











































फिर जानलेवा हुआ कोरोना
बिलासपुर। कोरोना की एक बार फिर दस्तक ने लोगों को परेशान कर दिया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोरोना वायरस के चलते एक महिला की मौत हो गई। वहीं महिला का 21 वर्षीय बेटा भी संक्रमित है, जिनका प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। ट्रेसिंग टीम (tracing team) के जरिए अब उसका श्रीराम टावर्स क्षेत्र के घरों का सर्वे किया जाएगा। महिला के संपर्क में आने वालों का भी सैंपल लेकर कोरोना जांच (corona test) के लिए भेजा जाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, श्रीराम टावर के पास रहने वाली 43 वर्षीय महिला 10 दिनों से सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित थी। निजी अस्पताल (private hospital) में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आरटीपीसीआर (RT-PCR) से जांच के बाद महिला में कोरोना की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग (health Department) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान 66 सैंपलों की जांच की गई, लेकिन एक भी संक्रमित नहीं मिला और न ही किसी की मौत हुई है। प्रदेश में पॉजिटिविटी दर (positivity rate) भी शून्य है और 25 जिलों में एक भी संक्रमित नहीं है। रविवार की रिपोर्ट में 8 एक्टिव केस बताए गए हैं, वह भी दुर्ग में दो, रायपुर में 5 और बिलासपुर में एक है।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 84
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1946
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1708
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1582
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
एस. के. राणा January 20 2026 0 5285
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4781
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4746
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87197
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35770
लेख विभाग March 19 2022 0 35399
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73008
बलरामपुर। सरकार उत्तर प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में जुटी हुई है और अ
गुरुवार को अस्पताल की ओपीडी में आधा दर्जन गंभीर मरीज आये। जो व्हील चेयर या चलने में असमर्थ थे। इन्हे
सचिव प्रांजल यादव ने स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. लिली सिंह से स्थानांतरण के जिम्मेदार अधिकारियों की जान
2015 के ग्लोबल बर्डन डिजीज के अध्ययन के अनुसार, क्रोनिक किडनी रोग को भारत में मृत्यु दर के आठवें प्र
शिविर में एक्यूपंक्चर चिकित्सा हेतु डॉ जी पार्थ प्रतिम आयुर्वेद चिकित्सा हेतु डॉ राहुल जायसवाल फिजिय
ओवरएक्टिव ब्लैडर समस्या से पीड़ित होने का यह मतलब नहीं है कि यह उम्र बढ़ने के कारण या डायबिटीज का संक
अपने रूटीन का पूरी तरह ध्यान रखने वाले माइंडसेट के साथ मीरा अच्छी सेहत को बढ़ावा देने वाली दिनचर्या
ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दबी महिलाएं खुद की सेहत पर ध्यान नहीं दे पातीं, इसके कारण 30 की उम्र के बाद
सरकार द्वारा पहली बार गर्भवती होने पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के
अस्पताल प्रशासन का कहना था कि उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई। पीड़ित दिल की बीमारी का मरीज था और

COMMENTS