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नयी दिल्ली। एम्स अस्पताल में 5 साल के एक बच्चे की सफल एन-ब्लॉक किडनी ट्रांसप्लांट की गई। हालांकि यह काफी चुनौतीपूर्ण था, जिसमें दोनों किडनी के साथ खून की नस भी बदली गई, ऐसा देश में पहली बार हुआ है।
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दरअसल बच्चा लंबे समय से किडनी रोग से परेशान था। बीते एक डेढ़-साल से बच्चे की डायलिसिस भी हो रही थी, लेकिन खराब स्थिति होने के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की किडनी बदलने का फैसला लिया। इसके अलावा पेरी- ऑपरेटिव क्रिटिकल केयर की मदद बाल चिकित्सा नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर अरविंद बग्गा और उनकी टीम ने की।
डॉ. मंजूनाथ पोल ने बताया कि 25 अगस्त को 16 माह के रिशांत से प्राप्त हुई किडनी को पांच साल के मास्टर में ट्रांसप्लांट (transplant) करने का फैसला लिया गया। मास्टर पिछले एक-डेढ़ साल से डायलिसिस (dialysis) पर था। उनकी किडनी प्रभावित हो रही थी जिसे देखते ट्रांसप्लांट (transplant) की एकमात्र विकल्प था।
एम्स के सर्जरी विभाग (surgery department) के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारुति पॉल ने कहा, जिस बच्चे का किडनी ट्रांसप्लांट (kidney transplant) किया गया। वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला 5 साल का है। वह लंबे समय से क्रॉनिक किडनी फेलियर से जूझ रहा था। उसे जिंदा रखने के लिए तुरंत किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी करने की जरूरत थी। बच्चे को 24 अगस्त को अस्पताल (Hospital) में भर्ती किया गया था और वह उसी दिन से डायलिसिस पर था।
Edited by Aarti Singh







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