












































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और भारत बायोटेक (बीबी) केंद्र सरकार से कोविड -19 टीकों के लिए उच्च कीमतों की मांग कर रहें हैं। जबकि निजी अस्पतालों में कोविशील्ड और कोवैक्सिन शॉट्स की कीमत पहले से ही अधिक है। जनवरी में इन कंपनियों को दिए गए ऑर्डर के लिए केंद्र की खरीद मूल्य 150-200 रुपये प्रति डोज़ की थी।
दोनों कंपनियों ने हाल ही में मूल्य वृद्धि की मांग किया है। यह तर्क दिया कि टीकों के उत्पादन की दिशा में गए किये गए पर्याप्त निवेश के अनुरूप ही लागत मूल्य निर्धारित होना चाहिए। बताया कि टीका निर्माण जटिल और विशिष्ट प्रक्रिया है साथ ही बड़ा वित्तीय जोखिम है।
अप्रैल में, SII के सीईओ अदार पूनावाला ने बताया था कि कंपनी सरकार को लगभग 150 रुपये की “सब्सिडी” दर पर शॉट प्रदान कर रही है, जो निर्यात के लिए शुल्क से काफी कम है। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र को कीमतें बढ़ानी चाहिए और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 3,000 करोड़ रुपये की भी मांग की थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 8 जून को घोषणा किया था कि उसने एसआईआई को कोविशील्ड की 25 करोड़ खुराक और भारत बायोटेक के साथ कोवैक्सिन की 19 करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया है। मंत्रालय ने कहा था कि 44 करोड़ खुराक दिसंबर तक उपलब्ध हो जाएंगे। कंपनियों को 30% अग्रिम भुगतान जारी किया गया है।
भारत बायोटेक ने मंगलवार को कहा कि कंपनी द्वारा सभी आपूर्ति के बाद कोवैक्सिन की औसत कीमत 250 रुपये प्रति खुराक से कम है। बयान में कहा गया है कि सरकार को 150 रुपये प्रति खुराक पर कोवैक्सिन की आपूर्ति कीमत गैर-प्रतिस्पर्धी मूल्य है और लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है।
हालिया नीतिगत बदलाव के साथ, निर्माताओं के राजस्व पर असर पड़ेगा, केंद्र उनके उत्पादन का 75% हिस्सा खरीदेगा। इससे पहले, एसआईआई को कोविशील्ड के लिए लगभग 160 रुपये प्रति खुराक मिलता था, जबकि कोवैक्सिन को लगभग 210 रुपये प्रति खुराक पर खरीदा जाता था।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1253
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1148
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1141
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 742
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 658
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6629
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1512
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1505
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1456
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1365
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1253
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1246
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1148
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10283
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6629
एस. के. राणा February 01 2026 0 6552
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5894
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5782
एस. के. राणा January 13 2026 0 5327
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87666
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35925
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38839
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36330
लेख विभाग March 19 2022 0 35910
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73904
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए मलेरिया व फाइलेरिया विभाग को लगाया गय
ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो एग्स की क्वॉलिटी को प्रभावित कर सकती हैं जिससे महिलाओं का मां बनने का सपना
स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों स्वास्थ्य केंद्रों और समुदाय स्तर पर जागरूकता एवं टीकाकरण गतिविधियो
37,10,525 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है जो कुल मामलों का 15.65 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ ह
देश में 24 घंटे में संक्रमण से मौत के 6,148 मामले सामने आए, जिससे मृतक संख्या बढ़कर 3,59,676 हो गई।
दोनों संस्थान रैगिंग के प्रति बहुत संवेदनशील हैं। सीसीटीवी कैमरों की मदद से कैंपस के हर गतिविधि पर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अभी करीब 20 लैब ही जांच रिपोर्ट दे रहे हैं, जबकि 100 की रिपोर्ट आ
गुरुवार रात में रसूलाबाद कस्बे की डेंगू पीड़ित एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही डें
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ऐसे 'पैथोजन्स' की पहचान के लिए एक लिस्ट बनाएगा, जो भविष्य में कोरोना जैसी
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च एंड

COMMENTS