












































प्रतीकात्मक
लखनऊ। ब्रैस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। दुनियाभर में महिलाओं में होने वाले कैंसर के कुल मामलों में हर 4 में से 1 मामला ब्रैस्ट कैंसर का होता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) अक्टूबर को ब्रैस्ट कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाता है, ताकि इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की जा सके। मेदांता लखनऊ की डॉ. रोमा प्रधान ने कहा महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने के महत्व को समझने और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल शुरू की है।
डॉ. रोमा प्रधान ने कहा ब्रैस्ट के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता महिलाओं को उनमें होने वाले बदलावों को पहचानने और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने में अहम भूमिका निभाती है। महिलाओं को ब्रैस्ट में होने वाले असामान्य बदलावों जैसे नई गांठ बनना त्वचा में गड्ढा पड़ना निप्पल में बदलाव या असामान्य डिस्चार्ज के प्रति सतर्क रहना चाहिए। ऐसा कोई भी बदलाव नजर आने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। स्वयं ब्रैस्ट की जांच करना ब्रैस्ट कैंसर की सुझाई गई स्क्रीनिंग या डॉक्टर द्वारा की जाने वाली जांच का विकल्प नहीं है, लेकिन अपने शरीर के प्रति जागरूकता और उम्र व जोखिम के अनुसार उचित स्क्रीनिंग से संभावित खतरे के शुरुआती संकेतों को समय पर पहचानने और सही समय पर चिकित्सा सहायता लेने में मदद मिल सकती है।
डॉ. रोमा प्रधान ने कहा ब्रैस्ट कैंसर के बारे में आसान भाषा में संदेश दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजमर्रा के कामों के दौरान भी अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित करना है। मेदांता में स्वास्थ्य जांच हेल्थ चेक-अप कराने के लिए आ सकेंगे। जिन समुदायों के लिए हम काम करते हैं, उनकी सेहत और खुशहाली हमारे लिए अहम है। मेदांता में जांच हेल्थ चेक-अप कराने से महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी चर्चाओं महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सक्रिय रहने के लिए जागरूक करेगी। भविष्य में अन्य प्रकार के कैंसर और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जागरूकता बढ़ाने के अवसर पैदा करेगी।
मेदांता महिलाओं के स्वास्थ्य और खुशहाली पर सार्थक प्रभाव डालने के अवसर और अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। मेदांता की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विशेषज्ञता और देशभर की महिलाओं के साथ ब्रैस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित न रखते हुए, इसे रोजमर्रा की बातचीत और अनुभवों का हिस्सा बनाना है। इस के जरिए महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने, उन्हें अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सशक्त बनाने और बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने व समय पर चिकित्सा सहायता लेने के महत्व पर बातचीत के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
मेदांता लखनऊ में एंडोक्राइन और ब्रेस्ट सर्जरी की एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. रोमा प्रधान ने कहा ब्रैस्ट कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलने पर इसका अधिक प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और उनमें होने वाले किसी भी बदलाव या असामान्य लक्षण पर ध्यान देना चाहिए। रोजमर्रा के माहौल में ही महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने के अवसर पैदा करने से उन्हें बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।







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