












































अमेरिका/लखनऊ। एक स्त्री के मां बनने के बाद उसका फिगर तो बिगड़ता ही है लेकिन मातृत्व दबाव के कारण उसे अन्य भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक नए शोध में मां बनने के बाद नींद में आई कमी महिला को जल्द बुढ़ापे की तरफ धकेल सकती है।
लगभग सभी नई माताओं की नींद शिशु की देखभाल, शारीरिक बदलावों और घर के कामों की वजह से पूरी नहीं हो पाती है। जिसके कारण नई माताओं को स्वास्थ्य संबंधी कई अन्य परेशानियां भी हो जाती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार प्रसव के बाद नई माताओं को भरपूर नींद लेनी चाहिए।
लास एंजिलिस, यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया के विज्ञानियों ने बताया कि नींद की कमी के कारण नई माताओं में बुढ़ापा भी तेज हो जाता है। यह शोध स्लीप हेल्थ जर्नल में प्रकाशित हुआ है। बुढ़ापे के लक्षणों में तेजी आ जाती है।
शोधकर्ताओं ने देखा कि जिन माताओं ने सात घंटे से कम नींद ली, उनके व्हाइट ब्लड सेल्स में टेलोमेयर का आकार भी छोटा था। टेलोमेयर के छोटा होने से कैंसर, हृदय तथा रक्तवाहिका संबंधी और अन्य रोगों के खतरे के साथ ही जल्द मौत का भी जोखिम बढ़ता है।
शोधकर्ताओं ने देखा कि जिन महिलाओं ने बच्चे को जन्म देने के एक साल में कम से कम छह महीने रात में सात घंटे से कम नींद ली, उनमें सात या इससे अधिक समय सोने वाली नई माताओं की तुलना में तीन से सात साल तक ज्यादा उम्र के लक्षण प्रतीत हुए।
शोधकर्ताओं ने 23 से 45 साल की 33 महिलाओं का गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के एक साल बाद तक अध्ययन किया। महिलाओं के रक्त नमूने के डीएनए का विश्लेषण किया गया। देखा गया कि उनकी वास्तविक उम्र और जैविक उम्र में फर्क होता है।







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