देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

कोरोना संक्रमण की चौथी लहर शायद ही आए, लोग जागरूक हैं, स्वास्थ्य महकमा भी मुस्तैद है: मुख्य चिकित्सा अधिकारी

आज गोरखपुर में 17 आक्सीजन प्लांट हैं। हमारे पास 1500 डेडिकेटेड कोविड बेड्स हैं। 800 वेंटिलेटर्स हैं। हम लोग सक्षम हैं, कोविड का मुकाबला करने के लिए पर हमें नहीं लगता कि अब कोई चौथी लहर आएगी।

आनंद सिंह
March 27 2022 Updated: March 27 2022 14:49
0 33882
कोरोना संक्रमण की चौथी लहर शायद ही आए, लोग जागरूक हैं, स्वास्थ्य महकमा भी मुस्तैद है: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ,मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर

गोरखपुर। ज़िले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार दुबे मानते हैं कि कोरोना काल में वैज्ञानिकों और चिकित्सकों से इस बीमारी की भयावहता को समझने में बड़ी चूक हुई। यही कारण था कि इतनी मौतें हुईं। डा. दुबे यह भी मानते हैं कि जब चीजें समझ में आ गईं तो राज्य सरकार ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी और मुख्यमंत्री ने जिस तरीके से खुद ही फ्रंटलाइन पर आकर लीड किया, वह बेमिसाल है। डा. दुबे महसूस करते हैं कि भारत में कोरोना की लहर अब शायद ही कभी आए क्योंकि एक्टिव केस न के बराबर हैं और जनता भी अब जागरूक हो रही है।

healthjagaran.com के संपादक के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि जब पहली लहर आई तो दिक्कतें थीं। हमारे पास टेस्टिंग टूल्स नहीं थे। पर्याप्त बेड्स नहीं थे। वेटिलेटर्स भी बहुत कम थे। आक्सीजन की भी दिक्कतें थीं। उन दिनों मैं अमेठी में था। लेकिन, जिस तरीके से

मुख्यमंत्री ने फ्रंट पर आकर व्यवस्था को संभाला, उससे एक अलग ही मैसेज गया। पहली लहर में उतनी मौतें नहीं हुई थीं। दूसरी लहर और पहली लहर के बीच में थोड़ा गैप था। इस गैप में अनेक कार्य किये गए। बेड की व्यवस्था हुई। वेंटीलेटर्स की व्यवस्था की गई। आक्सीजन (oxygen) की व्यवस्था की गई। हर जिले में कोविड कमांड सेंटर बनाए गए। टेस्टिंग के नए उपकरण भी बाजार में आ गए थे। टीम 11 और टीम 9 का गठन हुआ। इन दोनों टीम के निर्देश पर जनपद गोरखपुर में भी कई काम किये गए। आज गोरखपुर (Gorakhpur) में 17 आक्सीजन प्लांट हैं। हमारे पास 1500 डेडिकेटेड कोविड बेड्स हैं। 800 वेंटिलेटर्स हैं। हम लोग सक्षम हैं, कोविड (covi) का मुकाबला करने के लिए पर हमें नहीं लगता कि अब कोई चौथी लहर आएगी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोविड के दौर में लोगों को लगने लगा कि कोरोना का एकमात्र इलाज आक्सीजन से ही हो सकता है। गलतफहमी में थे लोग। आक्सीजन की जिनको जरूरत नहीं थी, वो ही आक्सीजन-आक्सीजन चिल्ला रहे थे। आपदा में अवसर अनेक मुनाफाखोरों ने तलाश ही लिया। पहले यह सूचना फैला दी गई कि आक्सीजन नहीं है। फिर आक्सीजन की खरीद-फरोख्त शुरू हो गई। लेकिन राज्य सरकार ने इससे कड़ाई से निपटने में सफलता प्राप्त की।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि लोगों ने कोविड प्रोटोकाल (covid protocol ) का अगर पालन किया होता तो आंकड़े कुछ और ही होते। लोगों ने कोविड नियमों को माना नहीं या बहुत कम माना। नियम यह था कि आपको कोरोना है तो आप कोविड कमांड सेंटर पर फोन करेंगे। सभी बातें बताएंगे। उसके अनुसार आपका इलाज चलेगा। अगर कोविड कमांड सेंटर को लगेगा कि आपकी स्थिति खराब है तो वह खुद ही आपको अस्पताल में भर्ती कराएगी। लेकिन लोग सच नहीं बताते। लोगों ने बीमारियां छुपाईं। जब वो गंभीर हो गए तो अस्पतालों में जबरदस्ती घुसने की कोशिश करने लगे। इसी से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उसी दौर में लोगों ने आक्सीजन की कमी का हौव्वा बना दिया। ऐसा था नहीं। क्योंकि हर मर्ज का इलाज आक्सीजन नहीं हो सकती। जिनको आक्सीजन की जरूरत नहीं थी, वे भी इसके लिए दौड़ने लगे। यहीं से हालात खराब होने लगे। यहीं से लोगों ने आपदा में अवसर खोजना शुरू कर दिया। आक्सीजन बेची जाने लगी। सरकार ने अन्य राज्यों से आक्सीजन मंगाया।

