देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

हार्ट अटैक के बाद ब्रेन डेड के मामले तेजी से बढ़े हैं: डॉ स्वप्निल पाठक

मुख्य धमनी जो हृदय को रक्त की सप्लाई करती है अगर उस धमनी में अचानक ब्लाकेज आ गया जिसकी वजह से खून हृदय तक नहीं जा पा रहा तो हृदय इस स्थिति को झेल नहीं पाता। जैसे ही कोई बड़ा अटैक पड़ता है तो हृदय की गति असामन्य तरीके से बढ़ जाती है।

हुज़ैफ़ा अबरार
November 12 2022 Updated: November 13 2022 01:57
0 34517
हार्ट अटैक के बाद ब्रेन डेड के मामले तेजी से बढ़े हैं: डॉ स्वप्निल पाठक प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। आज कल अचानक इंसान काल के गाल में समा रहा है, आखिर इसके पीछे क्या कारण है कि लोगों की मौत की खबर सुनने को मिल रही है। शुक्रवार को वर्क आउट करते समय 45 साल के टीवी कलाकार सिद्धार्थ सूर्यवंशी (Siddharth Suryavanshi) का हार्ट अटैक (heart attack) से निधन हो गया।

गत दिनों कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (comedian Raju Srivastava) भी कार्डियेक अरेस्ट का शिकार हुए। उनको गत 10 अगस्त को एक जिम में एक्सरसाइज के दौरान हार्ट अटैक आया। राजू को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उनका ब्रेन डेड हो गया, एक माह से ज्यादा अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ते हुए 21 सितम्बर को वो जिंदगी की जंग हार गए।।

राजू श्रीवास्तव की तरह सिंगर केके को भी बंगाल में एक परफॉर्मेंस के दौरान दिल का दौरा पड़ा था। जिस से उनकी मौत हो गई थी। भाभी जी घर पर हैं के मलखान सिंह की भी अचानक मौत हो गई। राम लीला के दौरान रावण का भी अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया फिर सलमान के डप्लीकेट का भी जिम ने हार्ट अटैक से निधन हो जाना चिंता का विषय होने के साथ हमें इस समस्या का समाधान भी खोजना होगा।

 

इस बारें में कार्डियक केयर में हृदय रोगियों का इलाज कर रहे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ स्वप्निल पाठक (cardiologist Dr. Swapnil Pathak) से असमय मृत्यु के कारण की पूछा कि एक व्यक्ति जो स्वस्थ्य है, किसी प्रकार की कोई गंभीर बीमारी नहीं उसकी अचानक ही मौत हो जाती है। मेडिकली जांच में पाया गया कि कार्डियक अरेस्ट से उसकी मौत हुई। यानी हार्ट की गति रूक गई जिसकी वजह से मृत्यु हो गई।

 

कार्डियक अरेस्ट क्या है - what is cardiac arrest ?

कार्डियोलॉजिस्ट स्वप्निल ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य धमनी जो हृदय को रक्त की सप्लाई करती है अगर उस धमनी में अचानक ब्लाकेज आ गया जिसकी वजह से खून हृदय तक नहीं जा पा रहा तो हृदय इस स्थिति को झेल नहीं पाता। जैसे ही कोई बड़ा अटैक पड़ता है तो हृदय की गति असामन्य तरीके से बढ़ जाती है। एक से तीन मिनट के अंदर हृदय की गति इतनी ज्यादा बढ़ जाती है और हृदय के पम्पिंग की बंद हो जाती है। इस स्थिति को ही कार्डियक अरेस्ट बोला जाता है।

 

नॉर्मल हृदय गति (Normal heart rate) एक मिनट में 72 बार धड़कता है। लेकिन जब यह रेट 200-250 या 300 बीट प्रति मिनट हो जाती है, तो हार्ट इफेक्टिव तरीके से ब्लड पंप नहीं कर पाता है। ब्रेन में सप्लाई न पहुंचने के कारण मौत हो जाती है। एक लेवल से अधिक का एक्साइटमेंट होना भी खतरनाक हो सकता है। पोस्ट कोविड के बाद कार्डियक अरेस्ट (cardiac arrest) के मामले बढ़ रहे हैं। सिर्फ  भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका और यूरोप में भी ऐसा ही ट्रेंड बढ़ रहा है।

 

कार्डियक अरेस्ट आए तो क्या करें - What to do if cardiac arrest occurs ?

