












































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। डेंगू के खिलाफ भारत का पहला टीकाकरण अभियान तमिलनाडु के कदायनलूर कस्बे में शुरू किया गया है। कदायनलूर एक ऐसा कस्बा है जहां डेंगू के मामले बहुत अधिक आते हैं। इस अभियान की शुरुआत करने के बाद, स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने पत्रकारों को बताया कि इस जापान निर्मित इस वैक्सीन की दो खुराकें, जिनके बीच तीन महीने का अंतर होगा और यह वैक्सीन डेंगू से 80% तक सुरक्षा प्रदान करेंगी।
अरुणराज ने आगे बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के दो वैज्ञानिक कदायनलूर में इस टीकाकरण के प्रभाव का अध्ययन करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सही इलाज न मिले, तो डेंगू के मरीजों की जान भी जा सकती है। अब तक भारत में इस बीमारी के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी।
डेंगू रोधी इस वैक्सीन को जापान की कंपनी ने बनाया है
मंत्री ने बताया, जापान की एक निजी कंपनी ने डेंगू बुखार के चार प्रकारों के लिए एक ही वैक्सीन बनाई है। 40 देशों ने इसे मंजूरी दी है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे प्री-क्वालिफिकेशन प्रमाणपत्र दिया है। ब्राजील ने इसे अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है। भारत में, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने 4 से 60 साल की उम्र के लोगों को यह वैक्सीन (vaccine) देने की मंजूरी दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि भारत के किसी भी राज्य ने अभी तक इस वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू नहीं किया है, लेकिन तमिलनाडु ने इसके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए इसे एक पायलट प्रोजेक्ट (शुरुआती परीक्षण) के तौर पर लागू करने का फैसला किया है। अरुणराज ने कहा कि कडयानल्लूर में हुए इस अध्ययन के नतीजे पूरे देश के लिए एक मार्गदर्शक का काम करेंगे। अधिकारियों की एक टीम द्वारा अपनी निरीक्षण रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, तमिलनाडु के अन्य जिलों में डेंगू वैक्सीन अभियान के विस्तार की घोषणा की जाएगी।
डेंगू रोग क्या है और कैसे फैलता है?
डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द होता है। कुछ मरीजों में डेंगू गंभीर रूप ले सकता है। इससे शरीर में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। डेंगू शॉक सिंड्रोम भी होता है, जो मौत का कारण बन सकता है। भारत में हर साल डेंगू के केस आते है। कुछ लोगों की मौतें भी होती हैं। अभी तक इससे बचाव के लिए कोई वैक्सीन नहीं था।
जापान की एक निजी कंपनी ने डेंगू बुखार के चार प्रकारों के लिए एक ही वैक्सीन बनाई है। 40 देशों ने इसे मंजूरी दी है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे प्री-क्वालिफिकेशन प्रमाणपत्र दिया है। ब्राजील ने इसे अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है। भारत में, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन ने 4 से 60 साल की उम्र के लोगों को यह वैक्सीन देने की मंजूरी दी।







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