खड़ाऊं धारण करने वाले सीएमओ

सुल्तानपुर में 1963 में जन्मे और लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज (KGMU) से mbbs करने वाले डा. दुबे 1991 में सेवा में आए। वह दफ्तर में अधिकांश वक्त खड़ाऊं धारण करते हैं। वह बताते हैं कि खड़ाऊं एक्यूप्रेशर का काम करता है। आप स्वस्थ रहते हैं। पैरों में कोई दिक्कत नहीं होती। रक्त संचार बेहतर रहता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

कोरोना वायरस की उत्पत्ति के विषय पर डब्ल्यूएचओ प्रमुख और चीन के प्रधानमंत्री की मुलाकात

कोरोना वायरस की उत्पत्ति के विषय पर डब्ल्यूएचओ प्रमुख और चीन के प्रधानमंत्री की मुलाकात

हे.जा.स. February 06 2022 27814

कोविड की उत्पत्ति महामारी की शुरुआत से ही विवाद का विषय बनी हुई है और इसके चलते चीन के पश्चिमी देशों

मारवाड़ी युवा मंच द्वारा नि:शुल्क कैंसर जांच एवं रक्तदान शिविर आयोजित
वर्ल्ड हार्ट डे पर इंदौर के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश जैन ने बताई ये बात

वर्ल्ड हार्ट डे पर इंदौर के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश जैन ने बताई ये बात

विशेष संवाददाता September 29 2022 36166

उन्होंने कहा कि गत वर्षों में यह देखने में आया है कि ऊपरी तौर से स्वस्थ नौजवानों, खासतौर पर कीर्ति प

स्वास्थ्य को विकास के एजेंडे से जोड़ा जा रहा है: डॉ. मनसुख मांडविया

स्वास्थ्य को विकास के एजेंडे से जोड़ा जा रहा है: डॉ. मनसुख मांडविया

एस. के. राणा January 13 2023 32352

डॉ. मांडविया ने एनएचएम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 31 दिसंबर, 2022 तक 1.50 लाख आयुष्मान

क्वीनमेरी अस्पताल में आश्रय पालन स्थल का शुभारंभ

क्वीनमेरी अस्पताल में आश्रय पालन स्थल का शुभारंभ

आरती तिवारी June 28 2023 32652

क्वीनमेरी हॉस्पिटल में आश्रय पालन स्थल का यूपी के डिप्टी सीएम औऱ स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शु

निगरानी समितियों ने कोरोना से बचाव के लिए बच्चों को बाँटा मेडिसिन किट।

निगरानी समितियों ने कोरोना से बचाव के लिए बच्चों को बाँटा मेडिसिन किट।

हुज़ैफ़ा अबरार June 28 2021 32339

बच्चों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं ले

कोरोना संक्रमण की यही रफ्तार रही तो अगले कुछ महीने में हालात भयावह हो सकतें हैं 

कोरोना संक्रमण की यही रफ्तार रही तो अगले कुछ महीने में हालात भयावह हो सकतें हैं 

एस. के. राणा May 03 2022 32215

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 2,568 नए मामले सामने आ

ईएसआईसी हॉस्पिटल बनकर तैयार, उद्घाटन का इंतजार

ईएसआईसी हॉस्पिटल बनकर तैयार, उद्घाटन का इंतजार

जीतेंद्र कुमार March 10 2023 38041

राजस्थान के बीकानेर में एम्पलाय स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन यानि ईएसआईसी हॉस्पिटल बनकर तैयार हो गया

आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण करेगी गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज

आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण करेगी गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज

आनंद सिंह April 13 2022 33491

उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक दवाओं की निर्माण इकाई बेहद कम है, इस नई इकाई के खुलने से राज्य का भला हो

डायबिटिक फुट: रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी आफ डायबिटीज़ इन इंडिया ने किया वृहद आयोजन

डायबिटिक फुट: रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी आफ डायबिटीज़ इन इंडिया ने किया वृहद आयोजन

रंजीव ठाकुर July 29 2022 29846

रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी आफ डायबिटीज़ इन इंडिया उत्तर प्रदेश शाखा ने प्रदेश के 100 स्थानों पर एक साथ

Login Panel