कार्डियक अरेस्ट आने के बाद 1 से 3 मिनट बेहद अहम होते हैं। इस दौरान डीफैब्रिलेटर के जरिए चेस्ट में डीफैब्रिलेशन हृदय को शॉक देना देना जरूरी है। कार्डियक मसाज देकर भी हार्ट को तत्काल रिवाइव किया का सकता है, अगर ऐसा न किया जाए और अस्पताल पहुंचने के बाद आपका इलाज शुरू हो तो नसों का ब्लॉकेज खोल दिए जाने से हृदय ने काम करना फिर शुरू कर दिया लेकिन जितने समय हृदय की गति रूकी हुई थी उतने समय ब्रेन को ब्लड नहीं मिला। ब्रेन आक्सीजन के बगैर ब्रेन डेड हो जाता है। इसकी वजह से देखा गया कि राजू श्रीवास्तव कई दिनों तक वैंटीलेटर पर रहे। अटैक पड़ा तो नस खोल दी गई जिससे हृदय तो काम करना शुरू कर देता है लेकिन इस दौरान जो ब्रेन को आघात लगा उससे व्यक्ति कई दिनों तक वैंटीलेटर पर रह सकता है।

 

जीवन शैली में बदलाव से बढ़ रहे कार्डियक अरेस्ट

बदलती जीवन शैली के कारण कार्डियक अरेस्ट के मामलों में तेजी आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2015,16 के दौर में भारत में सालाना 7 लाख कार्डियक अरेस्ट के मामले रिपोर्ट होते थे, पर अब इनका प्रोजेक्शन करीब 12 लाख हो गया है, जो चिंता का विषय भी है। भारत में कार्डियक अरेस्ट के केस में सर्वाइवल रेट महज 1 फीसदी के करीब है। हमें उपचारात्मक उपाय के अलावा बचने के उपाय पर भी ध्यान देने के जरूरत है।

 

जीवन शैली में बदलाव बड़ा कारण - Cardiac arrests on the rise due to lifestyle changes

  • भोजन की थाली में पौष्टिक खाना कम होना
  • फल खाने में लापरवाही (खुले फल, रखे कटे हुए फल का सेवन)
  • हरी सब्जियां कम खाना
  • काम करने का शेड्यूल ठीक न होना
  • नींद पूरी न होना या लेना (कम से कम 6 घंटे)
  • तम्बाकू का सेवन और सिगरेट-षराब की आदत

भारत में हार्ट अटैक का खतरा कितना बड़ा - How big is the risk of heart attack in India ?

1. भारत में 50 फीसदी हार्ट अटैक 50 साल से कम उम्र के लोगों को आता है।

2. 25 फीसदी हार्ट अटैक के मामलों में मरीज की उम्र 40 साल से कम होती है

3. 26 से 40 एज ग्रुप के 53 फीसदी लोग हार्ट अटैक के हाई रिस्क जोन में हैं

4. कार्डियक अरेस्ट के कारण 10 में से 9 लोगों को अस्पताल तक पहुंचने का समय नहीं मिल पाता है।

