देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

मानसिक स्वास्थ्य ज़रूरतों के लिये पर्याप्त सेवाओं का अभाव: विश्व स्वास्थ्य संगठन

केवल 52 प्रतिशत देश ही मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने व रोकथाम कार्यक्रमों के सम्बन्ध में लक्ष्य पूरा कर पाने में सफल हुए हैं, लेकिन यह भी 80 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है।

हे.जा.स.
October 10 2021 Updated: October 10 2021 00:59
0 26783
मानसिक स्वास्थ्य ज़रूरतों के लिये पर्याप्त सेवाओं का अभाव: विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतीकात्मक

जेनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन नें ‘Mental Health Atlas’ रिपोर्ट का नवीनतम संस्करण शुक्रवार को जारी किया गया है। रिपोर्ट दर्शाती है कि हाल के वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य पर ज़्यादा ध्यान दिया गया है, फिर भी गुणवत्तापरक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा व स्तर अभी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं बढ़ पाया है।

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा, “यह बेहद चिन्ताजनक है कि...अच्छी मंशाओं के अनुरूप निवेश नहीं हो पा रहा है।” “हमें नींद से जगा देने वाली इस घण्टी को सुनना होगा व कार्रवाई करनी होगी, और मानसिक स्वास्थ्य में निवेश का स्तर व्यापक पैमाने पर बढ़ाना होगा, चूँकि मानसिक स्वास्थ्य के बिना, कोई स्वास्थ्य ही नहीं है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानसिक स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख डॉक्टर तरुण दुआ ने जिनीवा में रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, “मानसिक स्वास्थ्य डेटा और सेवाओं में मज़बूती के लिये संसाधन निवेश की आवश्यकता है ताकि दुनिया कोविड-19 के बाद बेहतर पुनर्निर्माण कर सकें।”

उन्होंने कहा कि समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में कम निवेश की एक बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ सकती है। बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान मानसिक, तंत्रिका सम्बन्धी और ऐल्काहॉल व दर् दनिवारक दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल के लिये सेवाओं में सबसे अधिक व्यवधान दर्ज किया गया।

लक्ष्यों से दूर
171 देशों से जुटाए गए आँकड़ों के मुताबिक़, मानसिक स्वास्थ्य के लिये प्रशासन प्रणाली, समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिये प्रावधान, मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने व समस्याओं की रोकथाम और सूचना प्रणालियों की मज़बूती सहित, कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सका है। 

वर्ष 2020 में, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के 194 सदस्य देशों में केवल 51 प्रतिशत ने बताया कि उनके पास अन्तरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मानवाधिकार औज़ारों के अनुरूप मानसिक स्वास्थ्य नीति या योजनाएँ हैं। 80 फ़ीसदी देशों में ऐसी योजनाओं के लक्ष्य से, यह स्थिति बहुत दूर है।

केवल 52 प्रतिशत देश ही मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने व रोकथाम कार्यक्रमों के सम्बन्ध में लक्ष्य पूरा कर पाने में सफल हुए हैं, लेकिन यह भी 80 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है।

रिपोर्ट के अनुसार आत्महत्या की दर में 10 फ़ीसदी की गिरावट लाने के, 2020 के लक्ष्य को सफलता मिली है, मगर, यहाँ भी 35 देशों ने ही बताया कि उनके पास इसके लिये अलग से रोकथाम रणनीति, नीति या योजना है।

व्यापक विषमताएँ
रिपोर्ट में उजागर की गई कमियाँ, दुनिया भर में मौजूद हैं, लेकिन नीतियाँ, योजनाएँ व क़ानून अपनाए जाने में कुछ प्रगति दर्ज की गई है। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े बुनियादी संकेतकों पर जानकारी प्रदान किये जाने की क्षमता में भी बेहतरी नज़र आई है। 

इसके बावजूद, सरकार के स्वास्थ्य बजटों में मानसिक स्वास्थ्य के लिये प्रावधान में (प्रतिशत आँकड़ा) पिछले कुछ वर्षों में ज़्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है और यह क़रीब दो प्रतिशत के आसपास बना हुआ है।

रिपोर्ट में मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता और उनके आबण्टन में, उच्च- व निम्न-आय वाले देशों और क्षेत्रों में गहरी विषमताएँ देखने को मिली हैं। 

मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा व रोकथाम कार्यक्रमों पर वर्ष 2014 में, 41 प्रतिशत सदस्य देश जानकारी मुहैया करा रहे थे, ये संख्या अब बढ़ कर 52 फ़ीसदी हो गई है। 

विकेन्द्रीकृत देखभाल की सुस्त रफ़्तार
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने लम्बे समय से सामुदायिक परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल का विकेन्द्रीकरण किये जाने पर बल दिया है। 

