











































प्रतीकात्मक चित्र
देहरादून। उत्तरकाशी में ड्रोन से स्वास्थ्य विभाग ने टिटनेस और डिप्थीरिया की वैक्सीन की 400 डोज 40 मिनट में भेजने का सफल ट्रायल किया। स्वास्थ्य मंत्री ने अब दुर्गम इलाकों तक कोविड वैक्सीन की डोज भी ड्रोन से भेजने की घोषणा की है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि आईटीडीए की सहायता से ड्रोन से डिप्थीरिया टिटनेस (डीपीटी) व पेंटा की 400 डोज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय उत्तरकाशी पहुंचाई गई हैं।
स्वास्थ्य सचिव (health secretary) डॉक्टर आर राजेश कुमार के कहा कि उत्तराखंड में दवा या वैक्सीन पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग का प्रयोग किया जाता है। इसमें काफी समय लगता है। कभी-कभी आपदा के कारण भी मेडिसीन (medicine) पहुंचाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग (health Department) का प्रयास है कि दवा वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो और समय पर सभी चीजे उपलब्ध हों।
जबकि सड़क मार्ग (road way) से वैक्सीन, दवाएं समेत जरूरी सामान पहुंचाने में 5-6 घंटे का समय लगता है। उन्होंने बताया कि इस सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) और स्वास्थ्य मंत्री (minister of health) डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश के सुदूर इलाकों में ड्रोन से ही कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) पहुंचाने को कहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ भारत को पहली स्वदेशी वैक्सनी मिलने वाली है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और बा
प्रथम चरण में ‘वन-हेल्थ’ परियोजना, कर्नाटक तथा उत्तराखंड राज्यों लागू की जाएगी। बिल एवं मेलिंडा गेट्
देर से डायग्नोसिस, असमान उपलब्धता और इनहेलर के बारे में गलतफहमियों की वजह से उनका इस्तेमाल कम है। 7
आप अगर रोजाना मुट्ठी भर बादाम खाते हैं तो आप बीमारी से बचे रह सकते हैं। खोई हुई मांसपेशियों को वापस
सदर अस्पताल बारिश के कारण तालाब में तब्दील हो चुका है। आलम यह है कि परिजन मरीजों को घुटने भर पानी मे
अनहेल्दी लाइफस्टाइल, तनाव, प्रदूषण और कुछ बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों के
नए अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि वजन बढ़ने से पाचन तंत्र की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बॉडी मास
इस बदलते मौसम में आप अपनी स्किन के साथ साथ हाथों और पैरों का ख्याल रखें। क्योंकि मौसम बदलने के साथ ह
मुख्य रूप से 4 वायरस इस बीमारी के कारक माने जाते हैं – ए, बी, सी और ई- और काफी हद तक रोके जा सकते है
अस्पतालों में मरीजों की कतार बढ़ने लगी है। बीते दिन 1500 के करीब मरीज लखीमपुर जिला अस्पताल पहुंचे। ह

COMMENTS