5. 2030 तक कार्डियक अरेस्ट से सबसे ज्यादा मौत भारत में होगी

कार्डियेक अरेस्टः भारत में कैसे साल दर साल बढ़ती गई मौत

वर्ष          कुल मृत्यु                     18 साल से 45 साल 

2021- 28 हजार 449 मौत           11 हजार 85 मौत

2020 - 28 हजार 680 मौत          10 हजार 750  मौत

2019 - 28 हजार 5  मौत              10 हजार 133  मौत 

2018- 25 हजार 764  मौत            9 हजार 498  मौत 

2017 - 23 हजार 246  मौत           8 हजार 851 मौत

स्टडी के अनुसार कोविड के दौरान 50 साल से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक की आशंका 11 फीसदी थी लेकिन कोविड के बाद हार्ट अटैक की आशंका बढ़कर 13 फीसदी हो गई। पोस्ट कोविड हार्ट ब्लॉकेज, ब्रेन स्ट्रोक के साथ-साथ डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मामले भी बढ़े हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

कोरोना को लेकर यूपी सरकार ने नए आदेश जारी किए

कोरोना को लेकर यूपी सरकार ने नए आदेश जारी किए

आरती तिवारी December 24 2022 31392

प्रदेश सरकार द्वारा शुक्रवार को रैपिड रिस्पांस टीम को अलर्ट पर रहने के निर्देश दे दिए गए। इसके अलावा

दांतों के पीलेपन को दूर करने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खें

दांतों के पीलेपन को दूर करने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खें

लेख विभाग November 05 2022 29911

दांत अगर ठीक से साफ नहीं हुए तो धीरे- धीरे पीलापन जमने लगता है। हालांकि ज्यादा परेशान होने की जरूरत

कोवैक्सीन के मुकाबले कोविशील्ड लेने वालों में इम्यूनिटी ज्यादा: स्टडी

कोवैक्सीन के मुकाबले कोविशील्ड लेने वालों में इम्यूनिटी ज्यादा: स्टडी

एस. के. राणा January 08 2023 25845

कई केंद्रों के एक अध्ययन के अनुसार ‘कोवैक्सीन’ टीका लगवाने वालों की तुलना में ‘कोविडशील्ड’ लेने वाले

रात के समय पेशाब आना, मूत्राशय की नहीं, ह्रदय की कमजोरी का लक्षण है।

रात के समय पेशाब आना, मूत्राशय की नहीं, ह्रदय की कमजोरी का लक्षण है।

लेख विभाग January 26 2021 146806

बिस्तर पर जाने से पहले आपको गुनगुना पानी पीना चाहिए, और रात को पेशाब करने के लिए उठने के बाद भी फिर

एम्स दिल्ली में 5 साल के बच्चे का हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

एम्स दिल्ली में 5 साल के बच्चे का हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

विशेष संवाददाता September 17 2022 32867

एम्स अस्पताल में 5 साल के एक बच्चे की सफल एन-ब्लॉक किडनी ट्रांसप्लांट की गई। हालांकि यह काफी चुनौतीप

बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए विशेष टीकाकरण की हुई शुरुआत

बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए विशेष टीकाकरण की हुई शुरुआत

विशेष संवाददाता January 10 2023 29327

स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार नवजात बच्चों से लेकर 5 साल तक के बच्चों को विशेष टीकाकरण लगाने का कार

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सीएचसी का किया औचक निरीक्षण

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सीएचसी का किया औचक निरीक्षण

विशेष संवाददाता January 29 2023 23924

हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शुक्रवार को गांव बाता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के औच

कोरोना संक्रमण की यही रफ्तार रही तो अगले कुछ महीने में हालात भयावह हो सकतें हैं 

कोरोना संक्रमण की यही रफ्तार रही तो अगले कुछ महीने में हालात भयावह हो सकतें हैं 

एस. के. राणा May 03 2022 32110

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 2,568 नए मामले सामने आ

यूपी में खुलेंगे 94 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर

यूपी में खुलेंगे 94 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर

आरती तिवारी October 08 2022 34208

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नई रणनीति से सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में सामान्य बीमारी से पीड़ित

जिला अस्पताल  के डॉक्टरों की लापरवाही आई सामने, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया मामले का संज्ञान

जिला अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही आई सामने, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया मामले का संज्ञान

विशेष संवाददाता April 28 2023 28261

सीएमओ डॉ. वाइके राय ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। बता दें कि 23

Login Panel