मगर, रिपोर्ट बताती है कि मानसिक स्वास्थ्य पर कुल सरकारी व्यय का 70 फ़ीसदी से अधिक हिस्सा, मध्य-आय वाले देशों में मानसिक अस्पतालों को आबण्टित किया जाता है। उच्च-आय वाले देशों में यह 35 प्रतिशत है।

यह दर्शाता है कि केन्द्रीकृत मानसिक अस्पताल व संस्थागत ढंग से मरीज़ों की देखभाल के लिये, आम अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की तुलना में अब भी ज़्यादा धनराशि उपलब्ध है।

2030 के लिये नए लक्ष्य
Mental Health Atlas में जिन वैश्विक लक्ष्यों का उल्लेख किया गया है, वे यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की ‘मानसिक स्वास्थ्य कार्रवाई योजना’ से लिये गए हैं। इनमें 2030 के लिये तय लक्ष्यों का भी ज़िक्र है और यह योजना, अब 2030 तक के लिये बढ़ा दी गई है। 

इसमें मानसिक स्वास्थ्य के समावेशन, आपात तैयारी योजना के तहत मनोसामाजिक समर्थन, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में मानसिक स्वास्थ्य के एकीकरण और मानसिक स्वास्थ्य पर शोध को बढ़ावा देने के लिये नए लक्ष्य साझा किये गए हैं। 
 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

चीन में कोरोना संक्रमण के डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़े, सरकार सतर्क।

चीन में कोरोना संक्रमण के डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़े, सरकार सतर्क।

हे.जा.स. November 03 2021 21255

बीजिंग की बात करें तो पिछले 24 घंटे में 9 नए केस सामने आए हैं। मौजूदा वक्त में बीजिंग में कोविड के 3

डार्क चॉकलेट खाने के बहुत हैं फायदे: डायटीशियन आयशा खातून

डार्क चॉकलेट खाने के बहुत हैं फायदे: डायटीशियन आयशा खातून

आयशा खातून March 03 2023 47088

चॉकलेट खाने से तनाव कम होता है और यौन शक्ति भी बढ़ती है और पार्टनर के साथ लाइफ हेल्दी बनी रहती है। द

चुंबन से भी यौन रोग गोनोरिया का खतरा

चुंबन से भी यौन रोग गोनोरिया का खतरा

हे.जा.स. October 06 2022 108359

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में 2,000 से ज्यादा लोगों के बीच हुई एक स्टडी में पता चला कि चुंबन के का

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश, शिशु के जन्म के बाद तुरंत करें मंत्र ऐप पर पंजीकरण

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश, शिशु के जन्म के बाद तुरंत करें मंत्र ऐप पर पंजीकरण

आरती तिवारी July 08 2023 23029

ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिए है कि प्रदेश के सभी सीएमओ और महिला अस्पताल के सीएमएस मंत्र एप पर शिशुओं क

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर नज़र, सीएचसी-पीएचसी और ब्लॉक स्वास्थ्य मेले में पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर नज़र, सीएचसी-पीएचसी और ब्लॉक स्वास्थ्य मेले में पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक

रंजीव ठाकुर April 23 2022 24704

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक शुक्रवार को सीतापुर, महमूदाबाद

लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में दूर होगी डॉक्टरों की कमी, 93 नए डॉक्टरों की होगी तैनाती

लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में दूर होगी डॉक्टरों की कमी, 93 नए डॉक्टरों की होगी तैनाती

श्वेता सिंह October 31 2022 22304

लखनऊ के लगभग 100 डॉक्टर तबादले में दूसरे शहर चले गए, वही बाहर से आने वाले डॉक्टरों की संख्या बहुत कम

ग्लोइंग स्किन के लिए इस प्रकार इस्तेमाल करें अनार का छिलका

ग्लोइंग स्किन के लिए इस प्रकार इस्तेमाल करें अनार का छिलका

लेख विभाग October 23 2022 94786

अनार के छिलकों को देखकर तो कल्पना ही नहीं की जा सकती कि उन्हें कभी चेहरे पर लगाया जाए। आपको ताज्जुब

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा स्पाइरोमेट्री कार्यशाला आयोजित

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा स्पाइरोमेट्री कार्यशाला आयोजित

हुज़ैफ़ा अबरार February 22 2026 1890

कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में फेफड़ों की कार्यप्रणाली की मूल अवधारणा,  अनुपात तथा स्नश्वस्न 25-75 ज

कानपुर में डेंगू की चपेट में आए प्रशासनिक अधिकारी

कानपुर में डेंगू की चपेट में आए प्रशासनिक अधिकारी

श्वेता सिंह November 05 2022 29190

एडीएम सिटी अतुल कुमार और उनकी पत्नी को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। हालत बिगड़ने पर रीजेंसी

Effectiveness of treatment for alcohol problems: findings of the randomised UK alcohol treatment trial (UKATT)

Effectiveness of treatment for alcohol problems: findings of the randomised UK alcohol treatment trial (UKATT)

British Medical Journal March 10 2023 63312

The novel social behavior and network therapy for alcohol problems did not differ significantly in e

Login Panel