











































सांकेतिक चित्र
सर्दियों के मौसम में होंठ फटने की समस्या ज्यादातर लोगों में देखी जाती है। होंठ तभी फटते जब इनमें से नमी चली जाती है और यह रुखे हो जाते हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ सर्दियों में ही होंठ फटते या सूख जाते हैं। अगर आप इनका अच्छे से ख्याल नहीं रखेंगे तो गर्मियों में भी होंठों से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते है किन कारणों से फटते है होंठ-
चेलाइटिस- Cheilitis
होठों का फटना कोई मामूली बात नहीं है या कोई आम सी दिखने वाली प्रॉब्लम नहीं है। अगर आपके होंठ फटने का कारण ऊपर बताए गए सभी कारणों में से नहीं है तो ये एक सीरियस और डेंजरस स्किन डिजीज हो सकती है, जिसे चेलाइटिस कहते हैं। चेलाइटिस की समस्या होने पर मुंह के कोनों और होठों पर दरारें आ जाती हैं और त्वचा फटने के कारण कई बार खून भी निकलने लगता है। होठों पर सफेद पर्त दिखाई देना, बार-बार छाले निकलना और रूखापन बने रहना इस डिजीज के सिम्पटम हैं। इस समस्या को नज़रअंदाज़ करने से कई बार इंफेक्शन फैलने का खतरा बन जाता है इसलिए अगर किसी व्यक्ति के होंठ फटने पर घरेलू उपायों से ये ठीक न हो रहा हो, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी कांटेक्ट करें।
डिहाइड्रेशन- Dehydration
होठों के फटने का एक कारण डिहाइड्रेशन भी है। डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी। पानी शरीर के लिए कितना जरूरी है ये बाते की जरूरत नहीं। लेकिन फिर भी कई लोग ऐसे होते हैं जो पानी कम पीते हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ प्यास लगने पर ही पानी पीना चाहिए। शरीर में पानी का लेवल मेनटेन रखने के लिए दिनभर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना ज़रूरी है। आमतौर पर एक दिन में 2 से 3 लीटर पानी हर किसी को पीना चाहिए। कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन के अलावा भी कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
होठों पर बार-बार जीभ लगाना - Lip smacking
कुछ लोगों की आदत होती है कि वो अपने होठों पर बार-बार जीभ लगाते हैं, ताकि होंठों पर नमी बनी रहे। लेकिन इसका असर उल्टा होता है। होठों पर मुंह की राल लगाने से होंठ नम होने के बजाये उल्टा और रूखे हो जाते हैं। इसके पीछे की वजह ये है कि सलाइवा (थूक) में कुछ खास एंजाइम्स होते हैं, जो खाने को पचाने में मदद करते हैं। आप जब जीभ को होठों पर फिराते हैं, तो सलाइवा आपके होठों पर लग जाता है और इसकी ऊपरी पर्त एंजाइम्स के असर के कारण सूखने लगती है। इसलिए बार-बार होंठ पर जीभ फिराने से सामान्य से कहीं ज़्यादा होंठ फट जाते हैं।
ज्यादा खट्टा खाना - Sour food
कुछ लोगों को खट्टी चीजें खाना पसंद होता है. खटास के माले में फल भी इस लिस्ट में आते हैं। ऐसे में जो लोग फल बहुत खाते हैं उन्हें फलों में मौजूद सिट्रिक एसिड की वजह से माउथ ड्राइनेस और होंठ फटने की प्रॉब्लम से जूझना पड़ता है। हालांकि खट्टे फलों में विटामिन सी बहुत अच्छी मात्रा में होता है और विटामिन सी आपकी त्वचा की चमक बढ़ाने और एजिंग रोकने के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन इन फलों के एसिडिक नेचर के कारण ये त्वचा को डिहाइड्रेट कर सकते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि अगर आप खट्टे फल खाते हैं, तो पानी भी ज़्यादा पिएं, ताकि शरीर में पानी का लेवल सही बना रहे।
एल्कोहल पीना - Drinking alcohol
शराब के शौक़ीन लोग अपने लीवर की चिंता तो नहीं करते कम से कम अपने होठों की ही कर लें। ऐसा इसलिए क्योंकि ज़्यादा एल्कोहल पीने के कारण भी होंठ फट सकते हैं। एल्कोहल शरीर को डिहाइड्रेट करता है, जिसके कारण त्वचा में रूखापन आता है। होंठ काफी सेंसिटिव होते हैं और बोलने, बात करने के दौरान शरीर के अंदर की गर्म हवा के संपर्क में भी लगातार आते हैं, इसलिए होठों की नमी बहुत जल्दी सूखती है। ऐसे में अगर आप एल्कोहल पीते हैं तो आपको होंठ फटने की समस्या हो सकती है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
शरीर के हर अंग की वैसे तो हमारे जीवन में खास अहमियत है किन्तु फेफड़े इसमें अहम भूमिका निभाते हैं क्यो
लम्बे समय तक एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाइयाँ, स्टेरॉयड की दवाइयाँ और सिगरेट-शराब के सेवन से भी अल
सीएसजेएमयू के फार्मेसी विभाग में डीफार्मा, बीफार्मा लेट्रल इंट्री, बीफार्मा, एमफार्मा (फार्मास्युटिक
Intracoronary infusion of Wharton’s jelly derived mesenchymal stem cells significantly reduced the r
पूरी दुनिया को हेपेटाइटिस की बीमारी से जागरूक करने के लिए इस साल भी 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिव
इस साल के विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम 'हमें भोजन की जरूरत है, तंबाकू की नहीं' है। बीते साल विश्व
मौसमी फलों में विटामिन्स, मिनरल्स, एंटी-ऑक्सीडेंट के साथ कुछ मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट और फ
हाइपरटेंशन भारत में हृदय रोगों के सबसे प्रमुख जोखिम के कारकों में से एक है। रक्त वाहिकाओं में बाधा
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 554 का चयन किया गया है। इसमें 484 महिला और 70 पुरुष हैं। इन चयनि
भारत के 600 जिलों में से एक तिहाई जिलों में भूजल पीने के लिए अयोग्य है। जिसमें फ्लोराइड, लोहा, खार

COMMENTS