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हेडफोन और इयरफोन के अधिक इस्तेमाल से बढ़ रही है हियरिंग लॉस की बीमारी: डॉ सुनील कुमार

मनोरंजन के लिए लिया गया हेडफोन और इयरफोन आज भी युवाओं की पसंद हैं। खाली वक्त में युवा कान पर ईयरफोन लगाकर घंटों गाने सुनते रहते हैं। ऐसे युवाओं से मेरा कहना है कि सतर्क हो जाएं। ऐसा करना सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
June 24 2022 Updated: June 24 2022 16:03
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हेडफोन और इयरफोन के अधिक इस्तेमाल से बढ़ रही है हियरिंग लॉस की बीमारी: डॉ सुनील कुमार प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। इयरफ़ोन को दूर रखें। यह आपको बेहतर सुनने में मदद करेगा। ये सलाह राजधानी के डॉक्टर कई युवा रोगियों को दे रहे हैं जिनमें हियरिंग लॉस के शुरुआती लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कोरोना काल (Corona period) के कारण युवाओं में ऑनलाइन क्लास, वर्क फ्राम होम, लॉक डाउन के करण मनोरंजन के रूप में भी मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट का इस्तेमाल हद से ज्यादा हुआ। डॉक्टर पिछले दो वर्षों में हेडफ़ोन के अत्यधिक उपयोग के कारण ही हियरिंग लॉस के शुरुआती लक्षणों वाले युवा रोगियों को इलाज दे रहे हैं क्योंकि लैपटॉप और मोबाइल फोन, स्कूल, कार्यालय और मनोरंजन सभी एक ही उपकरण में आकर सिमट गए हैं।

केजीएमयू (KGMU) के ईएनटी विभाग में एडिशनल प्रोफेसर डाक्टर डॉ सुनील कुमार ने बताया कि कोरोना काल के दौरान जो हुआ सो हुआ लेकिन लॉकडाउन के बाद भी मनोरंजन के लिए लिया गया हेडफोन और इयरफोन (headphones and earphones) आज भी युवाओं की पसंद हैं। खाली वक्त में युवा कान पर ईयरफोन लगाकर घंटों गाने सुनते रहते हैं। ऐसे युवाओं से मेरा कहना है कि सतर्क हो जाएं। ऐसा करना सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। आपके सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है या फिर धीरे-धीरे आपके सुनने की क्षमता खत्म भी हो सकती है। हेडफोन और इयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल से आपके कान बीमार हो सकते हैं।

डॉ सुनील कुमार का कहना है बात चाहे ऑफिस में गाने सुनते हुए काम करने की हो या फिर कान पर ईयरफोन लगाकर सैर पर जाने की। ईयरफोन लगाने से न सिर्फ आपको कान पर बुरा असर पड़ता है बल्कि आपकी सेहत को भी नुकसान उठाना पड़ता है। आइए जानते हैं आखिर कैसे?

 

ईयरफोन के अधिक इस्तेमाल के नुक्सान - Disadvantages of overuse of earphones

बहरापन - Deafness

डाक्टर सुनील ने बताया कि एक स्टडी के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दो घंटे से ज्यादा समय के लिए 90 डेसिबल से अधिक आवाज में गाने सुनता है, तो वो बहरेपन का शिकार होने के अलावा कई बड़ी बीमारियों की चपेट में आ सकता है। दरअसल, कानों की सुनने की क्षमता मात्र 90 डेसिबल होती है जो लगातार गाने सुनने से समय के साथ 40 से 50 डेसिबल तक कम हो जाती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को दूर की आवाज सुनाई नहीं देती।

दिल की बीमारी - Heart disease

लखनऊ के कार्डियोलॉजिस्ट स्वप्निल का कहना है कि हेडफोन, इयरफोन या इयर बड्स में तेज आवाज में गाने सुनने से न सिर्फ कानों को बल्कि युवा अपने दिल को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। तेज आवाज में गाने सुनने से हार्ट बीट तेज हो जाती है और वह नार्मल स्पीड के मुकाबले तेजी से धड़कने लगता है, लगातार प्रतिदिन ऐसा होने की वजह से दिल को नुकसान पहुंच सकता है।

सिर दर्द की परेशानी - Headache

ईयरफोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों की वजह से व्यक्ति के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। जिसकी वजह से उसे सिर दर्द या नींद न आने की समस्या होने लगती है।

कान का संक्रमण - Ear infection

डॉ सुनील के अनुसार ऑफिस या घर पर गाने सुनते समय एक दूसरे के साथ अपने ईयरफोन शेयर करते हैं तो ऐसा करने से बचें। ऐसा करने से आपके कान में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक ईयरफोन से गाने सुनने पर व्यक्ति के कान सुन्न हो सकते हैं। जिसकी वजह से वक्त के साथ सुनने की क्षमता कम हो सकती है। तेज आवाज में गाने सुनने पर न सिर्फ सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है बल्कि कई मानसिक समस्याएं भी पैदा होने लगती है।

ईयरफोन का ज्यादा उपयोग करने से कानों में छन-छन की आवाज आना, चक्कर आना, नींद न आना, सिर और कान में दर्द आदि जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

 

उपाय - Measure

अगर आप भी कान से जुड़ी परेशानियों से बचने चाहते हैं तो ईयरफोन का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर करें। सस्ते ईयरफोन की जगह अच्छी क्वालिटी के ईयरफोन्स का ही इस्तेमाल करें। ज्यादा देर तक इयरफोन का इस्तेमाल करने से बचे।

 

समझदारी से प्रयोग करें - Use wisely

लगातार इस्तेमाल से बचे, वाल्यूम कम रखें। अगर हेडफोन लगाना अनिवार्य है तो एक घंटे इस्तेमाल के बाद पांच से सात मिनट का ब्रेेक लिया जा सकता है। इससे कानों को आराम मिलेगा। इसके अलावा वाल्यूम भी 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। जिससे कान को तेज सुनने की आदत न पड़े। साथ ही कान के पर्दें (eardrums) तेज आवाज में खराब होने की दिशा में आगे न बढ़े।

 

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्वप्निल पाठक  बतातें हैं कि ज्यादा देर तक और ज्यादा तेज आवाज में इयरफोन के इस्तेमाल से हृदय गति तेज हो जाती है। अगर प्रतिदिन सात से आठ घंटे इसी तरह गुजारे जाएं तो कुछ ही दिनों में हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा अगर इस पर ध्यान न दिया जाए तो अट्रिअल फिब्रीलेषन (atrial fibrillation) की शिकायत हो जाती है। जिसकी वजह से फालिज मार जाने का खतरा बना रहता है।

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