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जेनेवा। कोविड-19 संक्रमण मामलों और मृतक संख्या में गिरावट के बावजूद अभी वैश्विक महामारी का अन्त नहीं हुआ है। उक्त चेतावनी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने जेनेवा में 'विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली' के 75वें वार्षिक सत्र को सम्बोधित करते हुए जारी की है। उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिये देशों के बीच पारस्परिक सहयोग को अहम बताया है।
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया को उलट-पुलट कर रख दिया है, लोगों ने अपनी ज़िन्दगियों, प्रियजनों और आजीविकाओं को खोया है। “स्वास्थ्य प्रणालियाँ, टूटने के कगार पर पहुँच गई है और स्वास्थ्यकर्मियों (health workers) ने चरम परिस्थितियों में कठिन परिश्रम किया है।”
महानिदेशक घेबरेयेसस (Director General Ghebreyesus) ने ध्यान दिलाया कि विशाल व्यवधान और अनेकानेक चुनौतियों के बावजूद, देशों की सरकारों ने आमजन की स्वास्थ्य रक्षा के लिये प्रयास किये हैं।
इस वर्ष, विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली (World Health Assembly) की थीम ‘शान्ति के लिये स्वास्थ्य, स्वास्थ्य के लिये शान्ति’ (Health for Peace, Peace for Health) है। कोविड-19 के फैलाव के बाद पहली बार इस बैठक में प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शिरकत कर रहे हैं, जहाँ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों के लिये रणनीति तैयार करने व उन्हें दिशा देने के इरादे से निर्णय लिये जाएंगे, ताकि हर किसी के लिये बेहतर स्वास्थ्य व कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।
वैश्विक महामारी की चुनौती - Global pandemic challenge
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के फैलाव को दो साल से अधिक समय बीत चुका है और कम से कम 60 लाख लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, हालांकि नए अनुमानों में यह आँकड़ा डेढ़ करोड़ तक होने की आशंका जताई गई है।
संगठन प्रमुख ने कहा कि अनेक देशों में सभी पाबन्दियों को हटा लिया गया है और जीवन, महामारी से पूर्व के दिनों की तरह सामान्य हो रहा है। विश्व की 60 फ़ीसदी आबादी का टीकाकरण हो चुका है, जिससे अस्पतालों में भर्ती लोगों व मौतों में कमी लाने में मदद मिली है।
उन्होंने आगाह किया कि कोविड-19 महामारी (COVID-19 pandemic) अभी ख़त्म नहीं हुई है और इसका अन्त तब तक नहीं होगा जब तक यह हर स्थान पर ख़त्म नहीं हो जाती है। सभी क्षेत्रों के क़रीब 70 देशों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है और यह ऐसे समय में हो रहा है जब परीक्षण दरों में गिरावट आई है। अफ़्रीकी महाद्वीप (African continent)में सबसे कम टीकाकरण हुआ है। इस कारण वहां मृतको की संख्या बढ़ रही है।
डॉ घेबरेयेसस ने बताया कि विश्व में केवल 57 देशों में 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण हो पाया है, जिनमें से लगभग सभी उच्च-आय वाले देशों में हैं।
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रयास - UN health agency efforts
उन्होंने कहा कि यूएन स्वास्थ्य एजेंसी का ध्यान फ़िलहाल देशों में टीकाकरण अभियान (vaccination campaign) को जल्द से जल्द आगे बढ़ाना है। कुछ देशों में अब भी धनराशि व सुलभता की कमी की वजह से परीक्षण और उपचार में मुश्किलें पेश आ रही हैं।
स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने कहा कि महामारी जादुई ढँग से अपने आप ग़ायब नहीं होगी लेकिन हम इसका अन्त कर सकते हैं। हमारे पास ज्ञान है। हमारे पास औज़ार हैं। विज्ञान ने हमारा हाथ ऊपर रखा है।
इस क्रम में, उन्होंने देशों से 70 फ़ीसदी आबादी के टीकाकरण लक्ष्य को पूरा करने का आहवान किया है। उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्यकर्मियों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और गम्भीर संक्रमण का जोखिम झेल रहे व्यक्तियों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जानी होगी।







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