











































ऑनलाइन समीक्षा बैठक लेतीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन से किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की।
इस दौरान कुलाधिपति ने निर्देश दिये कि सभी निर्माण कार्यों का नियमित अनुश्रवण किया जाय, उचित होगा कि एक समिति का गठन कर दिया जाए, जो सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता की निगरानी करे तथा कुलपति भी समय-समय पर कार्यदायी संस्था के कायों की समीक्षा भी अनिवार्य रूप से करें और हर महीने के निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट राजभवन को भेजें।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि कार्यदायी एजेंसियां समय पर निर्माण कार्य को पूर्ण करें, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में रिक्त पदों के लिये निर्धारित नियुक्ति नियमावली का पालन करते हुये रोस्टर के अनुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुये नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा भर्ती विज्ञापनों में भी स्पष्ट रूप से नियुक्ति प्रक्रिया की शर्तों का उल्लेख किया जाय।
उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति के प्राविधानों को तैयार करके यथाशीघ्र लागू किया जाए। विश्वविद्यालयों में लम्बित उपाधियों एवं प्रमाण पत्रों को यथा शीघ्र छात्रों के पतों पर भेजना सुनिश्चत करें।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय में डिग्री और प्रमाण पत्र डिजिटल लाॅकर में रखने की व्यवस्था की जाए, इससे छात्रों को आसानी से डिग्री और प्रमाण पत्र प्राप्त हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि आवासीय परिसर एवं हास्टल में किसी भी दशा में अनाधिकृत व्यक्तियों का निवास नहीं होना चाहिये। संस्थान के जो विवाद न्यायालय में लम्बित चल रहे हैं, उनकी समीक्षा करने के साथ उनके शीघ्र निस्तारण हेतु आवश्यक कदम उठाये जाये।
विश्वविद्यालय में वित्तीय लेनदेन हेतु कम से कम खातों का संचालन किया जाए तथा अनुपयोगी खातों को शीघ्र अति शीघ्र बन्द कर दिया जाए, अत्यधिक खाते होने से वित्तीय अनियमितता की सम्भावना काफी अधिक होती है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने जो भी अग्रिम अपने कर्मचारियों को दिये, उनका समयबद्ध समायोजन तथा निस्तारण किया जाना चाहिए।
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने समस्त स्टाफ, छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों का शत प्रतिशत वैक्सीनेशन कराये। इसके साथ ही संस्थान में आने वाले मरीजों के तीमारदारों का भी कैम्प लगाकर वैक्सीनेशन कराने की व्यवस्था करें।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को गोद लेने का काम करें तथा उनकी समुचित देखभाल की व्यवस्था भी करें।
बैठक में उपस्थित मुख्य सचिव श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने भविष्य में प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों को डिग्री एवं प्रमाण पत्रों को पूरी तरह से आनलाइन करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही उन्होंने कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में चिकित्सा विश्वविद्यालयों को ई-हास्पिटल पर भी विचार करने केे लिए कहा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना,, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल श्री महेश कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री आलोक कुमार, के0जी0एम0यू0 के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डाॅ0 विपिन पुरी, अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ0 ए0के0 सिंह, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डा0 पंकज जानी, निर्माण एजेंसियों के प्रमुख सहित दोनों विश्वविद्यालयों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।







हुज़ैफ़ा अबरार June 30 2026 0 308
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4620
एस. के. राणा January 20 2026 0 4459
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4410
एस. के. राणा January 13 2026 0 4284
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4151
एस. के. राणा February 01 2026 0 3780
एस. के. राणा February 04 2026 0 3640
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86707
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34588
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37803
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35329
लेख विभाग March 19 2022 0 34874
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72245
भारत बायोटेक ने कहा कि सभी आपूर्ति के बाद कोवैक्सिन की औसत कीमत 250 रुपये प्रति खुराक से कम है। सरका
उपराज्यपाल ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली और मजबूत सामाजिक आर्थिक विकास के लिए जम्मू कश्मीर में क
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी एक अत्याधुनिक ब्लड बैंक के साथ एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक ह
भारत के दवा नियंत्रक ने भारत बायोटेक को नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन की बूस्टर खुराक के परीक्
चेहरे पर सूजन आना आम समस्या है। सूजन की ये समस्या समय के साथ खुद ही ठीक हो जाती है और अगर ये समस्या
फ्लू का संक्रमण 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मुश्किल पैदाकर सकता है। उन्हें फ्लू से बचाने का सबसे
केंद्र सरकार ने 14 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं पर रोक लगा दी है। ये दवाएं अब बाजार में नहीं मिलेंगी
केजीएमयू की डेंटल फैकल्टी से अब सभी विभागों के मरीजों के सैंपल की कैंसर जांच हो सकेगी। अभी तक ओरल पै
गर्मियों के तपते मौसम में गर्भस्थ और नवजात शिशुओं की देखभाल एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे गर्म मौसम मे
दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली के कैलाश दीपक अस्पताल, उत्तरी दिल्ली के एम.डी. सिटी अस्पताल और दक्षिणी

COMMENTS