एवं डायग्नोस्टिक्स के साथ बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ दंपत्तियों के फर्टिलिटी के स्वास्थ्य (fertility health) में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहाँ आने वाले 95 प्रतिशत दंपत्तियों को किफायती व पारदर्शी मूल्यों के साथ पूर्ण संतुष्टि मिलती है। अधिकांश दंपत्ति गर्भधारण करने में सफल होते हैं।

बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ सोशल एग फ्रीजि़ंग (Egg Freezing), स्पर्म फ्रीजि़ंग (Sperm Freezing) से लेकर कैंसर एवं अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीजों के लिए मेडिकल फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन (Medical Fertility Preservation) आदि सेवाएं प्रदान करता है। बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ द्वारा प्रस्तुत आधुनिक इलाज में ओवेरियन कॉर्टेक्स टिश्यू फ्रीजि़ंग (Ovarian Cortex Tissue Freezing) शामिल है, जो कैंसर से पीडि़त युवतियों को अपनी फर्टिलिटी को प्रिज़र्व करने में समर्थ बनाता है। लांच पर डा. प्रो पंकज तलवार और डा. विनिता दास ने यह जानकारी दी।

फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन की प्रक्रिया में अंडों, स्पर्म, एम्ब्रायो, और ओवेरियन या टेस्टिकुलर टिश्यू को भविष्य में उपयोग के लिए क्रायोप्रिज़र्व (cryopreserved) किया जाता है (माईनस 196डिग्री सेल्सियस के अत्यधिक कम तापमान पर लिक्विड नाईट्रोज़न में स्टोर किया जाता है)। दंपत्ति या अविवाहित लोग, दोनों ही अपनी फर्टिलिटी को प्रिज़र्व कराने का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे उन्हें बाद में जब भी महसूस हो, तब परिवार शुरू करने की स्वतंत्रता मिलती है।

इसके अलावा कैंसर (cancer) या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इलाज शुरू होने से पहले अपनी फर्टिलिटी को प्रिज़र्व करा लेना चाहिए, ताकि इलाज पूरा होने व स्वस्थ होने के बाद वो फिर से परिवार शुरू करने में समर्थ हो सकें। जब कैंसर या अन्य बीमारी का इलाज पूरा हो जाए, और महिला या पुरुष या दंपत्ति परिवार शुरू करने के लिए तैयार हो जाएं, तो फ्रीज़ किए गए अंडे,स्पर्म,एम्ब्रायो को निकालकर आईवीएफ प्रक्रिया द्वारा गर्भधारण (conceive) किया जा सकता है। ओवेरियन कॉर्टेक्स टिश्यू फ्रीज़िंग में ओवेरियन कॉर्टेक्स - ओवरी में अंडे का उत्पादन करने वाला हिस्सा- कैंसर का इलाज शुरू करने से पहले निकाल दिया जाता है। इस टिश्यू को सालों के बाद फिर से शरीर में स्थापित किया जा सकता है, और मरीज पुनः प्राकृतिक रूप से या फिर आईवीएफ द्वारा गर्भधारण करने में समर्थ बन सकती है।

 

इन नई सेवाओं के लॉन्च के बारे में डॉ. प्रो. (कर्नल) पंकज तलवार, डायरेक्टर, मेडिकल सर्विसेज़, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ ने कहा, ‘‘कुछ दंपत्ति गर्भधारण को भविष्य के लिए टाल देते हैं ताकि वो परिवार शुरू करने से पहले अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करके वित्तीय स्वतंत्रता हासिल कर सकें। फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन ने दंपत्तियों को उस समय संतान प्राप्ति करने में समर्थ बनाया है, जब वो चाहते हैं। कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से फर्टिलिटी की समस्याएं (fertility problems) हो सकती हैं।

 

भारत में साल 2022 में कैंसर के अनुमानित 14,61,427 मामले थे। ऐसी स्थितियों में फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन न केवल गर्भधारण को भविष्य के लिए टालने, बल्कि फर्टिलिटी के अन्य विकल्पों की गारंटी प्रदान करने के लिए एक बहुत ही प्रभावशाली साधन है। कैंसर पीड़ित महिलाओं को कीमोथेरेपी शुरू कराने से पहले अपने अडों को फ्रीज़ करा लेना चाहिए क्योंकि यह इलाज अंडों को नष्ट कर सकता है। इसी प्रकार कैंसर से पीड़ित पुरुषों को कीमोथेरेपी या रेडियेशन द्वारा इलाज शुरू करने से पहले अपने स्पर्म को सुरक्षित करने के लिए उन्हें फ्रीज़ करा लेना चाहिए। बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ में हम कैंसर सर्वाईवर्स (cancer survivors) और मरीजों को इलाज से पहले व बाद में अपनी फर्टिलिटी को प्रिज़र्व करने में मदद कर रहे हैं।

 

डॉ. (प्रो.) विनिता दास, एडवाईज़र एवं कंसल्टैंट, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, लखनऊ ने कहा, ‘‘आज कई लोग काफी देर से शादी कर रहे हैं या परिवार बहुत देर से शुरू कर रहे हैं। उम्र के साथ फर्टिलिटी कम होती चली जाती है। समय के साथ अंडों और स्पर्म, दोनों की गुणवत्ता व संख्या कम होती चली जाती है। इसलिए युवावस्था में ही अपने उच्च गुणवत्ता के अंडों या स्पर्म को फ्रीज़ करा लेने से लोगों को बाद में गर्भधारण करने की बेहतर संभावनाएं मिल सकती हैं। फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन से लोगों को यह निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलती है कि उन्हें परिवार कब शुरू करना है। इसके अलावा, आज कैंसर के निदान और इलाज में काफी प्रगति हो चुकी है, जिससे मरीजों के बचने की दर बढ़ गई है। इसलिए कैंसर से पीड़ित युवाओं को स्वस्थ होने के बाद अपना जीवन फिर से शुरू करने की योजना पहले ही बना लेनी चाहिए।

 

इस योजना में फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन जैसी विधियाँ काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं, और दंपत्तियों को संतान प्राप्ति का अपना सपना पूरा करने में मदद कर सकती हैं। कैंसर का निदान और इलाज कराते हुए लोग अपनी फर्टिलिटी के बारे अक्सर भूल जाते हैं। लेकिन फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन में हुई आधुनिक प्रगति मरीजों को परिवार शुरू करने का अपना सपना पूरा करने में मदद कर सकती है। फर्टिलिटी प्रिज़र्वेशन एवं इलाज के विकल्पों में हुई उन्नति, जैसे ओवेरियन कॉर्टेक्स टिश्यू फ्रीज़िंग कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों (patients) के लिए बेहतरीन संभावनाएं लेकर आई है।

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