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सहारा हॉस्पिटल में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित। 

इस तरह की प्रतियोगिताएं जागरूकता ही नहीं, वरन अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में हार जीत तो लगी रहती है, लेकिन प्रतियोगिता में भाग लेना भी हिम्मत का कार्य होता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 08 2021 Updated: October 09 2021 01:39
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सहारा हॉस्पिटल में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित।  सहारा हॉस्पिटल में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत

लखनऊ। गोमती नगर स्थित सहारा हॉस्पिटल में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया गया। प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 

राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चित्रकारी प्रतियोगिता में सहारा कॉलेज एण्ड नर्सिंग तथा पैरामेडिकल सांइसेज तथा डाइटीशियन विभाग की इंटर्न छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता का विषय "कुपोषण छोड़ पोषण की ओर थामे क्षेत्रीय भोजन की डोर" था, जिस पर प्रतियोगियों को अपने हुनर से रंगों के साथ अपनी अभिव्यक्ति प्रदर्शित करना था। भाग ले रहे प्रतियोगियों ने दिये गए विषय पर बेहतरीन चित्रकारी करते हुए विजयी प्रतिभागियों को चयन करने में जजों को मुश्किल में डाल दिया। प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान के बेहतरीन चित्रकारी का चयन करने के लिए निर्णायक मण्डल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. मंजुषा तथा  सहारा कॉलेज एण्ड नर्सिंग तथा पैरामेडिकल साइंसेज की प्रधानाचार्या रूसली निर्मल  मौजूद रहीं। 

प्रतियोगिता में खास बात यह थी कि चित्रकारी पर किसी प्रतियोगी को नाम न डाल कर कोड नम्बर डालना था, ताकि चयन में पारदर्शिता बनी रहे। डायटीशियन विभाग की चीफ डाइटीशियन  धरती शाह ने बताया कि प्रतिवर्ष सितम्बर महीने में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है। इसके तहत लोगों को भोजन में पोषक खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक किया जाता है, ताकि कुपोषण को दूर करके विभिन्न बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि पारम्परिक स्थानीय एवं क्षेत्रीय आहार हमारी संस्कृति को पोषित व आकार देता है और साथ ही हमारी संस्कृति को जीवित रखता है, विविधता में एकता स्थापित करते हुए कम्युनिटीज (समुदायों) को जोड़ता है। यह तो जग-जाहिर है कि पारम्परिक आहार स्वास्थ्यवर्धक व पौष्टिक होता है, जो कि  पाचन शक्ति को बेहद मजबूत बनाने ,अच्छी सेहत साथ ही मानसिक विकास, हड्डियों की मजबूती व बेहतर इम्युनिटी की मजबूती एवं अच्छी नींद व मन शांत रखने में सहायक होता है।  

उन्होंने बताया कि उनकी टीम में सीनियर डायटीशियन मोनालिसा बैनर्जी, डायटीशियन एमन वकार, डायटीशियन मान्या तिवारी,  डायटीशियन श्वेता प्रजापति,  डायटीशियन मल्लिका रिजवी मौजूद है, जो कि सही डाइट के प्रति जागरूक करती है। आयोजित कार्यक्रम में सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह ने चित्रकारी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आयी नर्सिंग कालेज की छात्रा साक्षी कुशवाहा, द्वितीय स्थान पर डायटीशियन इंटर्न  यशी त्रिपाठी तथा तृतीय स्थान पर सय्यदा आयत जेहरा को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 
 
इस अवसर पर सहारा इंडिया परिवार के सीनियर एडवाइजर अनिल विक्रम सिंह ने अपने सम्बोधन में डायटीशियन विभाग को कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं जागरूकता ही नहीं, वरन अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में हार जीत तो लगी रहती है, लेकिन प्रतियोगिता में भाग लेना भी हिम्मत का कार्य होता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिवेश में बढ़ता प्रदूषण ने लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कौन सा आहार लेना और कैसे लेना चाहिए। इसकी जागरूकता करना आवश्यक है-"हेल्थ इज वेल्थ" उन्होंने जोर दिया कि युवा वर्ग को आहार सेवन के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। 

वरिष्ठ सलाहकार श्री सिंह ने कहा कि सहारा इंडिया परिवार के अभिभावक सहाराश्री द्वारा प्रदत्त विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस सहारा हॉस्पिटल में कुशल, अनुभवी डाक्टर और पैरामेडिकल टीम के साथ उच्चस्तरीय चिकित्सा व समस्त आधुनिक जांचों की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पिछले कई वर्षों से सहारा हॉस्पिटल में वर्तमान में जटिल बीमारियों का सफलतापूर्वक इलाज हो रहा है। हॉस्पिटल में कई नयी विधियों और तकनीकों के प्रयोग से मरीज लाभान्वित हुए और हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में कई कीर्तिमान बनाये। 
    
कार्यक्रम में हास्पिटल प्रशासक सुब्रतो चटर्जी, डॉ. रोमिल सेठ  चिकित्सा अधीक्षक , उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गुलाम अब्बास जैदी सहित अन्य वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे।

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